सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Jagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar Amendment Act Anglican Church of India approached High Court

पंजाब सरकार के बेअदबी कानून को चुनौती: अब एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया ने ली हाईकोर्ट की शरण, दी ये दलील

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 01 May 2026 01:51 PM IST
विज्ञापन
सार

चर्च ने याचिका कहा है कि सरकार ने एक विशेष धार्मिक ग्रंथ को पृथक और अधिक कठोर दंडात्मक संरक्षण प्रदान किया है जो संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत प्रदत्त समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं के अधिकारों के विपरीत है।

Jagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar Amendment Act Anglican Church of India approached High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पंजाब के जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को असांविधानिक बताते हुए एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया (सीआईपीबीसी) ने हाईकोर्ट की शरण ली है। 
Trending Videos


याचिका में इसे धर्म विशेष केंद्रित, भेदभावपूर्ण और संविधान की मूल भावना के विपरीत करार दिया है। याचिका में मांग की गई है कि कानून के अमल पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसकी सांविधानिक वैधता की समीक्षा के बाद इसे निरस्त किया जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चर्च ने याचिका कहा है कि सरकार ने एक विशेष धार्मिक ग्रंथ को पृथक और अधिक कठोर दंडात्मक संरक्षण प्रदान किया है जो संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत प्रदत्त समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं के अधिकारों के विपरीत है। किसी एक धर्म के पवित्र ग्रंथ के लिए विशिष्ट विधायी ढांचा तैयार करना धर्मनिरपेक्ष शासन व्यवस्था की बुनियादी अवधारणा को प्रभावित करता है।  संविधान के अनुसार सभी आस्थाओं के प्रति समान दूरी और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य बाध्य है। 

याची ने इंडियन चर्च एक्ट, 1927 के तहत स्वयं को विधिवत धार्मिक निकाय बताया है। याची ने कहा कि 2025 के बिल में सरकार ने स्वयं स्वीकार किया था कि पवित्र ग्रंथों के अपमान का प्रश्न केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि गीता, कुरान, बाइबिल और अन्य धार्मिक ग्रंथ भी समान रूप से संरक्षण के पात्र हैं। 

याचिका में कानून की उन धाराओं पर विशेष आपत्ति दर्ज की गई है जिनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण और वितरण पर कड़ा नियंत्रण, एसजीपीसी के माध्यम से केंद्रीकृत रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य बनाना तथा गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed