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आरकॉम बेचेगी रिलायंस जियो को अपना वायरलेस बिजनेस, पिता के जन्मदिन पर हुआ करार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Dec 2017 07:21 PM IST
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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इन्फोकॉम अपने वायरलेस बिजनेस को अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को बेच देगी।
पिता के जन्मदिन के मौके पर हुआ करार
पिता धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन के मौके पर हुए इस करार के अनुसार आरकॉम, जियो को अपना सभी वायरलेस कारोबार जिसमें 4जी स्पेक्ट्रम के 800/900/1800/2100 MHz बैंड, 4G Spectrum का 122.4 MHz, 43000 से अधिक टॉवर्स, लगभग 1,78,000 आरकेएम फाइबर, 248 मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स आदि शामिल हैं को बेच देगी।
एसबीआई कैपिटल मार्केट पूरा करेगी प्रोसेस
आरकॉम संपत्ति के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रक्रिया आरकॉम के उधारदाताओं द्वारा अनिवार्य थी, जिन्होंने इस प्रक्रिया को चलाने के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को नियुक्त किया था। इस प्रक्रिया को विशिष्ट उद्योग विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र समूह द्वारा देखरेख किया जाता है। आरजेआईएल दो चरण की बोली प्रक्रिया में सफल बोलीदाता के रूप में उभरा।
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इन असेट्स को बेचेगी कंपनी
समझौते के परिणामस्वरूप, आरजेआईएल या उसके नामांकित व्यक्ति आरसीओएम और उसके सहयोगियों से चार श्रेणियों - टावर्स, ऑप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क (ओएफसी), स्पेक्ट्रम और मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स (एमसीएन) के तहत संपत्ति हासिल करेंगे। इन परिसंपत्तियां रणनीतिक प्रवृति की हैं और इसे आरजेआईएल द्वारा वायरलेस और फाइबर टू होम एंड एंटरप्राइज सेवाओं को बड़े पैमाने पर रोल आउट करने में काफी योगदान दिए जाने की उम्मीद है।
इन कंपनियों से ली जाएगी सलाह
आरजेआईएल को इस अनुबंध में गोल्डन सैक्स, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स, जेएम फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड, डेविस पोल्क एंड वार्डवेल एलएलपी, सिरिल अमरचंद मंगलदास, खेतान एंड कंपनी और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा इस सौदे पर सलाह दी जा रही है।
कर्ज कम करने की कोशिश
अनिल अंबानी ने इससे पहले मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर यह साफ किया था कि आरकॉम के कर्ज को मार्च तक घटाकर कर 6000 करोड़ रुपए दिया जाएगा। आपको बता दें कि आरकॉम पर मौजूदा समय में 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।
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पिता के जन्मदिन के मौके पर हुआ करार
पिता धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन के मौके पर हुए इस करार के अनुसार आरकॉम, जियो को अपना सभी वायरलेस कारोबार जिसमें 4जी स्पेक्ट्रम के 800/900/1800/2100 MHz बैंड, 4G Spectrum का 122.4 MHz, 43000 से अधिक टॉवर्स, लगभग 1,78,000 आरकेएम फाइबर, 248 मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स आदि शामिल हैं को बेच देगी।
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एसबीआई कैपिटल मार्केट पूरा करेगी प्रोसेस
आरकॉम संपत्ति के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रक्रिया आरकॉम के उधारदाताओं द्वारा अनिवार्य थी, जिन्होंने इस प्रक्रिया को चलाने के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को नियुक्त किया था। इस प्रक्रिया को विशिष्ट उद्योग विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र समूह द्वारा देखरेख किया जाता है। आरजेआईएल दो चरण की बोली प्रक्रिया में सफल बोलीदाता के रूप में उभरा।
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इन असेट्स को बेचेगी कंपनी
समझौते के परिणामस्वरूप, आरजेआईएल या उसके नामांकित व्यक्ति आरसीओएम और उसके सहयोगियों से चार श्रेणियों - टावर्स, ऑप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क (ओएफसी), स्पेक्ट्रम और मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स (एमसीएन) के तहत संपत्ति हासिल करेंगे। इन परिसंपत्तियां रणनीतिक प्रवृति की हैं और इसे आरजेआईएल द्वारा वायरलेस और फाइबर टू होम एंड एंटरप्राइज सेवाओं को बड़े पैमाने पर रोल आउट करने में काफी योगदान दिए जाने की उम्मीद है।
इन कंपनियों से ली जाएगी सलाह
आरजेआईएल को इस अनुबंध में गोल्डन सैक्स, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स, जेएम फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड, डेविस पोल्क एंड वार्डवेल एलएलपी, सिरिल अमरचंद मंगलदास, खेतान एंड कंपनी और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा इस सौदे पर सलाह दी जा रही है।
कर्ज कम करने की कोशिश
अनिल अंबानी ने इससे पहले मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर यह साफ किया था कि आरकॉम के कर्ज को मार्च तक घटाकर कर 6000 करोड़ रुपए दिया जाएगा। आपको बता दें कि आरकॉम पर मौजूदा समय में 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।