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त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका: तांबा-एल्यूमीनियम में उछाल, एसी-फ्रिज से स्मार्टफोन तक बढ़ सकते हैं दाम
Fri, 07 Aug 2026 04:26 AM IST
शिवम गर्ग
बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 07 Aug 2026 04:26 AM IST
सार
त्योहारी सीजन से पहले तांबा, एल्यूमीनियम, जिंक और टिन जैसी धातुओं की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, स्मार्टफोन, बर्तनों और वाहनों की कीमतों पर पड़ सकता है।
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महंगाई की मार।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
आगामी त्योहारी सीजन में अगर आप नया टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन या नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और आपूर्ति संकट के चलते तांबा, एल्युमीनियम, जिंक और निकल जैसी औद्योगिक धातुओं की कीमतें तेज रफ्तार से बढ़ी हैं।
लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे का तीन महीने का औसत भाव 1.8 फीसदी तक बढ़कर 14,369.50 डॉलर प्रति टन पहुंच गया, जो 29 जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। इस खबर के बाद भारत में भी तांबे के भाव 2.56 फीसदी उछलकर 1304.90 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। एक महीने पहले यह 1187.85 रुपये प्रति किलोग्राम था। एल्युमीनियम में भी पांच फीसदी की तेजी आई है।
दरअसल, कांगो ने कॉपर और कोबाल्ट कंसंट्रेट के निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और अपने खनिज संसाधनों से अधिक मूल्य बनाए रखने के प्रयासों को तेज करने के तहत उठाया गया है। इससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
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कीमतों में तेजी की वजह चीन और अमेरिका भी
पशि्चम एशिया में तनाव के कारण हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित हो रही है। इस रास्ते से तांबा, एल्युमीनियम और सल्फ्यूरिक एसिड का बड़ा हिस्सा पास होता है। जिंक के वेयरहाउस स्टॉक्स में साल की शुरुआत से अब तक 75 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से कीमतों पर दवाब बना हुआ है।
प्रमुख औद्योगिक धातुओं की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण है एआई डाटा सेंटरों और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग। इस वजह से अमेरिका एवं चीन तांबे की अंधाधुंध खरीदारी और जमाखोरी कर रहे हैं, जिससे इसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
आपकी जेब पर असर...8% तक बढ़ेंगे दाम
घरेलू उपकरण और वाहनों के निर्माण में तांबा, स्टील और एल्युमीनियम मुख्य कच्चे माल हैं। जब इन धातुओं के दाम बढ़ते हैं, तो विनिर्माण कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों की जेब पर डालती हैं।
एयर कंडीशनर के कंडेंसर, कंप्रेसर और वाशिंग मशीन की मोटर में बड़े पैमाने पर तांबे का इस्तेमाल होता है। इसके महंगे होने से कंपनियों की इनपुट लागत 8-10 फीसदी बढ़ गई है, जिससे त्योहारी खरीदारी से ठीक पहले घरेलू उपकरणों के दाम 5 से 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। ईवी बैटरियों और वायरिंग हार्नेस में तांबे का सस्ता विकल्प नहीं है। बर्तन से लेकर स्मार्टफोन के दाम भी बढ़ेंगे।
प्रमुख धातुओं की कीमतों में लगी आग
(भाव : रुपये प्रति किलोग्राम में)
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लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे का तीन महीने का औसत भाव 1.8 फीसदी तक बढ़कर 14,369.50 डॉलर प्रति टन पहुंच गया, जो 29 जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। इस खबर के बाद भारत में भी तांबे के भाव 2.56 फीसदी उछलकर 1304.90 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। एक महीने पहले यह 1187.85 रुपये प्रति किलोग्राम था। एल्युमीनियम में भी पांच फीसदी की तेजी आई है।
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दरअसल, कांगो ने कॉपर और कोबाल्ट कंसंट्रेट के निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और अपने खनिज संसाधनों से अधिक मूल्य बनाए रखने के प्रयासों को तेज करने के तहत उठाया गया है। इससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
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कीमतों में तेजी की वजह चीन और अमेरिका भी
पशि्चम एशिया में तनाव के कारण हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित हो रही है। इस रास्ते से तांबा, एल्युमीनियम और सल्फ्यूरिक एसिड का बड़ा हिस्सा पास होता है। जिंक के वेयरहाउस स्टॉक्स में साल की शुरुआत से अब तक 75 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से कीमतों पर दवाब बना हुआ है।
प्रमुख औद्योगिक धातुओं की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण है एआई डाटा सेंटरों और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग। इस वजह से अमेरिका एवं चीन तांबे की अंधाधुंध खरीदारी और जमाखोरी कर रहे हैं, जिससे इसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
आपकी जेब पर असर...8% तक बढ़ेंगे दाम
घरेलू उपकरण और वाहनों के निर्माण में तांबा, स्टील और एल्युमीनियम मुख्य कच्चे माल हैं। जब इन धातुओं के दाम बढ़ते हैं, तो विनिर्माण कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों की जेब पर डालती हैं।
एयर कंडीशनर के कंडेंसर, कंप्रेसर और वाशिंग मशीन की मोटर में बड़े पैमाने पर तांबे का इस्तेमाल होता है। इसके महंगे होने से कंपनियों की इनपुट लागत 8-10 फीसदी बढ़ गई है, जिससे त्योहारी खरीदारी से ठीक पहले घरेलू उपकरणों के दाम 5 से 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। ईवी बैटरियों और वायरिंग हार्नेस में तांबे का सस्ता विकल्प नहीं है। बर्तन से लेकर स्मार्टफोन के दाम भी बढ़ेंगे।
प्रमुख धातुओं की कीमतों में लगी आग
| धातु | 6 अगस्त | 6 जुलाई | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| तांबा | 1304.90 | 1187.85 | 9.85% |
| एल्यूमीनियम | 282.57 | 268.92 | 5.08% |
| जिंक | 329.38 | 308.34 | 6.82% |
| टिन | 4879.24 | 4429.14 | 10.16% |
| लेड | 164.75 | 163.41 | 0.82% |
(भाव : रुपये प्रति किलोग्राम में)