Reliance Q1 Results: रिलायंस के मुनाफे में 22% की भारी गिरावट, लेकिन राजस्व में 25% का उछाल; जानें क्या कारण
रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने पहली तिमाही में ₹20,946 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 22% कम है। जानिए मुनाफे में इस गिरावट की असली वजह और रेवेन्यू में दर्ज की गई मजबूत बढ़ोतरी की पूरी कहानी।
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मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। इन नतीजों के अनुसार, जून तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, रेवेन्यू यानी राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
शुद्ध लाभ में 22% की गिरावट की क्या है असली वजह?
पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल की समान अवधि (जून तिमाही) की तुलना में यह एक बड़ी गिरावट है।
कंपनी के मुनाफे में आई यह गिरावट उसके मुख्य व्यवसाय में किसी कमजोरी की वजह से नहीं है। इसका मुख्य कारण एक असाधारण मद का बेस इफेक्ट है । दरअसल, पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (समान अवधि) में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बेची थी, जिससे कंपनी को बड़ा असाधारण लाभ हुआ था। इस बार वह असाधारण लाभ न होने के कारण मुनाफे का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले कम नजर आ रहा है।
राजस्व के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?
भले ही असाधारण मद के चलते कंपनी के शुद्ध लाभ में गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन कंपनी का राजस्व बेहद मजबूत रहा है। पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के राजस्व में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत (सालाना आधार पर) की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्व में यह दहाई अंक की वृद्धि दर्शाती है कि कंपनी के प्रमुख व्यवसायों की मांग और परिचालन प्रदर्शन में मजबूत पकड़ बनी हुई है।
क्या हैं इस तिमाही के मुख्य निष्कर्ष?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पहली तिमाही के परिणाम मुख्य रूप से दो विपरीत तस्वीरों को दर्शाते हैं:
- कंपनी का शुद्ध लाभ असाधारण आधार प्रभाव के कारण 22% घटकर ₹20,946 करोड़ रह गया है।
- कंपनी का राजस्व मजबूत मांग के दम पर सालाना आधार पर 25% बढ़ा है।
- मुनाफे में आई गिरावट का सीधा संबंध पिछले साल की समान अवधि में एशियन पेंट्स के शेयरों की बिक्री से प्राप्त हुई राशि से है।