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सरकारी हॉस्टल में शर्मनाक कांड: सात महीने तक जूनियर छात्रों का शोषण करते रहे सीनियर छात्र; पॉक्सो में केस दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाशिक
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Thu, 05 Mar 2026 06:27 PM IST
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सार
महाराष्ट्र के नाशिक में एक सरकारी हॉस्टल से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां 10वीं के सात छात्रों पर अपने जूनियर छात्रों के साथ शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा है। इस मामले में हॉस्टल अधीक्षक पर भी केस दर्ज हुआ है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Nashik Crime News: महाराष्ट्र के नाशिक जिले से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां इगतपुरी में समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जाने वाले एक सरकारी हॉस्टल में 10वीं कक्षा के सात छात्रों पर अपने जूनियर छात्रों का शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा है। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्रों के साथ-साथ हॉस्टल के अधीक्षक के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
सात महीने से चल रहा था घिनौना खेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी छात्र हॉस्टल में रहने वाले पांचवीं से सातवीं कक्षा के छात्रों को नशीला पदार्थ देते थे। इसके बाद वे उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य करते थे। यह घिनौना खेल पिछले सात महीनों से चल रहा था, लेकिन डर के कारण कोई भी छात्र शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्रों ने इस बारे में हॉस्टल अधीक्षक सुशांत दूधसागरे को जानकारी दी थी। लेकिन अधीक्षक ने इस गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई कार्रवाई की। इसी लापरवाही के कारण उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, "10वीं कक्षा के सात छात्रों और हॉस्टल अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बाल कल्याण समिति भी इस मामले की जांच कर रही है।" इस घटना के सामने आने के बाद जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय शिंदे ने भी अपनी टीम के साथ हॉस्टल का दौरा किया।
डॉ. शिंदे की टीम ने मौके पर जांच की और अपनी रिपोर्ट जिला परिषद के सीईओ को सौंप दी है। सीईओ को इस मामले में आगे की जांच करने के लिए कहा गया है। वहीं, पुलिस ने सभी सात आरोपी छात्रों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें: होली की रात खौफनाक वारदात, सगे भाइयों ने युवक को चाकू और ईंट-पत्थरों से पीटकर मार डाला
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सात महीने से चल रहा था घिनौना खेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी छात्र हॉस्टल में रहने वाले पांचवीं से सातवीं कक्षा के छात्रों को नशीला पदार्थ देते थे। इसके बाद वे उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य करते थे। यह घिनौना खेल पिछले सात महीनों से चल रहा था, लेकिन डर के कारण कोई भी छात्र शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
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एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्रों ने इस बारे में हॉस्टल अधीक्षक सुशांत दूधसागरे को जानकारी दी थी। लेकिन अधीक्षक ने इस गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई कार्रवाई की। इसी लापरवाही के कारण उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, "10वीं कक्षा के सात छात्रों और हॉस्टल अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बाल कल्याण समिति भी इस मामले की जांच कर रही है।" इस घटना के सामने आने के बाद जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय शिंदे ने भी अपनी टीम के साथ हॉस्टल का दौरा किया।
डॉ. शिंदे की टीम ने मौके पर जांच की और अपनी रिपोर्ट जिला परिषद के सीईओ को सौंप दी है। सीईओ को इस मामले में आगे की जांच करने के लिए कहा गया है। वहीं, पुलिस ने सभी सात आरोपी छात्रों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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