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राज और नीति: महिला बाल विकास के 12 अधिकारियों ने वीआरएस मांगा
सार
मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में करीब 12 अधिकारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। वहीं एडीजी इंटेलिजेंस पद पर नई नियुक्ति को लेकर चर्चा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरों से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हैं। इंदौर में परख ऐप और दतिया तहसीलदार की पोस्ट भी चर्चा में है।
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राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के महिला और बाल विकास विभाग में वीआरएस लेने के लिए अधिकारियों के आवेदन देने का सिलसिला जारी है। पता चला है कि करीब 12 अफसरों ने वीआरएस मांगा है, जिनमें संचालनालय से लेकर जिलों में पदस्थ अफसर शामिल हैं। हाल ही में अतिरिक्त संचालक और संयुक्त संचालक स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है, जबकि 10 अफसर पहले ही आवेदन दे चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से अधिकारी और कर्मचारी नाराज हैं। कुछ दिनों पहले प्रदेश में विभाग के करीब 5000 अधिकारी और कर्मचारियों ने पहले आधे दिन और अगले दिन पूरे दिन सामूहिक अवकाश रखा। बाद में विभाग की मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। विभाग के अधिकारी कर्मचारी संघ का कहना है कि वह एक सप्ताह तक कार्रवाई का इंतजार करेगा। मोहन सरकार बनने के बाद से विभाग में चार प्रमुख सचिव और चार आयुक्त बदल चुके हैं।
कौन बनेगा एडीजी इंटेलीजेंस
प्रदेश के पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण एडीजी इंटेलीजेंस का पद 31 अगस्त को रिक्त हो रहा है। वर्तमान एडीजी इंटेलीजेंस ए साईं मनोहर इस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस पद के लिए कई अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य के इस महत्वपूर्ण पद की कमान मुख्यमंत्री किस अधिकारी को सौंपते हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें
राज्य के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार दिल्ली दौरों से प्रदेश मंत्रिमंडल में विस्तार की अटकलें एक बार फिर से तेज हुई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि मंत्रिमंडल में युवाओं को मौका दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद ही विस्तार को हरी झंडी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपनी लिस्ट तैयार कर ली है और उसका अब अनुमोदन लेना बाकी है। ऐसे में अगर प्रदेश में भाजपा के कुछ दिग्गजों के नाम आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल की सूची से बाहर हो जाएं तो आश्चर्य मत करिएगा!
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जन विश्वास अभियान और इंदौर संभाग में परख ऐप
इंदौर संभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान किए जाने वाले सभी निरीक्षणों के लिए परख ऐप का उपयोग शुरू किया है। यह ऐप राज्य में पहले से ही उपयोग में आ रहा था, लेकिन भास्कर ने मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम की दृष्टि से इंदौर संभाग के लिए विशेष संशोधन कर जारी किया है। इसमें हर विभाग की प्रकृति के अनुसार प्रश्नावली तैयार की गई है। इससे संस्थाओं की वस्तु स्थिति और निरीक्षण का ताजा हाल कमिश्नर और कलेक्टर के डैशबोर्ड पर हमेशा उपलब्ध रहेगा।
चर्चा में तहसीलदार की सोशल मीडिया पोस्ट
प्रदेश में एक तहसीलदार की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों प्रशासनिक गलियारों की चर्चा में है। दरअसल दतिया में एक बैठक में बहस होने के बाद कलेक्टर ने इस तहसीलदार का तबादला कर दिया था। इस बैठक में 500 से ज्यादा किसानों की फार्मर आईडी पेंडिंग होने को लेकर कलेक्टर ने तहसीलदार से सवाल किया था। तहसीलदार ने कहा कि इस काम में अभी समय लगेगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। अगले ही दिन तहसीलदार के तबादला आदेश जारी हो गए। बाद में तहसीलदार ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- ''मेरी बनती ही नहीं थी कभी सरदार के साथ, इसलिए फासला बढ़ता गया दरबार के साथ''।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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कौन बनेगा एडीजी इंटेलीजेंस
प्रदेश के पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण एडीजी इंटेलीजेंस का पद 31 अगस्त को रिक्त हो रहा है। वर्तमान एडीजी इंटेलीजेंस ए साईं मनोहर इस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस पद के लिए कई अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य के इस महत्वपूर्ण पद की कमान मुख्यमंत्री किस अधिकारी को सौंपते हैं।
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मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें
राज्य के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार दिल्ली दौरों से प्रदेश मंत्रिमंडल में विस्तार की अटकलें एक बार फिर से तेज हुई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि मंत्रिमंडल में युवाओं को मौका दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद ही विस्तार को हरी झंडी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपनी लिस्ट तैयार कर ली है और उसका अब अनुमोदन लेना बाकी है। ऐसे में अगर प्रदेश में भाजपा के कुछ दिग्गजों के नाम आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल की सूची से बाहर हो जाएं तो आश्चर्य मत करिएगा!
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जन विश्वास अभियान और इंदौर संभाग में परख ऐप
इंदौर संभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान किए जाने वाले सभी निरीक्षणों के लिए परख ऐप का उपयोग शुरू किया है। यह ऐप राज्य में पहले से ही उपयोग में आ रहा था, लेकिन भास्कर ने मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम की दृष्टि से इंदौर संभाग के लिए विशेष संशोधन कर जारी किया है। इसमें हर विभाग की प्रकृति के अनुसार प्रश्नावली तैयार की गई है। इससे संस्थाओं की वस्तु स्थिति और निरीक्षण का ताजा हाल कमिश्नर और कलेक्टर के डैशबोर्ड पर हमेशा उपलब्ध रहेगा।
चर्चा में तहसीलदार की सोशल मीडिया पोस्ट
प्रदेश में एक तहसीलदार की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों प्रशासनिक गलियारों की चर्चा में है। दरअसल दतिया में एक बैठक में बहस होने के बाद कलेक्टर ने इस तहसीलदार का तबादला कर दिया था। इस बैठक में 500 से ज्यादा किसानों की फार्मर आईडी पेंडिंग होने को लेकर कलेक्टर ने तहसीलदार से सवाल किया था। तहसीलदार ने कहा कि इस काम में अभी समय लगेगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। अगले ही दिन तहसीलदार के तबादला आदेश जारी हो गए। बाद में तहसीलदार ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- ''मेरी बनती ही नहीं थी कभी सरदार के साथ, इसलिए फासला बढ़ता गया दरबार के साथ''।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।