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युजवेंद्र चहल: भारतीय स्पिनर ने किया अचानक संन्यास का एलान, इंस्टाग्राम पर शेयर किया पोस्ट; जानें क्या लिखा
Fri, 02 Oct 2026 02:23 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:23 PM IST
सार
भारत के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। चहल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये इसकी घोषणा की है। आइए जानते हैं चहल का प्रथम श्रेणी करियर कैसा रहा है...
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युजवेंद्र चहल
- फोटो : Yuzvendra Chahal Instagram
विस्तार
भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। चहल पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है।
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चहल ने लाल गेंद क्रिकेट को कहा अलविदा
चहल ने लिखा, मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से कितना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और प्रारूप नहीं था। इसी फार्मेट में मैंने सब्र, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।
चहल ने लिखा, मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से कितना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और प्रारूप नहीं था। इसी फार्मेट में मैंने सब्र, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।
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युजवेंद्र चहल
- फोटो : ANI
भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट
लेग-स्पिनर चहल को भारत के लिए टेस्ट खेलने का कभी मौका नहीं मिला। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।
लेग-स्पिनर चहल को भारत के लिए टेस्ट खेलने का कभी मौका नहीं मिला। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।
युजवेंद्र चहल
- फोटो : ANI
चहल बोले- मेरा सफर खत्म नहीं हुआ
उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।
चहल ने कहा, अपने देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें जबरदस्त है। मुझे यकीन है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है और वनडे और टी20 प्रारूप में एक और मौका पाने के लिए मैं अपनी पूरी जान लगा दूंगा। हरियाणा क्रिकेट संघ, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और श्री अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का खास शुक्रिया, जिन्होंने मेरे पूरे सफर में लगातार मेरा साथ दिया और मुझ पर भरोसा जताया। पहली बार रेड बॉल पकड़ने वाले 10 साल के बच्चे से लेकर अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेलने तक, यह सफर वाकई जबरदस्त रहा है।
उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।
चहल ने कहा, अपने देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें जबरदस्त है। मुझे यकीन है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है और वनडे और टी20 प्रारूप में एक और मौका पाने के लिए मैं अपनी पूरी जान लगा दूंगा। हरियाणा क्रिकेट संघ, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और श्री अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का खास शुक्रिया, जिन्होंने मेरे पूरे सफर में लगातार मेरा साथ दिया और मुझ पर भरोसा जताया। पहली बार रेड बॉल पकड़ने वाले 10 साल के बच्चे से लेकर अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेलने तक, यह सफर वाकई जबरदस्त रहा है।
युजवेंद्र चहल
- फोटो : Northamptonshire CCC
टेस्ट क्रिकेट में नहीं मिले ज्यादा मौके
चहल भारत के लिए लाल गेंद प्रारूप में नहीं खेले और इस फॉर्मेट में उन्हें ज्यादा मौके भी नहीं मिले। चहल भारत की टेस्ट टीम रणनीति का कभी हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने काउंटी क्रिकेट में जरूर अपना दम दिखाया, लेकिन अब वह इस प्रारूप में खेलते नजर नहीं आएंगे।
चहल भारत के लिए लाल गेंद प्रारूप में नहीं खेले और इस फॉर्मेट में उन्हें ज्यादा मौके भी नहीं मिले। चहल भारत की टेस्ट टीम रणनीति का कभी हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने काउंटी क्रिकेट में जरूर अपना दम दिखाया, लेकिन अब वह इस प्रारूप में खेलते नजर नहीं आएंगे।