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Explainer: ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो साम्राज्य से कमा लिए 2.3 अरब डॉलर; पर लाखों निवेशक कंगाल, ये है पूरी कहानी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 10 Jun 2026 05:52 PM IST
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सार

एक तरफ क्रिप्टो निवेशकों की गाढ़ी कमाई छू मंतर हो रही थी तो दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार के लोगों ने क्रिप्टो के जरिए 2.3 अरब डॉलर का मुनाफा कमा लिया। इस बिजनेस न्यूज एक्सप्लेनर में जानिए कैसे 'ट्रंप ब्रांड' के झांसे ने लाखों निवेशकों को दिवालिया कर दिया। अभी पढ़ें पूरी सच्चाई।

The Trump Crypto Empire: How the Family Made $2.3 Billion Risk-Free While Millions of Investors Went Bankrupt
डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो विवाद - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

हाल ही में एक बड़ी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट सामने आई है, जिसने अमेरिका के राजनीतिक और वैश्विक वित्तीय जगत में भारी हलचल मचा दी है। कभी क्रिप्टोकरेंसी को घोटाला कहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार ने एक ऐसा क्रिप्टो साम्राज्य खड़ा किया है, जिसने उन्हें बिना किसी बड़े वित्तीय जोखिम के 2.3 अरब डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) का बंपर मुनाफा दिया है। लेकिन इस सफलता की कहानी का एक स्याह पहलू भी है; ठीक इसी दौरान 10 लाख से ज्यादा आम निवेशकों को करीब 2.3 अरब डॉलर का ही भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रॉयटर्स ने ब्लॉकचेन डेटा, कॉर्पोरेट फाइलिंग और दर्जनों विशेषज्ञों के इंटरव्यू के आधार पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट में प्रमोटर (ट्रंप परिवार) के बेतहाशा मुनाफे और निवेशकों के जोखिम के बीच की भयानक खाई को उजागर किया है।



आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह पूरा खेल कैसे रचा गया और कैसे आम निवेशकों के पैसे इस 'ट्रंप ब्रांड' की भेंट चढ़ गए।

डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो साम्राज्य क्या है और उन्होंने इससे कुल कितना पैसा कमा लिया है?

डोनाल्ड ट्रंप का यह नया 'क्रिप्टो साम्राज्य' उनके और उनके परिवार (मुख्य रूप से उनके बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप) की ओर से समर्थित कई डिजिटल एसेट परियोजनाओं का एक नेटवर्क है। रॉयटर्स की जांच रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंत तक ट्रंप परिवार ने अपने चार मुख्य क्रिप्टो परियोजनाओं से लगभग 2.3 अरब डॉलर की मोटी कमाई की है। इस साम्राज्य के तहत मुख्य रूप से एक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोजेक्ट, एक मीम कॉइन ($TRUMP) और नैस्डैक (शेयर बाजार) पर लिस्टेड दो क्रिप्टो व्यवसाय शामिल हैं। इन सबसे ट्रंप परिवार ने टोकन बिक्री, कंपनी में बिना पैसे लगाए मिली हिस्सेदारी और अपने नाम के इस्तेमाल (लाइसेंसिंग) से अरबों का लाभ कमाया है।

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The Trump Crypto Empire: How the Family Made $2.3 Billion Risk-Free While Millions of Investors Went Bankrupt
ट्रंप का क्रिप्टो विवाद - फोटो : amarujala.com

ट्रंप परिवार के इतने बड़े मुनाफे के बीच लाखों आम निवेशकों का कितना नुकसान हुआ?

आंकड़े इस पूरे घटनाक्रम की सबसे दर्दनाक तस्वीर पेश करते हैं। जिस दौरान ट्रंप परिवार 2.3 अरब डॉलर का भारी मुनाफा अपने खातों में जमा कर रहा था, उसी समय 10 लाख से अधिक आम निवेशक इस बाजार में अपनी पूंजी गंवा रहे थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक इन निवेशकों को कुल मिलाकर 2.3 अरब डॉलर का नुकसान (पेपर लॉस सहित) हुआ है। ट्रंप परिवार ने तो अपना पैसा सुरक्षित कर लिया, लेकिन आम निवेशक ऐसे डिजिटल एसेट्स (टोकन और शेयर) लेकर बैठे रह गए जिनकी बाजार में कीमत औंधे मुंह गिर चुकी थी। 

कभी क्रिप्टोकरेंसी को घोटाला बताने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक अपना रुख क्यों बदला?

एक समय था जब डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक तौर पर बिटकॉइन और अन्य डिजिटल करेंसी की कड़ी आलोचना करते थे और इसे एक 'स्कैम' (घोटाला) मानते थे। हालांकि, साल 2024 के मध्य से उनके रुख में नाटकीय बदलाव आया। साल 2025 में व्हाइट हाउस में अपनी वापसी के लिए चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने अचानक से क्रिप्टो सेक्टर को अपना समर्थन दे दिया और अमेरिका को इस ग्रह की क्रिप्टो राजधानी बनाने का बड़ा चुनावी वादा कर डाला। उनके इस राजनीतिक समर्थन और उनके वैश्विक ब्रांड वैल्यू ने मिलकर लाखों समर्थकों और सट्टेबाजों को उनके नाम से जुड़े क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए आकर्षित किया।

The Trump Crypto Empire: How the Family Made $2.3 Billion Risk-Free While Millions of Investors Went Bankrupt
डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया ट्रंप। - फोटो : एएनआई (फाइल)

ट्रंप परिवार ने बिना बड़ा निवेश किए कैसे खड़ा किया अपना अरबों का क्रिप्टो साम्राज्य?

व्यापार की दुनिया में डोनाल्ड ट्रंप वर्षों से पैसे कमाने की एक बहुत ही साधारण प्लेबुक (रणनीति) अपनाते आए हैं: वह किसी उत्पाद या कंपनी को अपना नाम उधार देते हैं, उसमें अपना बहुत कम या बिल्कुल पैसा निवेश नहीं करते, उसका जमकर प्रचार करते हैं और फिर मुनाफे की प्रतीक्षा करते हैं। उन्होंने क्रिप्टो की दुनिया में भी ठीक यही खाका लागू किया। जानकारों के मुताबिक, उनके सबसे बड़े प्रोजेक्ट वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल और $TRUMP मीम कॉइन को शुरू करने का खर्च 10 लाख डॉलर से भी कम (शायद नगण्य) रहा होगा, क्योंकि संभव है कि डेवलपर्स को नकद के बजाय टोकन में ही भुगतान कर दिया गया हो। इसके अलावा, नैस्डैक-लिस्टेड जिन कंपनियों में उन्हें हिस्सेदारी मिली, उसके लिए भी ट्रंप परिवार ने अपनी जेब से कोई नकद निवेश नहीं किया था।

वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLFI) प्रोजेक्ट क्या है और इससे ट्रंप परिवार को कैसे फायदा हुआ?

'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' ट्रंप और उनके बेटों की ओर से शुरू किया गया एक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस प्लेटफॉर्म है, जो इस क्रिप्टो साम्राज्य से सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला प्रोजेक्ट बना। इस प्रोजेक्ट ने 30 बिलियन (3000 करोड़) गवर्नेंस टोकन (WLFI) बेचकर 1.4 अरब डॉलर की भारी भरकम रकम जुटाई। इस बिक्री से ट्रंप परिवार को लगभग 987 मिलियन डॉलर का सीधा लाभ हुआ। यह कमाई टोकन बिक्री से मिलने वाले 75% हिस्सेदारी के उनके समझौते के साथ-साथ, ट्रंप-समर्थित कंपनी ALT5 सिग्मा की ओर से 538 मिलियन डॉलर के टोकन खरीदे जाने से हुई थी। कुल मिलाकर, इस एक प्रोजेक्ट से ट्रंप परिवार को 1.4 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई होने का अनुमान है।

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ट्रंप का क्रिप्टो विवाद - फोटो : amarujala.com

वर्ल्ड लिबर्टी प्रोजेक्ट का 'थ्री बिलियन एक्स्ट्रा टोकन' का विवाद क्या है, जिसने कमाई और बढ़ा दी?

इस पूरे प्रकरण में 300 करोड़ (3 बिलियन) अतिरिक्त टोकन की बिक्री का एक बड़ा रहस्य भी सामने आया है। अक्तूबर 2025 में यूरोपीय नियमों के तहत एक फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसके पास पहले बताए गए आंकड़ों से तीन बिलियन टोकन कम हैं। कंपनी ने पहले दावा किया था कि ये टोकन मांग पूरी करने के लिए रिजर्व रखे गए हैं, लेकिन उनके बेचे जाने का खुलासा नहीं किया गया था। ड्यूक यूनिवर्सिटी के वित्त प्रोफेसर कैंपबेल हार्वे ने स्पष्ट कहा कि टोकन बिक्री बहुत बड़ी है, ऐसा लगता है कि अंदरूनी लोग माल डंप कर रहे थे। रॉयटर्स की गणना के अनुसार, इन तीन बिलियन टोकन की गुप्त बिक्री से ट्रंप परिवार ने कम से कम 46 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त कमाई की।

वर्ल्ड लिबर्टी के आम निवेशकों को इतना भारी नुकसान क्यों उठाना पड़ा?

एक तरफ जहां कंपनी करोड़ों डॉलर बना रही थी, वहीं निवेशकों को वर्ल्ड लिबर्टी गवर्नेंस टोकन (डब्ल्यूएलएफआई) से कंपनी के मुनाफे में कोई हिस्सेदारी नहीं मिली। जिन शुरुआती खरीदारों ने 1.5 सेंट या 5 सेंट में ये टोकन खरीदे थे, उन पर एक बड़ी पाबंदी लगा दी गई थी- वे अपने टोकन का केवल 20% ही बेच सकते थे, शेष 80% टोकन को लॉक (फ्रीज) कर दिया गया था। अकाउंटिंग नियमों के अनुसार, ऐसे नॉन-ट्रांसफरेबल (जिसे बेचा न जा सके) एसेट की वर्तमान वैल्यू शून्य मानी जाती है। बाजार में टोकन की कीमत गिरने और टोकन लॉक होने के कारण वर्ल्ड लिबर्टी के निवेशकों को लगभग 674 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा।

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डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो विवाद। - फोटो : amarujala.com

$TRUMP मीम कॉइन क्या है और इसमें छोटे निवेशकों के पैसे कैसे डूबे?

ट्रंप के नाम का फायदा उठाने वाला एक और बड़ा प्रयोग $TRUMP मीम कॉइन था। अमेरिका के राष्ट्रपति के नाम वाले इस कॉइन को खरीदने के लिए बाजार में ऐसी होड़ मची कि इसकी कीमत 75.35 डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। लेकिन बाद में इस कॉइन में भारी गिरावट आई और 30 अप्रैल तक इसकी कीमत गिरकर मात्र 2.38 डॉलर रह गई। इस क्रैश से लाखों छोटे खुदरा निवेशकों को 70 करोड़ डॉलर से अधिक का घाटा हुआ। उदाहरण के लिए, कैलिफोर्निया की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ट्रंप से जुड़े प्रचार को देखकर लगभग 2,000 डॉलर लगाए थे, जो बाद में घटकर 120 डॉलर से भी कम रह गए। वहीं दूसरी ओर, ट्रंप परिवार ने इस मीम कॉइन की बिक्री से 61.6 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई कर ली।

शेयर बाजार से जुड़ी किन ट्रंप समर्थित क्रिप्टो कंपनियों ने निवेशकों की पूंजी साफ कर दी?

डिजिटल टोकन के अलावा ट्रंप का क्रिप्टो साम्राज्य नैस्डैक शेयर बाजार तक भी फैला हुआ था। निवेशकों को शेयर बाजार के माध्यम से क्रिप्टो बूम का हिस्सा बनने का लालच देकर 'अमेरिकन बिटकॉइन' और 'ALT5 सिग्मा' (अब एआई फाइनेंशियल कॉर्प) जैसी कंपनियों का भारी प्रचार किया गया। अगस्त 2025 से अप्रैल के अंत तक, ALT5 के शेयर की कीमत नौ डॉलर से लुढ़क कर 75 सेंट पर आ गई, जिससे इसके निवेशकों के 67.5 करोड़ डॉलर डूब गए। इसी तरह, अमेरिकन बिटकॉइन के शेयर 11 डॉलर से गिरकर 1.15 डॉलर पर आ गए, जिससे निवेशकों को 20 करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। इन कंपनियों में ट्रंप और उनके बेटों को बिना कोई नकद निवेश किए करोड़ों की हिस्सेदारी मिली थी।

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ट्रंप का क्रिप्टो विवाद - फोटो : amarujala.com

आम निवेशकों ने बिना सोचे-समझे ट्रंप के इन जोखिम भरे प्रोजेक्ट्स में पैसा क्यों लगाया?

विशेषज्ञों का मानना है कि आम निवेशक वास्तव में सिर्फ एक क्रिप्टोकरेंसी नहीं खरीद रहे थे, बल्कि वे ट्रंप ब्रांड को खरीद रहे थे। कई समर्थकों को लगा कि सत्ता में ट्रंप की वापसी और उनका क्रिप्टो-समर्थक रवैया इन परियोजनाओं को सफल बनाएगा। कुछ लोगों को उम्मीद थी कि एक मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम के जुड़ने से उनके निवेश को वह विश्वसनीयता और सुरक्षा मिलेगी, जो आमतौर पर अन्य क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स में नदारद होती है। हालांकि, उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि ट्रंप संगठन ने अपना व्यावसायिक ढांचा इस तरह से डिजाइन किया था कि एसेट्स के डूबने पर भी परिवार को भारी मुनाफे की गारंटी थी।

क्या एक मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के इन वित्तीय सौदों में कुछ गैरकानूनी था?

आम निवेशकों की भारी बर्बादी के बावजूद, रॉयटर्स की जांच में ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला है जो यह साबित कर सके कि ट्रंप ने क्रिप्टो उद्यमों से व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी राष्ट्रपति पद की शक्तियों का अवैध इस्तेमाल किया है। कानूनी और नैतिकता से जुड़े विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि ट्रंप के ये व्यवसाय मौजूदा कानूनों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने एक मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार के निजी वित्तीय हितों और तेजी से बढ़ते अस्थिर क्रिप्टो कारोबार के बीच इस असामान्य टकराव को लेकर गहरी नैतिक चिंताएं जरूर व्यक्त की हैं।

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ट्रंप का क्रिप्टो विवाद - फोटो : amarujala.com

ट्रंप के क्रिप्टो प्लेबुक से भविष्य के आम निवेशकों को क्या बड़ी सीख मिलती है?

यह पूरी रिपोर्ट सेलिब्रिटी-समर्थित क्रिप्टोकरेंसी व्यवसायों के एक नए और खतरनाक मॉडल को दुनिया के सामने रखती है। इस मॉडल में निर्माता और प्रमोटर शुरुआती ओनरशिप और टोकन की अंधाधुंध बिक्री के जरिए करोड़ों-अरबों कमा लेते हैं, जबकि बाजार के उतार-चढ़ाव और नुकसान का सारा बोझ बाद में आने वाले आम निवेशकों के कंधों पर आ गिरता है। इस विवाद पर पूर्व अमेरिकी वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने भी कहा कि "यदि लोग कोई ऐसी चीज खरीदते हैं जो सट्टेबाजी है, तो उन्हें इसके जोखिम के बारे में पता होना चाहिए"। 

ट्रंप परिवार के इस कारोबारी कदम के परिणाम बिल्कुल स्पष्ट हैं। जहां एक ओर परिवार ने बिना कुछ गंवाए 2.3 अरब डॉलर कमा लिए, वहीं उनके पीछे चलने वाले आम निवेशकों के 2.3 अरब डॉलर डूब गए। ट्रंप परिवार के लिए भले ही यह उनके इतिहास का सबसे लाभदायक व्यापारिक सौदा बन गया हो, लेकिन 'ट्रंप-समर्थित डिजिटल साम्राज्य' का सपना देखने वाले आम निवेशकों के लिए यह एक बहुत बड़ा दुःस्वप्न साबित हुआ है।

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