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राज और नीति : आईएएस एसोसिएशन को क्यों आना पड़ा आगे?
सार
पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में 21 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आईएएस एसोसिएशन ने चिंता जताई। अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एसआईटी गठन की मांग की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी।
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ऱाज और नीति: मप्र की सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा चल रही है कि पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में आईएएस एसोसिएशन को मुख्यमंत्री के सामने गुहार लगाना पड़ी। एसोसिएशन का मानना है कि महाराष्ट्र में टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना के अपराधी केवल 24 घंटे में पकड़ में आ गए, लेकिन हमारे पूर्व अधिकारी के हत्यारे तो 21 दिन बाद भी पकड़ से बाहर हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव इस मामले में मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें एक ज्ञापन देकर एसआईटी गठित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस आयुक्त ने तुरंत एसआईटी गठित की।
बिजली होगी महंगी!
प्रदेश में बिजली अब महंगी हो सकती है। उपभोक्ताओं पर 10% अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी चल रही है। दरअसल मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा आगामी वर्ष से लागू होने वाले अगले पांच साल के रिटेल टैरिफ से जुड़े नियमों का ड्रॉफ्ट तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में 100 यूनिट बिजली में 14 यूनिट तक का घाटा मान्य होता है, लेकिन नए प्रस्ताव में घाटे की सीमा बढ़ाकर 24.5 प्रतिशत करने की तैयारी है। अर्थात 100 यूनिट में से 24.5 यूनिट के नुकसान को जायज माना जाएगा। इस अतिरिक्त नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को अधिक बिजली खरीदनी पड़ेगी, जिसका पूरा वित्तीय बोझ और वसूली सीधे आम जनता के बिजली बिल से ही की जाएगी। इसी से जुड़ी एक ताजा खबर यह भी है कि विद्युत वितरण कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की दर में बदलाव किया है। इससे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
राज्यसभा सीट एक, दावेदार अनेक
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया। यह सीट डॉ. एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के आधार पर इस सीट पर भाजपा की जीत निश्चित है। राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही इस सीट के लिए भाजपा में कई नेता सक्रिय हो गए हैं और हालत एक अनार सौ बीमार वाली हो गई है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आगामी कुछ दिनों में नाम तय करेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा अभी से शुरू हो गई है।
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अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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बिजली होगी महंगी!
प्रदेश में बिजली अब महंगी हो सकती है। उपभोक्ताओं पर 10% अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी चल रही है। दरअसल मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा आगामी वर्ष से लागू होने वाले अगले पांच साल के रिटेल टैरिफ से जुड़े नियमों का ड्रॉफ्ट तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में 100 यूनिट बिजली में 14 यूनिट तक का घाटा मान्य होता है, लेकिन नए प्रस्ताव में घाटे की सीमा बढ़ाकर 24.5 प्रतिशत करने की तैयारी है। अर्थात 100 यूनिट में से 24.5 यूनिट के नुकसान को जायज माना जाएगा। इस अतिरिक्त नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को अधिक बिजली खरीदनी पड़ेगी, जिसका पूरा वित्तीय बोझ और वसूली सीधे आम जनता के बिजली बिल से ही की जाएगी। इसी से जुड़ी एक ताजा खबर यह भी है कि विद्युत वितरण कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की दर में बदलाव किया है। इससे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
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राज्यसभा सीट एक, दावेदार अनेक
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया। यह सीट डॉ. एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के आधार पर इस सीट पर भाजपा की जीत निश्चित है। राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही इस सीट के लिए भाजपा में कई नेता सक्रिय हो गए हैं और हालत एक अनार सौ बीमार वाली हो गई है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आगामी कुछ दिनों में नाम तय करेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा अभी से शुरू हो गई है।
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