द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स चढ़ा, निफ्टी गिरा; विदेशी बिकवाली जारी
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मिलाजुला रुख रहा। सेंसेक्स में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निफ्टी में गिरावट आई। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के रुझान को प्रभावित किया। कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की कमजोरी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
विस्तार
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
सेंसेक्स 90.53 अंक बढ़कर 72,619.60 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 20.50 अंक गिरकर 22,695.70 पर कारोबार करता दिखा। प्रमुख कंपनियों में टीसीएस के शेयर एक फीसदी ऊपर चढ़े। जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में दो फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को निफ्टी 211 अंक तक गिरा था। हालांकि, दिन के निचले स्तर से 0.6 फीसदी की रिकवरी के साथ यह 22,716 पर बंद हुआ था। विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय इक्विटी बाजार अब कंसोलिडेशन के चरण में प्रवेश करेगा। यह छह महीने के निचले स्तर और लगातार आठवें साप्ताहिक नुकसान के बाद हो रहा है, जो 2020 के बाद की सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है।
बाजार के रुझान को क्या प्रभावित कर रहा है?
बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है। यह बाजार की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी एक प्रमुख कारण हैं। भारतीय रुपया भी दो महीने के निचले स्तर के करीब मंडरा रहा है। ये सभी कारक मिलकर बाजार में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?
वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित रुझान देखने को मिला। टोक्यो समय अनुसार सुबह 10:52 बजे तक S&P 500 वायदा 0.2 फीसदी बढ़ा। जापान का टॉपिक्स 0.6 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 0.7 फीसदी ऊपर रहा। हांगकांग का हेंग सेंग 0.4 फीसदी गिरा, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.4 फीसदी बढ़ा। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में 0.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।