फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   S&P Projects ONGC FY27 EBITDA to Surge 15-20% to Rs 1.4 Lakh Crore on Upstream Strength & Downstream Recovery

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग: वित्त वर्ष 2027 में ओएनजीसी का एबिटडा 20% उछलने का अनुमान, जानिए कहां से हो रही कमाई

Mon, 26 Oct 2026 05:17 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 26 Oct 2026 05:17 PM IST
सार

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, क्रूड की ऊंची कीमतों और डाउनस्ट्रीम कारोबार में सुधार से वित्त वर्ष 2026-27 में ओएनजीसी का कंसोलिडेटेड एबिटडा 15-20% बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ पहुंच सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें।

विज्ञापन
S&P Projects ONGC FY27 EBITDA to Surge 15-20% to Rs 1.4 Lakh Crore on Upstream Strength & Downstream Recovery
ओएनजीसी पर ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी का अनुमान। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सार्वजनिक क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी तेल व गैस उत्पादक कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) अगले छह से नौ महीनों में एक मजबूत ऑपरेटिंग रिकवरी दर्ज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोर ऑयल एंड गैस प्रोडक्शन बिजनेस (अपस्ट्रीम) से ऊंची कमाई और डाउनस्ट्रीम रिफाइनिंग कारोबार में आए यू-टर्न के दम पर कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन तेजी से सुधरेगा। एजेंसी का अनुमान है कि मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष (FY27) में ओएनजीसी का समेकित ईबीआईटीडीए 15 से 20 प्रतिशत बढ़कर ₹1.3 लाख करोड़ से ₹1.4 लाख करोड़ के दायरे में पहुंच सकता है।

विज्ञापन

ओएनजीसी की कमाई कहां से बढ़ रही?

कंपनी की कुल कमाई में अपस्ट्रीम (तेल व गैस उत्खनन) कारोबार का दबदबा बना रहेगा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से सीधा फायदा मिल रहा है। एसएंडपी का अनुमान है कि चालू वर्ष 2026 के शेष समय में ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 95 डॉलर प्रति बैरल रहेगा, जिसके बाद 2027 में यह घटकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ सकता है।

विज्ञापन

कमाई के मुख्य आंकड़े क्या कह रहे?

  • त्रैमासिक उत्पादन: कंपनी द्वारा प्रति तिमाही लगभग 10 मिलियन टन (73.5 मिलियन बैरल) घरेलू तेल और गैस उत्पादन बनाए रखने की उम्मीद है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • त्रैमासिक एबिटडा: इस स्थिर उत्पादन के बल पर ओएनजीसी को हर तिमाही ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का ईबीआईटीडीए हासिल होगा।
  • कच्चे तेल का प्रभाव: 2026 में 95 डॉलर प्रति बैरल की औसत क्रूड दरें कंपनी के एक्सप्लोरेशन एवं प्रोडक्शन (E&P) आय को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगी।

घाटे से उबरकर रिफाइनिंग कारोबार ने कैसे पलटी बाजी?

ओएनजीसी के लिए दूसरा बड़ा ग्रोथ लीवर इसका डाउनस्ट्रीम यानी रिफाइनिंग कारोबार बनकर उभरा है। जून तिमाही में रिफाइनिंग सब्सिडियरीज के भारी घाटे ने पूरे ग्रुप के नतीजों को प्रभावित किया था, लेकिन सितंबर तिमाही में इसमें शानदार बदलाव देखा गया है।

डाउनस्ट्रीम कंपनियों के प्रदर्शन और सुधार के मुख्य कारण:

  • सितंबर तिमाही में यू-टर्न: ओएनजीसी की अनुषंगी कंपनियों- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल)- ने 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में ₹12,000 करोड़ का संयुक्त एबिटडा दर्ज किया, जबकि पहली (जून) तिमाही में इन्हें करीब ₹17,500 करोड़ का नकारात्मक एबिटडा हुआ था।
  • पश्चिम एशिया तनाव का असर समाप्त: जून तिमाही का प्रदर्शन पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसने एनर्जी सप्लाई चेन और लागत को बढ़ा दिया था।
  • एचपीसीएल को मिला दोहरा लाभ: एचपीसीएल को रिफाइंड ईंधन की बिक्री कीमतों में बढ़ोतरी और मार्च 2026 से ईंधन बिक्री पर एक्साइज ड्यूटी में हुई कटौती का सीधा फायदा मिल रहा है।
  • वित्त वर्ष 2027 का आउटलुक: एसएंडपी का अनुमान है कि रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार के दम पर वित्त वर्ष 2027 में डाउनस्ट्रीम एबिटडा ₹17,000 करोड़ (कुल समेकित ईबीआईटीडीए का लगभग 13%) रहेगा।

क्रेडिट प्रोफाइल और ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर इसका क्या असर होगा?

ओएनजीसी के क्रेडिट मेट्रिक्स में मजबूती आने की संभावना है। कंपनी का फंड्स फ्रॉम ऑपरेशंस (FFO)-टू-डेब्ट रेशियो अगले 12 से 24 महीनों में सुधरकर 60 प्रतिशत के आसपास पहुंच सकता है। यह आंकड़ा एसएंडपी के 'BBB+' स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल के 40 प्रतिशत के थ्रेशोल्ड से काफी ऊपर है और कंपनी को एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि, ओएनजीसी की अंतिम क्रेडिट रेटिंग भारत की सोवरेन क्रेडिट रेटिंग (BBB/Stable/A-2) की सीमा में बंधी रहेगी। दूसरी ओर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों के कारण कैश फ्लो पर थोड़ा दबाव दिख सकता है:

  • कैश फ्लो में गिरावट का अनुमान: समेकित ऑपरेटिंग कैश फ्लो वित्त वर्ष 2026 के ₹1.1 लाख करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 2027 में ₹75,000 करोड़ से ₹80,000 करोड़ रहने का अनुमान है।
  • मुख्य वजह: कच्चे तेल और ईंधन की ऊंची कीमतों के चलते, विशेष रूप से डाउनस्ट्रीम सेगमेंट में वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताएं काफी बढ़ गई हैं।

एसएंडपी की यह रिपोर्ट बताती है कि ओएनजीसी का कोर बिजनेस मजबूत बुनियाद पर खड़ा है। यद्यपि वर्किंग कैपिटल की अधिक आवश्यकता से ऑपरेटिंग कैश फ्लो थोड़ा प्रभावित होगा, लेकिन अपस्ट्रीम में क्रूड की ऊंची कीमतों और एचपीसीएल-एमआरपीएल की रिफाइनिंग रिकवरी के तालमेल से कंपनी का एबिटडा वित्त वर्ष 2027 में नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की ओर अग्रसर है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed