फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   NCLT started bankruptcy process for Anil Ambani company RCom

अनिल अंबानी की कंपनी पर 50,000 करोड़ का कर्ज, आरकॉम के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू

Wed, 08 May 2019 10:11 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 08 May 2019 10:11 AM IST
विज्ञापन
NCLT started bankruptcy process for Anil Ambani company RCom

अनिल अंबानी (Anil Ambani) की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन (आरकॉम) के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई औपचारिक रूप से शुरू हो गई। बता दें कि दिवालिया कार्रवाई के दौरान रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ही कंपनी के कामकाज पर नजर रखता है। 

विज्ञापन

आरकॉम पर 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज

अनिल अंबानी की आरकॉम पर 31 बैंकों का करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। आरकॉम ने सबसे अधिक कर्ज भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से लिया है। रिलायंस ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल का चयन करने के लिए तीन मई को बैठक भी की थी। एनसीएलटी की मुंबई बेंच में अगली सुनवाई 30 मई को होगी।

विज्ञापन

दो साल पहले बंद हुआ था आरकॉम का ऑपरेशन 

कर्ज में डूबी आरकॉम का ऑपरेशन दो साल पहले ही बंद हो गया था। अनिल अंबानी चाहते थे कि वो स्पेक्ट्रम और दूसरे एसेट अपने भाई मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को बेचें। लेकिन ये डील रद्द हो गई थी। कर्ज देने वाले बैंकों ने नया रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त करने के लिए दिवालिया कोर्ट एनसीएलटी में याचिका दायर की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

NCLT started bankruptcy process for Anil Ambani company RCom
=

एक समय बोलती थी रिलायंस की तूती

व्यापार जगत में एक दशक पहले तक अनिल अंबानी और रिलायंस की तूती बोलती थी। बड़े भाई मुकेश अंबानी से बटवांरे के बाद अनिल के खाते में आरकॉम आई थी। सीडीएमए तकनीक के भरोसे कंपनी ने अपनी मोबाइल सेवाओं को मात्र 500 रुपये में देना शुरू कर दिया था। हालांकि लोकप्रियता के चरम पर पहुंचने के बाद भी कंपनी की वित्तीय स्थिति डांवाडोल होती गई हैं। 

एनसीएलटी में दी थी अर्जी

विभिन्न कर्जदाताओं का बकाया लौटाने में असफल रही कंपनी ने एनसीएलटी में दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) के तहत फास्ट ट्रैक रिज्योलूशन की गुहार लगाई है। कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कर्ज निपटान योजना की समीक्षा की है और उसने पाया है कि 18 महीने गुजर जाने के बाद भी संपत्तियों को बेचने की योजना सफल नहीं हो सकी है। ऐसे में उसके पास आईबीसी के तहत प्रक्रिया शुरू करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed