VSR: विमान हादसों के बाद कटघरे में वीएसआर वेंचर्स, यूरोपीय सुरक्षा एजेंसी निलंबित कर चुकी है कंपनी का टीसीओ
विमान हादसों के बाद वीएसआर वेंचर्स पर गंभीर सवाल उठे हैं। हाल ही में हुए बारामती एयरस्ट्रिप और इससे पहले 2023 के मुंबई हादसे के बाद EASA ने कंपनी की टीसीओ अनुमति सस्पेंड कर दी थी, जबकि जांच की अंतिम रिपोर्ट अब तक लंबित है। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
बारामती एयरस्ट्रिप के पास हुए घातक विमान हादसे के बाद विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। अब उनके छोटे बेटे जय पवार ने दुर्घटना के पीछे संभावित गंभीर चूक की गहन जांच की मांग की है और कंपनी पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
जय पवार ने कहा कि किसी भी विमान का ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं होता, इसलिए इसकी स्थिति और डेटा की जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षा जांच में घेरे में वीएसआर वेंचर्स
दरअसल, वीएसआर वेंचर्स पहले भी सुरक्षा जांच के घेरे में आ चुकी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, 14 सितंबर 2023 को वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक लीयरजेट 45 विमान मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान विशाखापत्तनम से उड़ान भरकर मुंबई पहुंचा था और रनवे 27 पर लैंडिंग के दौरान लगातार दाईं ओर बहक गया और टैक्सीवे पश्चिम और उत्तर के जंक्शन के पास रनवे के कंधे पर क्रैश लैंड कर गया।
उस विमान में 2 क्रू मेंबर और 6 यात्री सवार थे। हादसे में सह-पायलट को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि पायलट-इन-कमांड (PIC) और छह यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं। दुर्घटना में विमान पूरी तरह नष्ट हो गया था।
यूरोपीय सुरक्षा एजेंसी ने वीएसआर का टीसीओ किया था निलंबित
इस हादसे के बाद यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने वीएसआर वेंचर्स की थर्ड कंट्री ऑपरेटर (TCO) ऑथराइजेशन को निलंबित कर दिया था। हालांकि, 2.5 साल बीत जाने के बावजूद इस दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट अभी तक जमा नहीं की गई है और केवल प्रारंभिक रिपोर्ट ही तैयार की गई है।
विमान हादसों के बाद भी कंपनी को कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि मुंबई दुर्घटना के बाद न तो वीएसआर वेंचर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और न ही बारामती हादसे के संदर्भ में अब तक कोई कड़ा सरकारी कदम सामने आया है। ऐसे में कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाओं, नियामकीय निगरानी और विमानन मानकों के पालन को लेकर बहस तेज हो गई है।