फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Serious questions have been raised regarding the regular and timely maintenance of cashbooks in the financial

मरवाही वन मंडल की कैशबुक में क्या छिपा है?: छह माह की एंट्री लंबित होने का आरोप, जांच की मांग

Tue, 22 Sep 2026 03:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Sep 2026 03:41 PM IST
सार

मरवाही वन मंडल में कैंपा और ग्रीन क्रेडिट योजना से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड में कैशबुक की प्रविष्टियों को लेकर शिकायत हुई है। शिकायतकर्ता ने मूल दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और बिल-वाउचर के आधार पर स्वतंत्र जांच की मांग की है।

विज्ञापन
Serious questions have been raised regarding the regular and timely maintenance of cashbooks in the financial
मरवाही वन मंडल में कैशबुक संधारण पर गंभीर सवाल, शिकायत के बाद भी जांच का इंतजार।। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल में कैंपा मद और ग्रीन क्रेडिट वृक्षारोपण योजना से जुड़े वित्तीय अभिलेखों में कैशबुक यानी रोकड़ बही के नियमित और समयबद्ध संधारण को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने मामले की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। शिकायत 9 सितंबर 2026 को वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता के अनुसार, मामला पूर्व डीएफओ ग्रीष्मी चांद के कार्यकाल से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि नियमित मद की कैशबुक में करीब छह महीने की प्रविष्टियां लंबित थीं। शिकायत में दावा किया गया है कि नए डीएफओ के पदभार संभालने के बाद लंबित अवधि की प्रविष्टियां जल्दबाजी में दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि संबंधित अवधि की कैशबुक वास्तव में लंबित थी, तो बाद में उसमें प्रविष्टियां किस आधार पर दर्ज की गईं और इसके लिए कौन-कौन से मूल वित्तीय दस्तावेज इस्तेमाल किए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैशबुक के साथ बैंक रिकॉर्ड मिलान की मांग
शिकायतकर्ता ने सिर्फ कैशबुक की जांच को पर्याप्त नहीं बताते हुए संबंधित अवधि के बैंक स्टेटमेंट, लेजर, बिल-वाउचर, भुगतान आदेश, बैंक भुगतान अभिलेख और शासन को भेजे गए लेखा विवरण से मिलान कराने की मांग की है।

मांग की गई है कि प्रत्येक वित्तीय प्रविष्टि का मिलान वास्तविक भुगतान से कराया जाए। यदि कोई प्रविष्टि बाद की तारीख में दर्ज की गई है तो उसकी तारीख, आधार, संबंधित बिल-वाउचर और उस अवधि में जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका का भी परीक्षण किया जाए।

कैंपा के लेखे को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत में कैंपा मद के लेखा परीक्षण और उसके उच्च कार्यालय तक पहुंचने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार कैंपा मद से संबंधित वित्तीय विवरण उच्च कार्यालय स्तर तक प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में यह जांच का विषय हो सकता है कि लेखा प्रस्तुत किए जाने के समय कैशबुक और अन्य मूल वित्तीय अभिलेखों की स्थिति क्या थी।

शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि किसी अवधि की कैशबुक लंबित थी, तो उसी अवधि से संबंधित लेखा उच्च कार्यालय को किस आधार पर प्रस्तुत किया गया।

मूल वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
शिकायतकर्ता ने कैंपा मद और ग्रीन क्रेडिट योजना से संबंधित मूल कैशबुक, लेजर, बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेख, बैंक दस्तावेज और शासन को भेजे गए लेखा विवरण को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर जांच कराने की मांग की है।

इसके साथ ही रोकड़ बही के संधारण की जिम्मेदारी संभालने वाले संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित करने तथा लागू अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली और छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के प्रावधानों के तहत भी तथ्यों की जांच करने का अनुरोध किया गया है।

अब जांच और विभागीय कार्रवाई पर नजर
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामला शासकीय धनराशि और महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेखों से जुड़ा होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने स्वतंत्र जांच दल गठित कर मूल दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।


अब विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित अवधि में कैशबुक का संधारण नियमित रूप से हुआ था या नहीं, लंबित प्रविष्टियां कब और किस आधार पर दर्ज की गईं और शासन को प्रस्तुत लेखा तथा मूल वित्तीय अभिलेखों में कोई अंतर या विसंगति थी या नहीं। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

मरवाही वन मंडल में कैशबुक संधारण पर गंभीर सवाल, शिकायत के बाद भी जांच का इंतजार।।

मरवाही वन मंडल में कैशबुक संधारण पर गंभीर सवाल, शिकायत के बाद भी जांच का इंतजार।।

 

मरवाही वन मंडल में कैशबुक संधारण पर गंभीर सवाल, शिकायत के बाद भी जांच का इंतजार।।

मरवाही वन मंडल में कैशबुक संधारण पर गंभीर सवाल, शिकायत के बाद भी जांच का इंतजार।।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed