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CG News: बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती विवाद पर PSC का जवाब, चयन प्रक्रिया को बताया नियमसम्मत और पारदर्शी
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 05 Mar 2026 02:28 PM IST
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सार
आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है तथा लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में बॉयलर इंस्पेक्टर (निरीक्षक वाष्पयंत्र परीक्षा-2024) की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है तथा लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
आयोग के अनुसार 3 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि निरीक्षक वाष्पयंत्र परीक्षा-2024 सहित आयोग द्वारा जारी सभी विज्ञापनों की चयन प्रक्रिया नियमों के अनुरूप की जाती है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रचलित नियमों के आधार पर ही अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण किया गया और उसी के आधार पर चयन की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
PSC ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनित प्रथम अभ्यर्थी का आयोग के किसी भी सदस्य से पारिवारिक संबंध नहीं है। आयोग का कहना है कि सदस्यों के नामों के साथ भ्रामक जानकारी जोड़कर चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बताने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग ने यह भी कहा कि इस मामले से संबंधित जो वाद उच्च न्यायालय में लंबित है, उसमें दिए जाने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दरअसल, बॉयलर इंस्पेक्टर पद पर कानन वर्मा की नियुक्ति को लेकर भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चयनित अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा से अधिक थे और भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। साथ ही उन्होंने आयोग के तीन सदस्यों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इन आरोपों के सामने आने के बाद अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया है।
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आयोग के अनुसार 3 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि निरीक्षक वाष्पयंत्र परीक्षा-2024 सहित आयोग द्वारा जारी सभी विज्ञापनों की चयन प्रक्रिया नियमों के अनुरूप की जाती है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रचलित नियमों के आधार पर ही अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण किया गया और उसी के आधार पर चयन की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
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PSC ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनित प्रथम अभ्यर्थी का आयोग के किसी भी सदस्य से पारिवारिक संबंध नहीं है। आयोग का कहना है कि सदस्यों के नामों के साथ भ्रामक जानकारी जोड़कर चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बताने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग ने यह भी कहा कि इस मामले से संबंधित जो वाद उच्च न्यायालय में लंबित है, उसमें दिए जाने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दरअसल, बॉयलर इंस्पेक्टर पद पर कानन वर्मा की नियुक्ति को लेकर भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चयनित अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा से अधिक थे और भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। साथ ही उन्होंने आयोग के तीन सदस्यों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इन आरोपों के सामने आने के बाद अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया है।