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JAL Insolvency Row: जेपी एसोसिएट्स के लिए वेदांता की याचिका पर NCLAT में टली सुनवाई, जानिए पूरा मामला

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Mon, 13 Apr 2026 11:52 AM IST
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सार

जेपी एसोसिएट्स (जेएएल) के अधिग्रहण को लेकर अडानी और वेदांता समूह के बीच कानूनी विवाद की विस्तृत कवरेज पढ़ें। एनसीएलएटी की सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए क्लिक करें।

NCLAT adjourns hearing on Vedanta plea against selection of Adani's bid for JAL Adani Ent Vedanta Group
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock
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विस्तार

कर्ज में डूबी जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण को लेकर देश के दो बड़े कॉर्पोरेट घरानों के बीच कानूनी खींचतान जारी है। सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने खनन दिग्गज वेदांता समूह की उस याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसमें जेपी एसोसिएट्स के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की बोली के चयन को चुनौती दी गई थी। बेंच के एक सदस्य की अनुपस्थिति के कारण पीठ की संरचना में बदलाव हुआ, जिसके चलते न्यायाधिकरण को यह सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।

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अदाणी की 14,535 करोड़ रुपये की बोली और विवाद

यह पूरा विवाद जेपी एसोसिएट्स की दिवाला प्रक्रिया से जुड़ा है। इलाहाबाद स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 17 मार्च को एक आदेश पारित करते हुए जेएएल के अधिग्रहण के लिए अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह ने एनसीएलटी के इस फैसले का विरोध करते हुए एनसीएलएटी के समक्ष दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अपनी अपीलों के माध्यम से वेदांता ने अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की बोली के चयन पर सवाल उठाए हैं।

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न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट का रुख

कानूनी मोर्चे पर वेदांता को शुरुआती स्तर पर कोई त्वरित राहत नहीं मिली है। एनसीएलएटी ने 24 मार्च को अपने फैसले में एनसीएलटी द्वारा पारित आदेश पर किसी भी प्रकार की अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। अपीलीय न्यायाधिकरण के इस अंतरिम आदेश को बाद में देश के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी अधिग्रहण की प्रक्रिया पर रोक लगाने से मना कर दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह सख्त निर्देश दिया है कि यदि अधिग्रहण से जुड़ी निगरानी समिति कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेना चाहती है, तो उसे सबसे पहले न्यायाधिकरण की मंजूरी प्राप्त करनी होगी।

भविष्य का दृष्टिकोण

इस दिवाला प्रक्रिया का अंतिम निर्णय अभी कानूनी कसौटी पर है। एनसीएलएटी जल्द ही इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगा। हालांकि अदाणी एंटरप्राइजेज को अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जेपी एसोसिएट्स की यह समाधान योजना वेदांता समूह की ओर से दायर अपीलों के अंतिम परिणाम के अधीन रहेगी। बाजार और निवेशकों की नजर अब अपीलीय न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

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