कांग्रेस और नेशनल हेराल्ड के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस लेंगे अनिल अंबानी
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उद्योगपति अनिल अंबानी के स्वामित्व वाला रिलांयस समूह कांग्रेस और नेशनल हेराल्ड के खिलाफ दर्ज मानहानि का मुकदमा वापस लेने जा रहा है। रिलांयस ने कांग्रेस और हेराल्ड के खिलाफ अहमदाबाद की एक अदालत में यह मुकदमा किया था।
पांच हजार करोड़ की मानहानि
अनिल अंबानी ने कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं और नेशनल हेराल्ड के संपादक जफर आगा व लेख लिखने वाले विश्वदीपक के खिलाफ पांच हजार करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था। अब रिलायंस के वकील रशेष पारिख ने कहा है कि वो मुकदमा वापस लेने जा रहे हैं। इस बारे में नेशनल हेराल्ड के वकील पी एस चंपानेरी को बता दिया गया है।
राफेल के ऊपर लिखा था लेख
इन कंपनियों ने दावा किया कि समाचार पत्र ने राफेल विमान करार को लेकर फर्जी और अपमानजनक लेख प्रकाशित किए थे। रिलायंस डिफेंस, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड, नेशनल हेराल्ड के पब्लिशर, एडिटर इंचार्ज जफर आगा और लेख के लेखक विश्वदीपक के खिलाफ दीवानी मानहानि का मुकदमा पिछले साल 26 अगस्त को दायर कराया था।
ये कंपनियां अनिल अंबानी के रिलायंस समूह का हिस्सा हैं। यह मुकदमा शुक्रवार को शहर की सिविल और सत्र न्यायाधीश पीजे तामकुवाला की अदालत में दर्ज कराया गया था।
अंबानी ने यह लगाया था आरोप
दायर मुकदमे में कंपनियों ने आरोप लगाया है कि मोदी के राफेल सौदे के एलान से 10 दिन पहले अनिल अंबानी ने बनाई रिलायंस डिफेंस शीर्षक नामक लेख झूठ और अपमानजनक है। यह लेख जनता को गुमराह करने वाला है। यह रिलायंस समूह और चेयरमैन अनिल अंबानी की नकारात्मक छवि को प्रदर्शित करता है और इसका जनता के मन पर गलत असर पड़ेगा।
लेख से लगता है कि सरकार ने कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह करार किया जोकि गलत है। समाचार पत्र के लेख से कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसलिए 5000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की जाए। इससे पहले रिलायंस समूह ने कई कांग्रेस नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा था।
इन नेताओं के खिलाफ था मुकदमा
जिन कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ यह मुकदमा था उनमें सुनील जाखड़, रणदीप सिंह सुरजेवाला, ओमान चेंडी, अशोक चह्वाण, अभिषेक मनु सिंघवी, संजय निरूपम और शक्तिसिंह गोहिल शामिल हैं। अब इस केस की अगली सुनवाई अदालत की गर्मियों की छुट्टी खत्म होने के बाद होगी।