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टकराव कितना चिंताजनक?: क्या प. एशिया में बमबारी से तेल-गैस आपूर्ति पर असर, कितना है स्टॉक? सरकार ने दी जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 05 Mar 2026 04:54 PM IST
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सार
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत की स्थिति फिलहाल मजबूत बताई जा रही है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि देश में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और भंडार लगातार भरा जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
लंबा खिंच रहा पश्चिम एशिया संघर्ष, भारत सतर्क
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच उर्जा सुरक्षा के मामले में भारत की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत है। देश के पास उर्जा का मौजूदा भंडार पर्याप्त है और इसे हर दिन लगातार भरा भी जा रहा है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
'वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा भारत'
सूत्रों ने कहा कि देश में एलपीजी या एलएनजी की कोई कमी नहीं है। दुनिया में कच्चे तेल की भी कमी नहीं है और भारत अन्य आपूर्तिकर्ता देशों के साथ भी लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है। भारत वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा है। हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के साथ नए उर्जा समझौते भी किए हैं।
उन्होंने बताया कि भारत करीब 195 एमएमएससीएमडी (प्रति दिन दस लाख मानक घन मीटर) गैस आयात करता है। इसमें से लगभग 60 एमएमएससीएमडी गैस कतर से आती है। भारत अब गैस खरीदने के लिए अन्य बाजारों की भी तलाश कर रहा है।
ये भी पढ़ें: ईरान मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने: राहुल गांधी के बयान पर सत्तारूढ़ पार्टी का पलटवार, चीन का दिया हवाला
तेल उत्पादक देशों के साथ भी बातचीत कर रही सरकार
सरकार प्रमुख तेल उत्पादक देशों और व्यापारियों के साथ भी बातचीत कर रही है, ताकि कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों ने बताया कि भारत ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी और ओपेक के साथ भी बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, भारत जहाजों के बीमा को लेकर अमेरिका के साथ भी चर्चा कर रहा है। सरकार ऊर्जा स्थिति की दिन में दो बार समीक्षा कर रही है, ताकि आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर कोई समस्या न आए।
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'वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा भारत'
सूत्रों ने कहा कि देश में एलपीजी या एलएनजी की कोई कमी नहीं है। दुनिया में कच्चे तेल की भी कमी नहीं है और भारत अन्य आपूर्तिकर्ता देशों के साथ भी लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है। भारत वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा है। हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के साथ नए उर्जा समझौते भी किए हैं।
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उन्होंने बताया कि भारत करीब 195 एमएमएससीएमडी (प्रति दिन दस लाख मानक घन मीटर) गैस आयात करता है। इसमें से लगभग 60 एमएमएससीएमडी गैस कतर से आती है। भारत अब गैस खरीदने के लिए अन्य बाजारों की भी तलाश कर रहा है।
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तेल उत्पादक देशों के साथ भी बातचीत कर रही सरकार
सरकार प्रमुख तेल उत्पादक देशों और व्यापारियों के साथ भी बातचीत कर रही है, ताकि कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों ने बताया कि भारत ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी और ओपेक के साथ भी बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, भारत जहाजों के बीमा को लेकर अमेरिका के साथ भी चर्चा कर रहा है। सरकार ऊर्जा स्थिति की दिन में दो बार समीक्षा कर रही है, ताकि आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर कोई समस्या न आए।
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