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78 साल बाद रणजी में फिर बना इतिहास: 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने चिन्मय सुतार, किसके नाम है रिकॉर्ड?
Mon, 19 Oct 2026 04:25 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सोविमा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सोविमा
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Mon, 19 Oct 2026 04:25 PM IST
सार
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया। वह रणजी ट्रॉफी में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले 1948-49 में बीबी निंबलकर ने नाबाद 443 रन बनाए थे। सुतार की शानदार पारी में 46 चौके और सात छक्के शामिल रहे।
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चिन्मय सुतार
- फोटो : Chinmay Sutar (Instagram)
विस्तार
भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ सुतार ने 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर एक ऐसा कारनामा किया, जो इससे पहले करीब 78 साल पहले देखने को मिला था। वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबलकर ने 1948-49 के सत्र में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
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सुतार ने लूटी महफिल
दीमापुर के सोविमा में खेले गए इस मुकाबले में मिजोरम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 581 रन बनाकर घोषित कर दी। टीम के इस विशाल स्कोर की सबसे बड़ी वजह चिन्मय सुतार की मैराथन पारी रही। उन्होंने अपनी नाबाद 400 रन की पारी में 46 चौके और सात छक्के लगाए। सुतार ने दबाव के बीच न केवल अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।
दीमापुर के सोविमा में खेले गए इस मुकाबले में मिजोरम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 581 रन बनाकर घोषित कर दी। टीम के इस विशाल स्कोर की सबसे बड़ी वजह चिन्मय सुतार की मैराथन पारी रही। उन्होंने अपनी नाबाद 400 रन की पारी में 46 चौके और सात छक्के लगाए। सुतार ने दबाव के बीच न केवल अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।
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चिन्मय सुतार
- फोटो : Mizoram Cricket Association
रणजी ट्रॉफी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
चिन्मय सुतार अब रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान पर बीबी निंबलकर हैं, जिन्होंने 1948-49 में नाबाद 443 रन बनाए थे। सुतार ने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के 379 रन के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया है। शॉ ने 2022-23 के सत्र में मुंबई की ओर से असम के खिलाफ यह पारी खेली थी।
इस सूची में चौथे स्थान पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर हैं, जिन्होंने 1990-91 के सत्र में मुंबई के लिए हैदराबाद के खिलाफ 366 रन बनाए थे। वहीं, हैदराबाद के एमवी श्रीधर 344 रन की पारी के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 1993-94 के सत्र में आंध्र प्रदेश के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
चिन्मय सुतार अब रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान पर बीबी निंबलकर हैं, जिन्होंने 1948-49 में नाबाद 443 रन बनाए थे। सुतार ने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के 379 रन के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया है। शॉ ने 2022-23 के सत्र में मुंबई की ओर से असम के खिलाफ यह पारी खेली थी।
इस सूची में चौथे स्थान पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर हैं, जिन्होंने 1990-91 के सत्र में मुंबई के लिए हैदराबाद के खिलाफ 366 रन बनाए थे। वहीं, हैदराबाद के एमवी श्रीधर 344 रन की पारी के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 1993-94 के सत्र में आंध्र प्रदेश के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी खास उपलब्धि
सुतार की यह उपलब्धि केवल रणजी ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के खास क्लब में शामिल हो गए हैं। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले खिलाड़ियों में ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड ब्रायन लारा के नाम है, जिन्होंने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे।
सुतार ने अपनी पारी को उस समय भी जारी रखा, जब मिजोरम के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। चाय के समय वह 392 रन पर नाबाद थे और इसके बाद 155वें ओवर में 400 रन का आंकड़ा पार कर लिया। उनकी इस पारी की बदौलत मिजोरम ने 581 रन बनाकर पारी घोषित की।
सुतार की यह उपलब्धि केवल रणजी ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के खास क्लब में शामिल हो गए हैं। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले खिलाड़ियों में ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड ब्रायन लारा के नाम है, जिन्होंने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे।
सुतार ने अपनी पारी को उस समय भी जारी रखा, जब मिजोरम के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। चाय के समय वह 392 रन पर नाबाद थे और इसके बाद 155वें ओवर में 400 रन का आंकड़ा पार कर लिया। उनकी इस पारी की बदौलत मिजोरम ने 581 रन बनाकर पारी घोषित की।
आखिरी विकेट के लिए भी की बड़ी साझेदारी
चिन्मय सुतार की पारी का एक और अहम पहलू आखिरी विकेट के लिए बनी साझेदारी रही। उन्होंने लालरेम्पुनिया छकछुआक के साथ मिलकर दसवें विकेट के लिए नाबाद 190 रन जोड़े। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आखिरी विकेट के लिए यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है। इस सूची में सर्वोच्च रिकॉर्ड दिल्ली के अजय शर्मा और मनिंदर सिंह के नाम है, जिन्होंने 1991-92 के सत्र में मुंबई के खिलाफ 233 रन की साझेदारी की थी। सुतार के अलावा मिजोरम की ओर से जेहू एंडरसन ने 69 रन का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से टीम पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
चिन्मय सुतार की पारी का एक और अहम पहलू आखिरी विकेट के लिए बनी साझेदारी रही। उन्होंने लालरेम्पुनिया छकछुआक के साथ मिलकर दसवें विकेट के लिए नाबाद 190 रन जोड़े। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आखिरी विकेट के लिए यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है। इस सूची में सर्वोच्च रिकॉर्ड दिल्ली के अजय शर्मा और मनिंदर सिंह के नाम है, जिन्होंने 1991-92 के सत्र में मुंबई के खिलाफ 233 रन की साझेदारी की थी। सुतार के अलावा मिजोरम की ओर से जेहू एंडरसन ने 69 रन का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से टीम पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
चिन्मय सुतार
- फोटो : Twitter
मुंबई से शुरुआत, मिजोरम के लिए ऐतिहासिक पारी
- 29 वर्षीय चिन्मय सुतार का क्रिकेट सफर भी दिलचस्प रहा है। उन्होंने इस साल जनवरी में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान मुंबई की ओर से महाराष्ट्र के खिलाफ लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि, उनका पहला मुकाबला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह महज दो रन बनाकर रन आउट हो गए।
- इसके बाद सुतार ने मुंबई की स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। जून में उन्होंने मुंबई टी20 लीग में एमएससी मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार दो अर्धशतक भी लगाए और छह पारियों में 212 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा।
- 2026-27 सत्र शुरू होने से पहले सुतार ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल किया और मिजोरम की ओर से खेलने का फैसला किया। उन्होंने मिजोरम के लिए अपने पहले रणजी मुकाबले में मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए। हालांकि, इस मुकाबले में मिजोरम को तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।