{"_id":"6abb7ae408fcced00f09c88b","slug":"live-in-partner-arrested-for-killing-girlfriend-and-dumping-body-in-septic-tank-alcohol-addiction-and-illicit-korba-news-c-1-1-noi1487-4777545-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरबा: लिव-इन पार्टनर से विवाद के बाद गायब हुई महिला, सेप्टिक टैंक में मिला शव; फरार आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरबा: लिव-इन पार्टनर से विवाद के बाद गायब हुई महिला, सेप्टिक टैंक में मिला शव; फरार आरोपी गिरफ्तार
Tue, 29 Sep 2026 03:02 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 03:02 PM IST
सार
श्यांग थाना क्षेत्र के बरपाली में महिला की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया। करीब 2 साल से लिव-इन में रह रही संतोषी का शव घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से मिला। पुलिस ने उसके लिव-इन पार्टनर मनोज उरांव को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
लाश को सेप्टिक टैंक में फेंकने वाला आरोपी पति गिरफ्तार
विस्तार
कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम बरपाली में महिला की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब दो साल से लिव-इन में रह रही संतोषी (33) का शव घर के पीछे बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में उसके लिव-इन पार्टनर मनोज उरांव (40) को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मनोज और संतोषी करीब दो साल से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। आरोप है कि मनोज शराब का आदी था और संतोषी के साथ अक्सर मारपीट करता था।
विवाद के बाद मौत, सेप्टिक टैंक में छिपाने का आरोप
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 27 अगस्त को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद मनोज ने संतोषी के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने शव को घर के पीछे बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक में डालकर उसका ढक्कन बंद कर दिया था।
रक्षाबंधन पर मायके नहीं पहुंची तो हुआ शक
संतोषी की शादी वर्ष 2001 में करतला क्षेत्र में हुई थी। उसके चार बच्चे हैं। करीब 15 साल पहले पति की मौत के बाद वह ससुराल में ही रह रही थी। बाद में करीब दो साल पहले वह मनोज के साथ रहने लगी थी। मनोज की पत्नी की भी पहले मौत हो चुकी थी और उसके तीन बच्चे हैं, जो बाहर रहते हैं। परिजनों के अनुसार, संतोषी हर साल रक्षाबंधन के मौके पर मायके जाती थी। इस बार वह मायके नहीं पहुंची तो परिजनों को संदेह हुआ। जब भाइयों ने मनोज से उसके बारे में पूछा तो आरोप है कि उसने कहा कि संतोषी दो दिन पहले ही घर चली गई है।
विज्ञापन
घर में ताला, सेप्टिक टैंक से आ रही थी बदबू
कई दिनों तक संतोषी का कोई पता नहीं चला तो 19 सितंबर को उसके भाई रामभरोसे और अन्य परिजन मनोज के घर पहुंचे। वहां ताला लगा मिला और मनोज भी फरार था। इसी दौरान घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आने लगी। टैंक का ढक्कन भी आधा खुला था। संदेह होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में खोला गया टैंक
सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रविवार सुबह कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में सेप्टिक टैंक खोला गया। टैंक के अंदर सड़ी-गली हालत में महिला का शव मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
अंबिकापुर से गिरफ्तार हुआ आरोपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी मनोज उरांव फरार था। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी के कभी रायपुर तो कभी अन्य स्थानों पर छिपने की जानकारी सामने आई। आखिरकार पुलिस ने उसे अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हत्या की पूरी परिस्थितियों, घटना में इस्तेमाल तरीके तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, मनोज और संतोषी करीब दो साल से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। आरोप है कि मनोज शराब का आदी था और संतोषी के साथ अक्सर मारपीट करता था।
विवाद के बाद मौत, सेप्टिक टैंक में छिपाने का आरोप
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 27 अगस्त को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद मनोज ने संतोषी के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने शव को घर के पीछे बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक में डालकर उसका ढक्कन बंद कर दिया था।
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर मायके नहीं पहुंची तो हुआ शक
संतोषी की शादी वर्ष 2001 में करतला क्षेत्र में हुई थी। उसके चार बच्चे हैं। करीब 15 साल पहले पति की मौत के बाद वह ससुराल में ही रह रही थी। बाद में करीब दो साल पहले वह मनोज के साथ रहने लगी थी। मनोज की पत्नी की भी पहले मौत हो चुकी थी और उसके तीन बच्चे हैं, जो बाहर रहते हैं। परिजनों के अनुसार, संतोषी हर साल रक्षाबंधन के मौके पर मायके जाती थी। इस बार वह मायके नहीं पहुंची तो परिजनों को संदेह हुआ। जब भाइयों ने मनोज से उसके बारे में पूछा तो आरोप है कि उसने कहा कि संतोषी दो दिन पहले ही घर चली गई है।
विज्ञापन
घर में ताला, सेप्टिक टैंक से आ रही थी बदबू
कई दिनों तक संतोषी का कोई पता नहीं चला तो 19 सितंबर को उसके भाई रामभरोसे और अन्य परिजन मनोज के घर पहुंचे। वहां ताला लगा मिला और मनोज भी फरार था। इसी दौरान घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आने लगी। टैंक का ढक्कन भी आधा खुला था। संदेह होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में खोला गया टैंक
सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रविवार सुबह कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में सेप्टिक टैंक खोला गया। टैंक के अंदर सड़ी-गली हालत में महिला का शव मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
अंबिकापुर से गिरफ्तार हुआ आरोपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी मनोज उरांव फरार था। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी के कभी रायपुर तो कभी अन्य स्थानों पर छिपने की जानकारी सामने आई। आखिरकार पुलिस ने उसे अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हत्या की पूरी परिस्थितियों, घटना में इस्तेमाल तरीके तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।