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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Doctor in Raigarh swindled out of ₹34.17 lakh under the pretext of share trading; 5 suspects, including three

रायगढ़: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डॉक्टर से 34.17 लाख की ठगी, 3 युवती सहित पांच पकड़ाए, दो मामलों का हुआ खुलासा

Thu, 29 Oct 2026 08:59 PM IST
रायगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़ Published by: रायगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2026 08:59 PM IST
सार

जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Doctor in Raigarh swindled out of ₹34.17 lakh under the pretext of share trading; 5 suspects, including three
ठगी के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से दो मामलों का खुलासा हुआ है।
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मिली जानकारी के अनुसार 27 मई को डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने साइबर थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि मार्च 2025 में मोबाईल फोन के माध्यम से उसका संपर्क सुनील नाम के व्यक्ति से हुआ था। इस दौरान सुनील ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ मिलने का प्रलोभन देते हुए स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और कंपनी का पोर्टफोलियो व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया, जिसे देखकर प्रार्थी को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा हो गया। इसके बाद कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी उससे मोबाईल फोन के जरिए संपर्क किया और अलग अलग समय में निवेश कराया।
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प्रार्थी ने बताया कि 28 अप्रैल से 3 अप्रैल 2026 के बीच उससे कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपए निवेश कराया गया। इस बीच उसे निवेश की राशि पर बढ़ता हुआ लाभ पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकाल पाए। इसके बाद भी उनसे और पैसा निवेश करने के लिए कहा जाने लगा। जिसके बाद ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस ने की। प्रार्थी की शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया।
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कमीशन के लालच में बैंक खाते का साइबर ठगी में इस्तेमाल
इसी तरह के दूसरे मामले में 27 सितंबर को सूरज शर्मा ने साइबर थाने में शिकायत करते हुए बताया था कि उसके पंजाब नैशनल बैंक के खाते से 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी के बीच 18 बार में कुल 2 लाख 97 हजार 298 रुपए का लेनदेन हुआ है। रकम प्राप्त करने और नगद निकासी के बाद महाराष्ट्र कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायत होने पर उसका खाता फ्रीज कर दिया गया है। सूरज शर्मा ने खाते का साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने तथा खाते में लगी रोक हटाने के संबंध में पुलिस से जांच का अनुरोध है।

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सूरज शर्मा द्वारा अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई। बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन में विवादित धनराशि में से गायत्री विश्वकर्मा, इंदौर के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर 30 सितंबर को धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

काल सेंटर से जुड़े मोबाईल नेटवर्क से खुला राज
दोनों ही मामलों में जांच के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग संदेही तनिषा पाटिल इंदौर द्वारा किये जाने की जानकारी मिली। साथ ही सूरज शर्मा और इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क तथा कथित साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के तथ्य सामने आए। संदेहियों के मोबाइल नंबर इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय पाए जाने पर साइबर पुलिस की विशेष टीम इंदौर रवाना हुई। जहां एक कॉल सेंटर में दबिश देते हुए गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा गया। इसके बाद संदेही ज्योति मालवीय के विजय नगर क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर उसे वहां से पकड़ा गया। पुलिस टीम ने ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया। वहीं, इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपियों को इंदौर में न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया है।


अन्य राज्यों में भी छापेमारी जारी
रायगढ़ पुलिस ने ठगी के इस मामले में आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं तथा संबंधित बैंक खातों और लेनदेन के विवरण की जांच की जा रही है। आरोपी तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल को अपराध क्रमांक 06/2026 में जबकि अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित अपराधों में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड की कार्रवाई की जा रही है। इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं और रायगढ़ पुलिस की टीम दूसरे राज्यों में संभावित आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
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