{"_id":"69679b8caa84fbef040d84b8","slug":"minister-lakhanlal-devangan-listed-2-year-achievements-of-labour-department-11-40-lakh-workers-were-registered-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG News: मंत्री लखनलाल देवांगन ने श्रम विभाग की दो साल की उपलब्धियां गिनाईं, 11.40 लाख श्रमिकों का हुआ पंजीयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG News: मंत्री लखनलाल देवांगन ने श्रम विभाग की दो साल की उपलब्धियां गिनाईं, 11.40 लाख श्रमिकों का हुआ पंजीयन
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 14 Jan 2026 07:05 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार को रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की पत्रकारवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार को रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग के अधीन विभिन्न मंडलों के माध्यम से 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें करीब 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित 71 योजनाओं के तहत पिछले दो वर्षों में 29 लाख 55 हजार से अधिक श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसमें 28.49 लाख निर्माण श्रमिकों को 653.75 करोड़ रुपये, 91,595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये और 14,592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। सभी हितलाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के तहत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचालित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में प्रदेशभर के कारखानों में 2,218 निरीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 666 मामलों में श्रम न्यायालय में अभियोजन दर्ज किया गया और 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत बीमित कामगारों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षों में यह संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख तक पहुंच गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल संचालित हैं, जबकि बिलासपुर में नया अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में वर्तमान में 43 औषधालय संचालित हैं और चार नए औषधालय खोलने की तैयारी है।
श्रम मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की अनुशंसाओं और बिजनेस रिफॉर्म्स के तहत तय सभी 17 सुधारों को राज्य में लागू कर दिया गया है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 को अब 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू किया गया है। इसके साथ ही “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं को सशर्त काम करने की अनुमति दी गई है। कारखाना लाइसेंस की अवधि भी 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नए नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है। इनसे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, साल में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।
आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों में लागू करने के लिए विधेयक विधानसभा से पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के औषधालयों को उन्नत कर मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अलग से स्वास्थ्य परीक्षण योजना शुरू की जाएगी और उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु “अटल कैरियर निर्माण योजना” प्रारंभ की जाएगी। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार करते हुए सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित किए जाएंगे। शिकायत निवारण और जन जागरूकता को मजबूत करने के लिए मैसेजिंग सुविधा, मोबाइल नंबर सत्यापन और एआई आधारित सिस्टम भी शुरू किया जाएगा।
पत्रकारवार्ता के अंत में श्रम मंत्री ने मीडिया कर्मियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सचिव सविता मिश्रा, सचिव गिरीश रामटेके और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रभारी संचालक मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Trending Videos
मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित 71 योजनाओं के तहत पिछले दो वर्षों में 29 लाख 55 हजार से अधिक श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसमें 28.49 लाख निर्माण श्रमिकों को 653.75 करोड़ रुपये, 91,595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये और 14,592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। सभी हितलाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के तहत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचालित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में प्रदेशभर के कारखानों में 2,218 निरीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 666 मामलों में श्रम न्यायालय में अभियोजन दर्ज किया गया और 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत बीमित कामगारों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षों में यह संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख तक पहुंच गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल संचालित हैं, जबकि बिलासपुर में नया अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में वर्तमान में 43 औषधालय संचालित हैं और चार नए औषधालय खोलने की तैयारी है।
श्रम मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की अनुशंसाओं और बिजनेस रिफॉर्म्स के तहत तय सभी 17 सुधारों को राज्य में लागू कर दिया गया है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 को अब 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू किया गया है। इसके साथ ही “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं को सशर्त काम करने की अनुमति दी गई है। कारखाना लाइसेंस की अवधि भी 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नए नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है। इनसे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, साल में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।
आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों में लागू करने के लिए विधेयक विधानसभा से पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के औषधालयों को उन्नत कर मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अलग से स्वास्थ्य परीक्षण योजना शुरू की जाएगी और उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु “अटल कैरियर निर्माण योजना” प्रारंभ की जाएगी। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार करते हुए सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित किए जाएंगे। शिकायत निवारण और जन जागरूकता को मजबूत करने के लिए मैसेजिंग सुविधा, मोबाइल नंबर सत्यापन और एआई आधारित सिस्टम भी शुरू किया जाएगा।
पत्रकारवार्ता के अंत में श्रम मंत्री ने मीडिया कर्मियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सचिव सविता मिश्रा, सचिव गिरीश रामटेके और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रभारी संचालक मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।