जेल जाने से बचने के लिए अनिल अंबानी का यह है प्लान, ऐसे करेंगे कर्ज की भरपाई
- एरिक्सन के बकाया भुगतान मामले में कोर्ट की सजा से बचने की कोशिशें शुरू
- 260 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हैं आयकर रिफंड के रूप में आरकॉम के
- 42.9 फीसदी की आरनाम में हिस्सेदारी बेचकर भी जुटाई जाएगी रकम
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स्वीडिश कंपनी एरिक्सन के साथ बकाया विवाद में 550 करोड़ रुपये चुकाने के लिए आरकॉम समूह के मालिक अनिल अंबानी ने कोशिशें शुरू कर दी हैं। उन्होंने बैंकों में जमा आयकर रिफंड और रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट मैनेजमेंट (आरनाम) में हिस्सेदारी बेचकर यह रकम जुटाने की योजना बनाई है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को बैंकों को पत्र लिखकर आयकर रिफंड के रूप में जमा 260 करोड़ रुपये सीधे स्वीडिश टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन को भुगतान करने को कहा है। समूह की ओर से 118 करोड़ रुपये पहले ही सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दिए गए थे।
बाकी बचे 172 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अनिल अंबानी ने आरनाम में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए वेंचर में शामिल जापानी कंपनी को पेशकश की है। यह कवायद पैसे न चुकाने पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तीन महीने जेल की सजा से बचने के लिए की जा रही है।
पहली सूचीबद्ध म्यूचुअल फंड कंपनी है आरनाम
जापान की निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ संयुक्त भागीदारी वाली आरनाम देश की पहली सूचीबद्घ म्यूचुअल फंड कंपनी है। आरनाम में जापानी कंपनी की 42.88 फीसदी जबकि रिलायंस की 42.9 फीसदी हिस्सेदारी है। अनिल अंबानी ने कंपनी की पूरी हिस्सेदारी निप्पॉन को बेचने की पेशकश की है। इसके अलावा रिलायंस पावर में भी 30 फीसदी हिसेदारी बेचने की घोषणा की है।
मुनाफे में चल रही आरनाम
कर्ज में दबकर आरकॉम समूह की अन्य कंपनियां जहां लगातार घाटे में जा रही हैं, वहीं आरनाम ने मुनाफे का स्तर बरकरार रखा है। 31 दिसंबर, 2018 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में कंपनी ने 110 करोड़ का शुद्घ लाभ अर्जित किया जबकि संचालन से 350 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। कंपनी ने तीन प्रति शेयर के भाव से अंतरिम लाभांश भी दिया है। बिक्री पेशकश की खबरों से बृहस्पतिवार को आरनाम के शेयर 12.57 फीसदी उछलकर 175.50 रुपये प्रति इकाई पहुंच गए।
इस साल गंवाई एक चौथाई निजी संपत्ति
देश के तीसरे सबसे अमीर आदमी रहे अनिल अंबानी ने 46 हजार करोड़ के भारी-भरकम कर्ज तले दबकर इस साल अपनी निजी संपत्ति का एक चौथाई हिस्सा भी गंवा दिया। उन्हें जनवरी से अब तक करीब 29 सौ करोड़ रुपये की निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है। यह उनकी मौजूदा कुल संपत्ति 12,098 करोड़ रुपये का 26 फीसदी है। पिछले चार वर्षों में उनकी संपत्ति घटकर आधी रह गई है।
कंपनी मार्केट कैप प्रमोटर का हिस्सा गिरवी शेयर
आरकॉम 1,750 53.08% 30.02%
रिलायंस कैपिटल 4,073 52.24% 74.55%
रिलायंस होम फाइनेंस 1,325 74.99% 21.62%
रिलायंस नेवल इंजीनियरिंग 666 29.84% 100.00%
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 3,271 49.41% 83.59%
रिलायंस पावर 3,142 75% 82.84%
(मार्केट कैप करोड़ रुपए में, गिरवी शेयर प्रमोटर ग्रुप के)
260 करोड़ तत्काल एरिक्सन को दें
जेल जाने की चेतावनी मिलने के बाद अनिल अंबानी ने एरिक्सन का बकाया चुकाने की कवायद तेज कर दी है। उनके समूह की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने गुरुवार को बैंकों से कहा कि इसके खाते में जो 260 करोड़ रुपये पड़े हैं, उसे सीधे एरिक्सन को दे दिया जाए। यह रकम उसे आयकर विभाग से रिफंड के तौर पर मिली है।