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Ambikapur: मैनपाट में हाथियों का कहर, स्कूल व घरों में तोड़फोड़; ग्रामीणों में दहशत
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 07:03 PM IST
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सार
सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को ग्राम कंडराजा और चोरकीपानी में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
घटनास्थल की फोटो
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विस्तार
सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को ग्राम कंडराजा और चोरकीपानी में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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जानकारी के अनुसार कंडराजा स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में हाथियों ने घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। स्कूल में रखे चावल को खा गए, टेबल-कुर्सियां तोड़ दीं और खिड़कियों की ग्रिल उखाड़ दी। इस घटना से स्कूल संचालन प्रभावित हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। वहीं चोरकीपानी गांव में हाथियों ने दो घरों को नुकसान पहुंचाते हुए फसलों को भी चौपट कर दिया। प्रभावित परिवारों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने की नौबत आ गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के डर से वे रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में करीब 14 हाथी दो अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं, जो भोजन की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। एसडीओ वन सपना मुखर्जी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। रेंजर प्रशांत ने कहा कि ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की बात कही है। साथ ही हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए प्रयास जारी हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि उन्हें बार-बार इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।

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