एयरसेल से हाथ मिला आरकॉम बनेगी देश की तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी
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अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कम्युनिकेशन्स और मैक्सिस ग्रुप की एयरसेल के बीच मर्जर हो गया है। आरकॉम के बोर्ड ने इस मर्जर को मंजूरी दे दी है।
इस मर्जर के बाद आरकॉम देश की तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर बन गयी है।
जानकार इस मर्जर को रिलायंस जियो के बाजार में आने के बाद ग्राहकों के जियो के साथ जाने को लेकर मचे कौतुहल के नतीजे के तौर पर देख रहे हैं। गौरतलब है कि रिलायंस जियो अनिल के बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी है।
दोनों में होगी बराबर की हिस्सेदारी
विलय के बाद बनने वाली कंपनी में आरकॉम व एयरसेल की एमसीबी दोनों की बराबर की हिस्सेदारी होगी।
निदेशक मंडल में भी दोनों की बराबर की भागीदारी होगी। नई कंपनी के प्रबंधन का काम देखने के लिए स्वतंत्र लोगों की एक टीम बनाई जाएगी जिसपर निदेशक मंडल की निगरानी होगी।
पिछले साल नवंबर में दोनों कंपनियों ने अपने विलय की घोषणा की थी।
स्पेक्ट्रम के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी
इस विलय से आरकॉम की 20000 करोड़ रुपये का कर्ज कम हो जाएगा। वहीं एयरसेल के कर्ज में 4000 करोड़ रुपये की कमी आएगी। रिलायंस के मुताबिक विलय के बाद की कंपनी निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी होगी जिसकी संपदा 65000 करोड़ रुपये की होगी और जिसका नेट वर्थ 35000 करोड़ रुपये का होगा।
स्पेक्ट्रम रखने के लिहाज से यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी। दोनों कंपिनयों के विलय से बनने वाली कंपनी के पास 19 करोड़ उपभोक्ता होंगे।
भारतीय एयरटेल के पास 25.1 करोड़ उपभोक्ता है वहीं वोडाफोन के पास 19.8 करोड़ तो आइडिया के पास 17.5 करोड़ उपभोक्ता हैं।