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छत्तीसगढ़: शिक्षक से रंगदारी मांगने के मामले में यूट्यूबर समेत तीन गिरफ्तार
Thu, 15 Oct 2026 03:37 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 15 Oct 2026 03:37 PM IST
सार
जिले में एक शिक्षक को डरा-धमकाकर अवैध रूप से रुपये मांगने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक यूट्यूबर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलरामपुर जिले में एक शिक्षक को डरा-धमकाकर अवैध रूप से रुपये मांगने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक यूट्यूबर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिलासपुर उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका निरस्त होने के तुरंत बाद पस्ता थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। प्राथमिक स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक की लिखित शिकायत पर दर्ज आपराधिक मामले में पुलिस ने जांच की प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी नामजद आरोपियों को स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दे दिया। गिरफ्तार आरोपियों में टांगरमहरी बलरामपुर निवासी 23 वर्षीय यूट्यूबर दीपक यादव, ग्राम पुटसु थाना पस्ता निवासी 34 वर्षीय श्रवण यादव और बलरामपुर निवासी 20 वर्षीय सूर्या यादव शामिल हैं।
रंगदारी और अभद्र व्यवहार का मामला
पस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक स्कूल पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित शिक्षक के अनुसार, यूट्यूबर दीपक यादव और उसके साथियों ने अपने किसी फाउंडेशन का संचालन करने के लिए उनसे 10,000 रुपये की मांग की थी। शिक्षक द्वारा रुपये देने से मना करने पर 25 अगस्त को दोपहर लगभग एक बजे श्रवण यादव और सूर्या यादव बिना किसी पूर्व अनुमति के स्कूल में दाखिल हो गए। स्कूल पहुंचते ही दोनों आरोपियों ने बिना इजाजत वीडियो बनाना शुरू कर दिया और शिक्षक के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। रुपये न देने की स्थिति में आरोपियों ने वीडियो को यूट्यूब तथा फेसबुक पर प्रसारित करके शिक्षक को समाज में बदनाम करने और नौकरी से निलंबित कराने की सीधी धमकी दी थी। इसके उपरांत आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड भी कर दिया।
उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत निरस्त
शिक्षक की रिपोर्ट पर पस्ता थाना पुलिस ने अपराध पंजीकृत किया था। मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य आरोपी यूट्यूबर दीपक यादव ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। उच्च न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के उपरांत अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होते ही पस्ता थाना पुलिस हरकत में आई और साजिश में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की जांच और आरोपियों की पहचान
विवेचना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित शिक्षक और मामले से जुड़े अन्य गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए। पुलिस की टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो और फोटो के स्क्रीनशॉट से संबंधित पेन ड्राइव को जब्त कर केस डायरी में शामिल किया। इसके साथ ही प्रार्थी की स्कूल में नियुक्ति और पदस्थापना से जुड़े सभी शासकीय दस्तावेज भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई के उपरांत बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारीपूर्वक करें और किसी को परेशान न करें।
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रंगदारी और अभद्र व्यवहार का मामला
पस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक स्कूल पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित शिक्षक के अनुसार, यूट्यूबर दीपक यादव और उसके साथियों ने अपने किसी फाउंडेशन का संचालन करने के लिए उनसे 10,000 रुपये की मांग की थी। शिक्षक द्वारा रुपये देने से मना करने पर 25 अगस्त को दोपहर लगभग एक बजे श्रवण यादव और सूर्या यादव बिना किसी पूर्व अनुमति के स्कूल में दाखिल हो गए। स्कूल पहुंचते ही दोनों आरोपियों ने बिना इजाजत वीडियो बनाना शुरू कर दिया और शिक्षक के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। रुपये न देने की स्थिति में आरोपियों ने वीडियो को यूट्यूब तथा फेसबुक पर प्रसारित करके शिक्षक को समाज में बदनाम करने और नौकरी से निलंबित कराने की सीधी धमकी दी थी। इसके उपरांत आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड भी कर दिया।
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उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत निरस्त
शिक्षक की रिपोर्ट पर पस्ता थाना पुलिस ने अपराध पंजीकृत किया था। मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य आरोपी यूट्यूबर दीपक यादव ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। उच्च न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के उपरांत अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होते ही पस्ता थाना पुलिस हरकत में आई और साजिश में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की जांच और आरोपियों की पहचान
विवेचना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित शिक्षक और मामले से जुड़े अन्य गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए। पुलिस की टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो और फोटो के स्क्रीनशॉट से संबंधित पेन ड्राइव को जब्त कर केस डायरी में शामिल किया। इसके साथ ही प्रार्थी की स्कूल में नियुक्ति और पदस्थापना से जुड़े सभी शासकीय दस्तावेज भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई के उपरांत बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारीपूर्वक करें और किसी को परेशान न करें।