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Ajinkya Rahane: गावस्कर ने द्रविड़ से की अजिंक्य रहाणे की तुलना, बोले- उतना श्रेय नहीं मिला जिसके हकदार थे
Wed, 05 Aug 2026 10:29 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:29 AM IST
सार
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे की लीडरशीप को जमकर सराहा। रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। गावस्कर ने रहाणे की तुलना राहुल द्रविड़ से की है।
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अजिंक्य रहाणे
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर का कहना है कि अजिंक्य रहाणे को उतना श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे। गावस्कर ने रहाणे की तुलना राहुल द्रविड़ से की जिनकी कप्तानी में भारत ने कुछ शानदार जीत दर्ज की थी। रहाणे ने पिछले हफ्ते क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। रहाणे अक्सर एक शांत स्वभाव के खिलाड़ी रहे हैं जो बिना ज्यादा ध्यान आकर्षित किए अपना काम चुपचाप करते थे। उन्होंने अपनी कप्तानी का लोहा भी मनवाया था और जब विराट कोहली उपलब्ध नहीं होते थे, तो उन्होंने टेस्ट कप्तानी संभाली थी। रहाणे की सबसे बड़ी उपलब्धि 2020-21 की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत है।
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गावस्कर बोले- हारने पर कप्तान-कोच को दिया जाता है दोष
एक अखबार के लिए लिखे कॉलम में गावस्कर ने लिखा, एक कप्तान के रूप में रहाणे का रिकॉर्ड असाधारण है, जिसमें छह में से चार जीत और कोई हार शामिल नहीं है। राहुल द्रविड़ की तरह, जिनकी कप्तानी में भी कुछ शानदार जीतें दर्ज हुईं, लेकिन उन्हें कभी वह श्रेय नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। रहाणे के नेतृत्व को भी शायद ही वह सराहना मिली जिसके वह पात्र थे। यह भारतीय क्रिकेट की एक आम बात है। जब टीम जीतती है, तो सारा श्रेय व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वालों को मिलता है, चाहे वे बल्लेबाज हों या गेंदबाज। लेकिन जब टीम हारती है, तो कप्तान और कोच को दोष दिया जाता है।
एक अखबार के लिए लिखे कॉलम में गावस्कर ने लिखा, एक कप्तान के रूप में रहाणे का रिकॉर्ड असाधारण है, जिसमें छह में से चार जीत और कोई हार शामिल नहीं है। राहुल द्रविड़ की तरह, जिनकी कप्तानी में भी कुछ शानदार जीतें दर्ज हुईं, लेकिन उन्हें कभी वह श्रेय नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। रहाणे के नेतृत्व को भी शायद ही वह सराहना मिली जिसके वह पात्र थे। यह भारतीय क्रिकेट की एक आम बात है। जब टीम जीतती है, तो सारा श्रेय व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वालों को मिलता है, चाहे वे बल्लेबाज हों या गेंदबाज। लेकिन जब टीम हारती है, तो कप्तान और कोच को दोष दिया जाता है।
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ऑस्ट्रेलिया में रहाणे की कप्तानी में जीती थी सीरीज
2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सीरीज के शुरुआती मैच में भारत मात्र 36 रन पर आउट हो गया था, जिसके बाद कोहली निजी कारणों के चलते स्वदेश लौट आए थे। इसके बाद मेहमान टीम एक के बाद एक चोटों से जूझती रही, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 0-1 से पिछड़ने के बाद सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सीरीज के शुरुआती मैच में भारत मात्र 36 रन पर आउट हो गया था, जिसके बाद कोहली निजी कारणों के चलते स्वदेश लौट आए थे। इसके बाद मेहमान टीम एक के बाद एक चोटों से जूझती रही, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 0-1 से पिछड़ने के बाद सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
गावस्कर ने कहा, 2021 की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद, रहाणे ने रवि शास्त्री के साथ मिलकर टीम को इस मुश्किल दौर से बाहर निकाला। उन्होंने एक ऐसी डूबती हुई नाव की कमान संभाली जो डूबने के लिए तैयार थी और न केवल इसे मुश्किल से निकाला, बल्कि भारत को ऑस्ट्रेलिया के गढ़ गाबा में एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक जीत दिलाई और इसके साथ ही सीरीज पर भी कब्जा किया।