द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में बढ़त; शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 215 अंक चढ़ा, निफ्टी 23200 के नीचे
16 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत हुई। सेंसेक्स 200 से अधिक अंक चढ़ा, निफ्टी 23,150 के पार। कोटक बैंक और टीसीएस शीर्ष लाभ वाले शेयरों में रहे।
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पिछले सत्र में भारी नुकसान के बाद बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया। वैल्यू बाइंग के कारण प्रमुख सूचकांकों में यह सुधार देखा गया। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 244.02 अंक चढ़कर 74,293.25 पर पहुंच गया। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 77.20 अंक बढ़कर 23,201.85 पर कारोबार कर रहा था। महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, आईटीसी और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख लाभ पाने वाले रहे। इंटरग्लोब एविएशन, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इटरनल पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 108.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एशियाई बाजार सकारात्मक दायरे में थे, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 फीसदी) गिरकर 74,003.82 के तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 279.50 अंक (1.19 फीसदी) गिरकर 23,118.60 पर समाप्त हुआ, जो 6 अप्रैल के बाद का सबसे निचला बंद स्तर था।
बाजार में सुधार क्यों है नाजुक?
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने बताया कि बाजार में सुधार नाजुक रह सकता है। ब्रेंट क्रूड का भाव 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। इसके साथ ही वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि जोखिम लेने की क्षमता पर लगातार दबाव डाल रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 2,977.86 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी।
फेडरल रिजर्व का फैसला क्या असर डालेगा?
राधाकृष्णन के अनुसार, फेडरल रिजर्व का आज रात का नीतिगत फैसला बाजार की चाल पर असर डालेगा। चौथाई फीसदी ब्याज दर वृद्धि व्यापक रूप से अपेक्षित है। बाजार की दिशा फेड के आगे की सख्ती के दृष्टिकोण पर निर्भर करेगी। आक्रामक टिप्पणी डॉलर को मजबूत कर वैश्विक इक्विटी, रुपये व विदेशी प्रवाह पर दबाव डाल सकती है। संतुलित मार्गदर्शन राहत रैली का समर्थन कर सकता है।