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महासमुंद: पंद्रह इनामी माओवादियों का आत्मसमर्पण, 73 लाख रुपये का था इनाम, हथियार भी सौंपे
अमर उजाला नेटवर्क, महासमुंद
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:43 PM IST
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सार
महासमुंद पुलिस के सामने पंद्रह सशस्त्र माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये सभी माओवादी समाज की मुख्य धारा में लौट आए हैं। उन्हें गुलाब और भारत का संविधान देकर समर्पण कराया गया।
15 नक्सलियों ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महासमुंद पुलिस के सामने पंद्रह सशस्त्र माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये सभी माओवादी समाज की मुख्य धारा में लौट आए हैं। उन्हें गुलाब और भारत का संविधान देकर समर्पण कराया गया।
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आत्मसमर्पण करने वाले सभी पंद्रह माओवादी बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद (बीबीएम) डिवीजन कमेटी के सदस्य थे। इन सभी पर कुल तिहत्तर लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें नौ महिला और छह पुरुष नक्सली शामिल हैं। एक स्टेट कमेटी सदस्य पर पच्चीस लाख रुपये का इनाम था। दो डिवीजन कमेटी सदस्यों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। पांच एरिया कमेटी सदस्यों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। सात प्राइमरी सदस्यों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। नक्सलियों से चौदह अत्याधुनिक और ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
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बरामद हथियारों में तीन एके-47 राइफलें शामिल हैं। इसके साथ ही दो एसएलआर और दो इंसास राइफलें भी मिली हैं। पुलिस ने चार .303 राइफलें और तीन बारह बोर बंदूकें भी जब्त की हैं। प्रेसवार्ता में पुलिस महानिरीक्षक संबलपुर हिमांशु लाल और पुलिस महानिरीक्षक रायपुर ग्रामीण अमरेश मिश्रा भी मौजूद थे। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक बरगढ़ प्रहलाद सहाय मीना, पुलिस अधीक्षक बलांगीर अभिलाष और पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रभात कुमार भी उपस्थित रहे।
आत्मसमर्पित माओवादियों के नाम
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में विकास उर्फ जंगू और मंगेश उर्फ रमेश पद्दा शामिल हैं। बाबू उर्फ रानू, मनोज उर्फ रिंकू और प्रमिला उर्फ परनीता ने भी समर्पण किया। करुणा उर्फ अस्मिता, रोजा उर्फ देवे, रोशनी उर्फ सोनी और राधिका उर्फ अस्मिता भी इनमें से हैं। मीना उर्फ शांति, दीपना उर्फ नानी, रीना उर्फ कविता, सोनू उर्फ जुगनू, पांडू उर्फ दिनेश और रानीला उर्फ पोजे ने भी हथियार डाले।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा का संयुक्त अभियान जारी
आईजी संबलपुर, ओडिशा हिमांशु लाल ने बताया कि नक्सलियों के खात्मे को लेकर चलाया जा रहा यह एंटी नक्सल ऑपरेशन छत्तीसगढ़ के साथ साथ ओडिशा में भी संचालित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के संयुक्त अभियान के चलते माओवाद अब खात्मे की ओर है।
संबलपुर आईजी हिमांशु लाल ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में लीडर विकास के खिलाफ 9 मामले दर्ज हैं। बाकी सदस्यों के मामलों की विवेचना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कामयाबी के बाद अब रायपुर रेंज और संबलपुर रेंज नक्सल विहीन हो चुके हैं।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा का संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा। दोनों राज्य मिलकर नक्सल विरोधी गतिविधियों पर काम करते रहेंगे। उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से 31 मार्च तक आत्मसमर्पण करने की अपील की और कहा कि इसके बाद उनका जीवन और कठिन हो जाएगा, क्योंकि दोनों राज्यों की फोर्स कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।