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भारत का न्यूजीलैंड दौरा: 156.7 की रफ्तार भी काफी नहीं! मयंक यादव को पूर्व कोच ने किस चीज में सुधार की दी सलाह?
Wed, 14 Oct 2026 08:59 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 14 Oct 2026 08:59 AM IST
सार
भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने मयंक यादव को सलाह दी है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में सिर्फ रफ्तार के बजाय गेंद की दिशा, सही लेंथ और रणनीति पर अमल करने पर ध्यान दें। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की वापसी का समर्थन किया, मोहम्मद सिराज को लय हासिल करने की सलाह दी और न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी को भारत के लिए चुनौतीपूर्ण बताया।
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मयंक यादव
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत के युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से दुनिया का ध्यान खींचा है। उनके नाम 156.7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है, लेकिन सिर्फ तेज गेंदबाजी करना उन्हें खतरनाक गेंदबाज नहीं बनाएगा। भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण का मानना है कि मयंक को अपनी रफ्तार के साथ गेंद की दिशा, सही लेंथ और रणनीति पर अमल करने की क्षमता में भी सुधार करना होगा। भारत को 22 अक्तूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी है, जिसमें मयंक पर नजरें रहेंगी।
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मयंक यादव
- फोटो : amar ujala
रफ्तार के साथ सटीकता भी जरूरी
भरत अरुण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक की गेंदबाजी पर खुशी जताई, लेकिन उन्हें अपनी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। अरुण ने कहा, 'मयंक को वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी रफ्तार से गेंदबाजी करते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। वह अपनी गति पर काफी निर्भर रहते हैं। तेज गेंदबाजी करना अच्छी बात है और बहुत कम गेंदबाज उनकी तरह इतनी तेज गेंद डाल सकते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण गेंद की दिशा और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई गेंदबाज अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी कर पाता है, तो उसकी रफ्तार ज्यादा घातक बन जाती है। खेल में कभी-कभी असफल होना भी स्वाभाविक है, लेकिन अपनी रणनीति पर बार-बार सफल होना जरूरी है। मयंक को इसी दिशा में काम करना चाहिए।'
मयंक ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ छह मैचों में 22 ओवर गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट लिए हैं। रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 36 रन देकर तीन विकेट झटके थे। इस दौरान उन्होंने निकोलस पूरन और शिमरोन हेटमायर को शॉर्ट गेंदों पर आउट किया, जबकि रोवमैन पॉवेल का ऑफ स्टंप 149.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद से उखाड़ दिया था।
भरत अरुण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक की गेंदबाजी पर खुशी जताई, लेकिन उन्हें अपनी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। अरुण ने कहा, 'मयंक को वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी रफ्तार से गेंदबाजी करते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। वह अपनी गति पर काफी निर्भर रहते हैं। तेज गेंदबाजी करना अच्छी बात है और बहुत कम गेंदबाज उनकी तरह इतनी तेज गेंद डाल सकते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण गेंद की दिशा और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई गेंदबाज अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी कर पाता है, तो उसकी रफ्तार ज्यादा घातक बन जाती है। खेल में कभी-कभी असफल होना भी स्वाभाविक है, लेकिन अपनी रणनीति पर बार-बार सफल होना जरूरी है। मयंक को इसी दिशा में काम करना चाहिए।'
मयंक ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ छह मैचों में 22 ओवर गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट लिए हैं। रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 36 रन देकर तीन विकेट झटके थे। इस दौरान उन्होंने निकोलस पूरन और शिमरोन हेटमायर को शॉर्ट गेंदों पर आउट किया, जबकि रोवमैन पॉवेल का ऑफ स्टंप 149.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद से उखाड़ दिया था।
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भरत अरुण
- फोटो : KKR
न्यूजीलैंड में गेंदबाजों के सामने क्या होगी चुनौती?
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाजों को हवा की दिशा, स्विंग और मैदान के आकार को ध्यान में रखकर गेंदबाजी करनी होगी। अरुण के मुताबिक, सीमित ओवरों के क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अलग-अलग तरह की गेंदें डालना बेहद जरूरी है, क्योंकि बल्लेबाज जल्दी ही उनकी ताकत और कमजोरियों को समझ लेते हैं।
उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड में गेंद स्विंग होती है, लेकिन सफेद गेंद से सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह स्विंग आमतौर पर चार-पांच ओवर तक ही रहती है। टी20 और वनडे में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गेंदबाज के पास कितने अलग-अलग विकल्प हैं। बल्लेबाज गेंदबाज की ताकत को जल्दी पहचान लेते हैं। ऐसे में गेंदबाजी में कौन से चौंकाने वाले विकल्प हैं, यही निर्णायक होगा।'
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाजों को हवा की दिशा, स्विंग और मैदान के आकार को ध्यान में रखकर गेंदबाजी करनी होगी। अरुण के मुताबिक, सीमित ओवरों के क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अलग-अलग तरह की गेंदें डालना बेहद जरूरी है, क्योंकि बल्लेबाज जल्दी ही उनकी ताकत और कमजोरियों को समझ लेते हैं।
उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड में गेंद स्विंग होती है, लेकिन सफेद गेंद से सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह स्विंग आमतौर पर चार-पांच ओवर तक ही रहती है। टी20 और वनडे में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गेंदबाज के पास कितने अलग-अलग विकल्प हैं। बल्लेबाज गेंदबाज की ताकत को जल्दी पहचान लेते हैं। ऐसे में गेंदबाजी में कौन से चौंकाने वाले विकल्प हैं, यही निर्णायक होगा।'
मोहम्मद सिराज
- फोटो : PTI
भुवनेश्वर की वापसी से खुश, सिराज को दी सलाह
चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लेकर अरुण ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर की मौजूदा फॉर्म, गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता और अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाते हैं। अरुण ने कहा, 'मैं भुवनेश्वर के चयन में उम्र को बाधा नहीं मानता। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन को भरोसा है कि वह योगदान दे सकता है, तो उसे मौका मिलना चाहिए। मेरे हिसाब से भुवनेश्वर अगले डेढ़ साल तक भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।'
वहीं, मोहम्मद सिराज की लय में आई गिरावट पर उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद खेल में वापसी करने वाले खिलाड़ियों को अपनी पुरानी लय हासिल करने में समय लग सकता है। अरुण के अनुसार, सिराज को अपने कोच के साथ मिलकर गेंदबाजी की लय दोबारा हासिल करने पर काम करना चाहिए।
चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लेकर अरुण ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर की मौजूदा फॉर्म, गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता और अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाते हैं। अरुण ने कहा, 'मैं भुवनेश्वर के चयन में उम्र को बाधा नहीं मानता। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन को भरोसा है कि वह योगदान दे सकता है, तो उसे मौका मिलना चाहिए। मेरे हिसाब से भुवनेश्वर अगले डेढ़ साल तक भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।'
वहीं, मोहम्मद सिराज की लय में आई गिरावट पर उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद खेल में वापसी करने वाले खिलाड़ियों को अपनी पुरानी लय हासिल करने में समय लग सकता है। अरुण के अनुसार, सिराज को अपने कोच के साथ मिलकर गेंदबाजी की लय दोबारा हासिल करने पर काम करना चाहिए।
हार्दिक पांड्या
- फोटो : ANI
हार्दिक की कमी खलेगी, न्यूजीलैंड की चुनौती कठिन
अरुण ने हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी पर निराशा जताते हुए कहा कि वह शानदार ऑलराउंडर हैं और उनकी कमी खलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू परिस्थितियों में न्यूजीलैंड की मजबूत तेज गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत ए का रेड बॉल दौरा भी खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में मदद करेगा। अरुण ने रणजी ट्रॉफी के कार्यक्रम से टकराव के बावजूद इस दौरे को भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, इससे भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव मिलेगा और घरेलू क्रिकेट में दूसरे खिलाड़ियों को भी खेलने के अधिक अवसर मिलेंगे।
अरुण ने हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी पर निराशा जताते हुए कहा कि वह शानदार ऑलराउंडर हैं और उनकी कमी खलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू परिस्थितियों में न्यूजीलैंड की मजबूत तेज गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत ए का रेड बॉल दौरा भी खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में मदद करेगा। अरुण ने रणजी ट्रॉफी के कार्यक्रम से टकराव के बावजूद इस दौरे को भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, इससे भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव मिलेगा और घरेलू क्रिकेट में दूसरे खिलाड़ियों को भी खेलने के अधिक अवसर मिलेंगे।