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AI Impact Summit LIVE: एआई समिट में पीएम ने भारत में निवेश का न्योता दिया, अंबानी बोले- और सस्ता एआई बनाएंगे
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:53 PM IST
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खास बातें
AI Impact Summit LIVE News Updates: एआई इंपैक्ट समिट में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो रहे हैं। इससे पहले उन्होंने बुधवार को भी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों को संबोधित भी किया। उन्होंने देश की युवा प्रतिभा की जमकर सराहना की। वीडियो में देखिए पीएम मोदी का लाइव संबोधन
एआई इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी व अन्य मेहमान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट
12:49 PM, 19-Feb-2026
सही समझ से सही फैसले, एआई के लिए साझा रोडमैप जरूरी- पीएम मोदी
पीएम मोदी
- फोटो : Youtube grab (@NarendraModi)
समिट के प्लेनरी सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए सही समय पर सही फैसले लेना और एक साझा वैश्विक रोडमैप बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है और बुद्ध ने भी कहा था कि सही समझ से ही सही कर्म उत्पन्न होते हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई का सच्चा प्रभाव तभी सामने आएगा जब देश मिलकर सहयोग की भावना से काम करेंगे। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया ने देखा है कि जब देश एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन विकास से लेकर सप्लाई चेन, डेटा साझाकरण और लोगों की जान बचाने तक, महामारी के दौरान वैश्विक सहयोग ने ही समाधान प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव के आधार पर एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आवश्यक बताया।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई का सच्चा प्रभाव तभी सामने आएगा जब देश मिलकर सहयोग की भावना से काम करेंगे। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया ने देखा है कि जब देश एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन विकास से लेकर सप्लाई चेन, डेटा साझाकरण और लोगों की जान बचाने तक, महामारी के दौरान वैश्विक सहयोग ने ही समाधान प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव के आधार पर एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आवश्यक बताया।
12:18 PM, 19-Feb-2026
एआई से हेल्थकेयर, शिक्षा और रिसर्च सेक्टर में आएगी तेजी, बोले सुनील मित्तल
भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने समिट में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत से हेल्थकेयर, शिक्षा, डीप रिसर्च और मेडिकल साइंसेज जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेज विकास देखने को मिलेगा।
मित्तल ने कहा कि एआई अब कंपनियों के संचालन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के लिए एआई ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने, नेटवर्क तैयार करने और नेटवर्क मैनेजमेंट को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में विभिन्न सेक्टर्स एआई के सहारे नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और यह तकनीक उद्योगों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव लाने वाली है।
11:50 AM, 19-Feb-2026
अंबानी का बड़ा एलान- 10 लाख करोड़ के निवेश का एलान
एआई इंपैक्ट समिट में भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, एआई कई क्षेत्रों में नए दौर की शुरुआत कर सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया इस बात पर बहस कर रही है कि क्या एआई के कारण ताकत कुछ लोगों के हाथों में सिमट जाएगी। या एआई सभी के लिए मौके और सबके लिए आसान अवसर का माध्यम बनेगा।अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ का निवेश
उन्होंने मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमता के असर को रेखांकित करते हुए कहा, आज एआई को लेकर दुनिया दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता कम, महंगे एआई और कंट्रोल्ड डाटा की तरफ ले जाता है, दूसरा सस्ता, आसानी से मिलने वाली एआई की सुविधा सुनिश्चित करता है। मुकेश अंबानी ने अपने घराने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए कहा, जिस तरह कंपनी ने मोबाइल डाटा का कॉस्ट कम किया है, उनका ग्रुप एआई की कॉस्ट भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंडिया लिमिटेड (RIL) इस साल से शुरूआत कर अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
ये भी पढ़ें- Ambani at AI Impact Summit: मुकेश अंबानी का बड़ा एलान, कहा- अगले सात साल में 10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे
11:35 AM, 19-Feb-2026
भारत की ताकत बताकर प्रधानमंत्री ने देश में निवेश का न्योता दिया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल्स और एप लॉन्च किए हैं। ये युवाओं की प्रतिभा के सबूत हैं। भारत जो सॉल्यूशन दे रहा है, ये उसकी गहराई और विविधता के भी प्रतिबिंब हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी।
11:22 AM, 19-Feb-2026
भारत में सफल एआई मॉडल दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है
प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य पैकेटों पर मौजूद पोषण संबंधी लेबल की तर्ज पर एआई सामग्री के लिए भी प्रामाणिकता वाले लेबल लगाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एआई से डरते हैं, कुछ लोग इसमें भविष्य देखते हैं। भारत एआई में भविष्य देखता है। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया और देश की युवा प्रतिभा को वैश्विक मंच पर रेखांकित करते हुए कहा, भारत में सफल होने वाला कोई भी एआई मॉडल दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है।11:05 AM, 19-Feb-2026
पीएम ने डीपफेक के खतरे भी बताए, साझा किया MANAV Vision
एआई के दुरुपयोग को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, डीपफेक और मनगढ़ंत सामग्री खुले समाजों में अस्थिरता पैदा करती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए 'मानव विजन' (MANAV Vision) भी साझा किया। पीएम मोदी ने एआई में नैतिकता, नीतिपरक प्रणाली, जवाबदेह शासन और राष्ट्रीय संप्रभुता को शामिल किए जाने पर जोर दिया।
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10:57 AM, 19-Feb-2026
एआई को वैश्विक स्तर पर साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना होगा: पीएम मोदी
हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी। बकौल पीएम मोदी, हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी।उन्होंने एआई के लोकतंत्रीकरण पर जोर देते हुए कहा, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए हमें इसे समावेशन और सशक्तिकरण का एक उपकरण बनना होगा। पीएम मोदी ने कहा, हमारा मानना है कि एआई से तभी लाभ हो सकता है जब इसे साझा किया जा सके; हमें एआई को एक वैश्विक साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए।
10:53 AM, 19-Feb-2026
एआई के लिए हमारा मानदंड- सभी का कल्याण और खुशी
एआई समिट में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एआई शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का भाषण
10:50 AM, 19-Feb-2026
पीएम मोदी ने एआई की खूबियां गिनाने के अलावा आगाह भी किया
एआई समिट में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
10:33 AM, 19-Feb-2026
एआई समिट में पीएम का संबोधन, कहा- भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र
एआई समिट में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक हस्तियों का भारत आगमन के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक एआई इंपैक्ट समिट में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन। पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र है।
एआई इंपैक्ट समिट भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय
बकौल पीएम मोदी, ये समिट जिस भारत में हो रही है वो भारत मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इको सिस्टम का उदाहरण है। हम नई तकनीक बनाते भी हैं और उसे अभूतपूर्व तेजी के साथ अपनाते भी हैं। नई तकनीक को लेकर उत्सुक 140 करोड़ भारतीयों की ओर से आप सभी राष्ट्राध्यक्षों, ग्लोबल एआई सिस्टम के लीडर्स और इनोवेटर्स का स्वागत है। इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। इस समिट में एआई जगत के दिग्गज मौजूद हैं। दुनिया के 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें युवाओं की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है।
ये भी पढ़ें- AI Summit 2026: 'एआई का नियंत्रण अपने हाथ में रखना जरूरी', एआई सम्मेलन में पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मानव सामर्थ्य कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज और गहरा दोनों है। हमें विजन और जिम्मेदारी दोनों बड़ी रखनी होगी। उन्होंने कहा, असली सवाल यह नहीं है कि एआई भविष्य में क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि हम वर्तमान में एआई का उपयोग करके क्या कर सकते हैं। भारत नई तकनीक विकसित करता है और उसे तेजी से अपनाता भी है।
एआई इंपैक्ट समिट भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय
बकौल पीएम मोदी, ये समिट जिस भारत में हो रही है वो भारत मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इको सिस्टम का उदाहरण है। हम नई तकनीक बनाते भी हैं और उसे अभूतपूर्व तेजी के साथ अपनाते भी हैं। नई तकनीक को लेकर उत्सुक 140 करोड़ भारतीयों की ओर से आप सभी राष्ट्राध्यक्षों, ग्लोबल एआई सिस्टम के लीडर्स और इनोवेटर्स का स्वागत है। इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। इस समिट में एआई जगत के दिग्गज मौजूद हैं। दुनिया के 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें युवाओं की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है।
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उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मानव सामर्थ्य कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज और गहरा दोनों है। हमें विजन और जिम्मेदारी दोनों बड़ी रखनी होगी। उन्होंने कहा, असली सवाल यह नहीं है कि एआई भविष्य में क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि हम वर्तमान में एआई का उपयोग करके क्या कर सकते हैं। भारत नई तकनीक विकसित करता है और उसे तेजी से अपनाता भी है।