युद्ध का असर: यूक्रेन पर हमले के बाद प्रतिबंधों की बौछार, इन कंपनियों ने रूस से किया किनारा, देखें पूरी लिस्ट
जहां एक ओर रूसी हमले से यूक्रेन के शहर के शहर तबाह हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले के फैसले के खिलाफ रूस पर प्रतिबंधों की बौछार हो रही है। इन सबके चलते दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रूस से अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है।
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कहते हैं दो देशों के बीच युद्ध से नुकसान दोनों का ही होता है। भले ही कोई जीते और कोई हारे। कुछ ऐसा ही दिख रहा है १२ दिनों से जारी रूस और यूक्रेन की संघर्ष के दौरान। जहां एक ओर रूसी हमले से यूक्रेन के शहर के शहर तबाह हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले के फैसले के खिलाफ रूस पर प्रतिबंधों की बौछार हो रही है। इन सबके चलते दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रूस से अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे दोनों देशों के बीच युद्ध आगे बढ़ता जा रहा है, रूस से किनारा करने वाली कंपनियों की सूची भी लंबी होती जा रही है।
रूस की बढ़ रही चिंता
जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले का एलान किया, उसी समय से पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यूरोपियन यूनियन ने रूस के सात बड़े बैंक को स्विफ्ट से बाहर का रास्ता दिखाया, तो एपल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट समेत दुनियाभर की कंपनियों ने हमले को गलत ठहराते हुए देश में अपनी सेवाएं रोक दीं। हाल ही में नेटफ्लिक्स, टिकटॉक और सैमसंग जैसी कंपनियां भी इस सूची में शामिल हो गई हैं। रूस के साथ इस तरह बड़ी कंपनियों का रिश्ता तोड़ना आने वाले समय में देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बता दें कि ये कंपनियां तेल और गैस, टेक्नोलॉजी, मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं।
तेल और गैस कंपनियां
रूस पर प्रतिबंधों के चलते तेल और गैस क्षेत्र की बड़ी कंपनियों ने देश से बाहर निकलने का रास्ता चुना। बीपी पीएलसी को अब तक रूस का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक माना जाता था। पेट्रोलियम और गैस के मामले में दुनिया भर में प्रतिष्ठित इस कंपनी ने सरकार द्वारा संचालित रोसनेफ्ट कंपनी में अपना 25 अरब डॉलर का हिस्सा छोड़ दिया, जो कि रोसनेफ्ट के कुल मूल्य का 20 फीसदी है। बीपी के निर्णय के बाद शेल ने भी रूस को बाय-बाय कह दिया। यही नहीं नॉर्वे की एनर्जी कंपनी एक्विनॉर ने भी बीपी और शेल की राह चुनी रूस से अपना व्यापार निकालना शुरू कर कर दिया।
टेक कंपनियां
युक्रेन पर हमले के बाद टेक कंपिनयों ने भी रूस में एक के बाद एक अपनी सेवाओं को निलंबित करने का कदम उठाया। इस मामले में सबसे अव्व्ल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एपल रही। उसने रूस में अपने सभी प्रोडक्ट की बिक्री को बंद कर दिया। साथ ही कंपनी ने देश में अपना एप स्टोर और एपल मैप्स पर अपडेट भी बंद कर दिए। यही नहीं रूस के बाहर एपल ने एप स्टोर से रूसी एप्स आरटी और स्पूतनिक को हटा दिया। एपल के बाद सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने मैप्स एप पर यूक्रेन में पब्लिक सेफ्टी के लिए लाइव ट्रैफिक डाटा और बिजी-नेस लेयर को बंद कर दिया है। बिल गेट्स की माइक्रोसॉफ्ट ने भी विंडोज एप स्टोर से रूस के आरटी एप को हटाया। वहीं जकरबर्ग की फेसबुक ने रूसी स्टेट मीडिया लिए एडवर्टाइजिंग बंद कर दी। मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस से भी रूस की कंपनियों को बैन कर दिया गया।
वित्तीय संस्थान
रूस पर करारी चोट करते हुए यूरोपीय यूनियन ने देश के सात बैंक को स्विफ्ट से बाहर कर दिया। इसके अलावा ब्रिटिश बैंक एचएसबीसी ने रूस में अपने जितने भी संयुक्त व्यवसाय थे, उन्हें समेटना शुरू कर दिया, यह रूस के दूसरे सबसे बड़े बैंक वीटीबी के साथ साझेदारी में था। भारतीय बैंक एसबीआई ने रूस में सेवाएं रोक दीं। यही नहीं इसी क्रम में वीजा और मास्टरकार्ड ने भी कड़े कदम उठाते हुए वहां से अपनी सभी सेवाओं को निलंबित करने का फैसला लिया है। वीजा ने शनिवार को कहा कि रूस में तत्काल प्रभाव से हम अपनी सेवा बंद कर रहे हैं। मास्टरकार्ड ने कहा कि रूसी बैंकों द्वारा जारी किए गए कार्ड अब उसके नेटवर्क द्वारा काम नहीं होंगे और देश के बाहर जारी किया गया कोई भी कार्ड रूसी स्टोर या एटीएम पर काम नहीं करेगा।
ऑटोमोबाइल-एयरलाइंस
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमले के फैसले के बाद एक हफ्ते के भीतर ही रूस से ऑटोमोबाइल कंपनियों के निकलने की रेस लग गई। दुनिया के अधिकांश सबसे बड़े कार निर्माताओं ने घोषणा की कि वे रूस या देश में निष्क्रिय संयंत्रों को शिपमेंट रोक देंगे। ट्रक निर्माता वॉल्वो एबी और डेमलर ट्रक होल्डिंग एजी ने भी वहां कारोबारी गतिविधियां ठप कर दीं। जनरल मोटर्स, वॉल्वो और वोक्सवैगन ने भी रूसी कार डीलर को गाड़ी भेजना बंद कर दिया। फोर्ड की तीन रूसी प्लांट्स में 50 फीसदी हिस्सेदारी है, वो भी सावधानी पूर्वक अगला कदम उठाने का मन बना चुकी है। इसके अलावा बोइंग और एयरबस ने भी रूस में अपने परिचालन पर रोक लगाने का निर्णय किया है।
मीडिया-एंटरटेनमेंट कंपनियां
नेटफ्लिक्स इंक रूस में अपना परिचालन बंद कर रहा है और बयान जारी कर कहा है कि कोई भी नया ग्राहक साइन अप नहीं कर पाएगा। इसके अलावा वॉल्ट डिज्नी कंपनी, पैरामाउंट पिक्चर्स, सोनी कॉर्प और एटी एंड टी इंक के वार्नरमीडिया और कॉमकास्ट कॉर्प के यूनिवर्सल पिक्चर्स सहित हॉलीवुड स्टूडियो ने भी रूस में फिल्मों की रिलीज को रोक या स्थगित कर दिया है। टिकटॉक सहित अन्य शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। टिकटॉक ने एलान किया है कि हमारे पास इन हालात में लाइव स्ट्रीमिंग और हमारी वीडियो सेवा में नई सामग्री को निलंबित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसके अलावा यूट्यूब ने भी अपनी सेवाएं रोकी हैं।
उपभोक्ता वस्तुओं
लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी, जिसकी जींस सोवियत संघ में एक प्रतिष्ठित ब्लैक-मार्केट आइटम थी, रूस में वाणिज्यिक संचालन को निलंबित कर रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग, रूस में अग्रणी स्मार्टफोन विक्रेता, जिसके पास 30 फीसदी से अधिक बाजार है, ने अपने सभी उत्पादों के देश में निर्यात को निलंबित कर दिया है। नाइकी और एडिडास जैसे बड़े ब्रांड ने अपने उपभोक्ता सामानों की बिक्री के निलंबित कर दिया है।