ट्रंप ने मंदी की धारणा खारिज की, व्हाइट हाउस ने बनाई उबरने की वैकल्पिक योजना
- चीन पर थोपे गए कुछ शुल्क वापस लेने पर विचार
- पेरोल कर कटौती के लिए श्वेत पत्र मसौदा तैयार
- कर्मचारियों का टेक-होम वेतन बढ़ाने की भी तैयारी
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अमेरिका में मंदी की खबरों के बीच राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस इससे निपटने के लिए कर कटौती और शुल्क वापसी पर विचार कर रहा है। अमेरिकी अखबार 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने अपनी खबर में कहा कि व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। इसमें वेतनभोगियों पर आय कर में अस्थाई कटौती भी शामिल है ताकि कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन कुछ बढ़ सके।
ट्रंप ने रविवार को संवाददाताओं से कहा था कि
मैं हर बात के लिए तैयार हूं। मुझे नहीं लगता कि हम मंदी में पड़ेंगे। हम बहुत अच्छा चल रहे हैं।
चीनी सामान पर हट सकता है शुल्क
व्हाइट हाउस प्रशासन चीन पर लगाए गए कुछ ऐसे नए शुल्कों को वापस लेने पर विचार कर रहा है जो ट्रंप ने हाल ही में लगाए थे। ट्रंप की टीम कुछ टैक्स को कम करने पर भी विचार कर रही है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हम चीनी माल पर ट्रंप प्रशासन द्वारा थोपे गए कुछ नए शुल्कों की वापसी पर विचार कर रहे हैं।
प्रशासन के अधिकारियों ने पेरोल कर कटौती के लिए एक श्वेत पत्र का मसौदा भी तैयार किया है, जो कामगारों में धन बांटने पर अर्थव्यवस्था को तुरंत राहत देगा। इसमें अस्थायी तौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों पर लगने वाला टैक्स घटाना भी शामिल है, ताकि कर्मचारियों का टेक होम वेतन बढ़ जाए। इससे पहले 2009 की मंदी से निपटने के लिए ओबामा प्रशासन भी ऐसी कोशिशें कर चुका है। हालांकि इस योजना के लिए ट्रंप को अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ की मंजूरी लेनी होगी।
मंदी की चपेट में आने की आशंका
कंपनियों के अर्थशास्त्रियों के संगठन ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर बिजनेस इकॉनमिस्ट्स (एनएबीई)’ के ताजा सर्वे में 226 में केवल दो फीसदी ने कहा कि मंदी इसी साल शुरू हो सकती है। 38 फीसदी अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अमेरिका अगले साल मंदी में पड़ सकता है जबकि 34 फीसदी ने कहा कि यह इससे अगले साल (2021) से पहले नहीं होगा।