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Chhattisgarh: फिंगरप्रिंट ने बढ़ाई परेशानी, ई-केवायसी नहीं कराने वालों को राशन मिलने में दिक्कत
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:31 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा ई-केवायसी अभियान अब भी अपने लक्ष्य से पीछे है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा ई-केवायसी अभियान अब भी अपने लक्ष्य से पीछे है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवार हैं, लेकिन इनमें करीब 8 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इसका असर उनके नियमित राशन वितरण पर पड़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग, बुजुर्ग और श्रमिक वर्ग के हितग्राही सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई मामलों में फिंगरप्रिंट मशीन में अंगूठे के निशान मैच नहीं होने से सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। खासतौर पर उम्रदराज लोगों और मेहनत-मजदूरी करने वालों के बायोमेट्रिक सत्यापन में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
ऐसे मामलों के समाधान के लिए खाद्य विभाग ने फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी शुरू की है। यदि फिंगरप्रिंट से पहचान संभव नहीं होती, तो मोबाइल एप के जरिए फोटो सत्यापन कर ई-केवायसी पूरी की जा सकती है।
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केंद्र सरकार की मंशा पीडीएस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाते हुए अपात्र हितग्राहियों को सूची से हटाने की है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार लंबित मामलों की लगातार समीक्षा कर रही है। विभाग ने जिन हितग्राहियों की ई-केवायसी बाकी है, उनसे जल्द नजदीकी उचित मूल्य दुकान या निर्धारित केंद्र पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है, ताकि राशन मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।
अधिकारियों के अनुसार, दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग, बुजुर्ग और श्रमिक वर्ग के हितग्राही सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई मामलों में फिंगरप्रिंट मशीन में अंगूठे के निशान मैच नहीं होने से सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। खासतौर पर उम्रदराज लोगों और मेहनत-मजदूरी करने वालों के बायोमेट्रिक सत्यापन में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
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ऐसे मामलों के समाधान के लिए खाद्य विभाग ने फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी शुरू की है। यदि फिंगरप्रिंट से पहचान संभव नहीं होती, तो मोबाइल एप के जरिए फोटो सत्यापन कर ई-केवायसी पूरी की जा सकती है।
केंद्र सरकार की मंशा पीडीएस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाते हुए अपात्र हितग्राहियों को सूची से हटाने की है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार लंबित मामलों की लगातार समीक्षा कर रही है। विभाग ने जिन हितग्राहियों की ई-केवायसी बाकी है, उनसे जल्द नजदीकी उचित मूल्य दुकान या निर्धारित केंद्र पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है, ताकि राशन मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।