Ghaziabad Aerocity Scheme: पहले सर्वे में हुई चूक, अब दोबारा होगी जमीन की पड़ताल; 100 से ज्यादा आईं आपत्तियां
एयरोसिटी योजना धीमी पड़ी। जीडीए के नोटिस पर 200 से अधिक मकान मिले, दोबारा सर्वेक्षण हो रहा है। आबादी वाले हिस्से को योजना से बाहर रखने पर विचार है।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास प्रस्तावित 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली एयरोसिटी योजना की प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। पहले चरण में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जमीन को खाली मानते हुए नोटिस जारी कर दिए गए थे। लोगों की आपत्तियों के बाद अब जीडीए ने मौके पर दोबारा सर्वे शुरू कराया है।
जीडीए सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि पहले जारी नोटिस उपलब्ध सर्वे रिकॉर्ड के आधार पर भेजे गए थे। उस समय रिकॉर्ड में संबंधित जमीन खाली दर्ज थी। हालांकि, मोरटी, अटौर और नंगला गांवों के 100 से अधिक लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि वहां आबादी बस चुकी है। इसके बाद दोबारा सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ही आगे की अधिसूचना जारी की जाएगी।
200 से अधिक मकान मिलने से बढ़ी चुनौती
प्राधिकरण के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद बड़ी संख्या में आवास स्वामी सामने आए। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में यहां जमीन खरीदकर मकान बनाए हैं। दोबारा सर्वे में 200 से अधिक मकानों की मौजूदगी सामने आई है। ऐसे में इतनी बड़ी आबादी का पुनर्वास करना बड़ी चुनौती बन गया है। इसी वजह से अधिकारी आबादी वाले हिस्से को एयरोसिटी योजना से बाहर रखने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। हाल के वर्षों में विकसित हुए रिहायशी क्षेत्र को योजना से अलग किया जा सकता है।
लैंड पूलिंग की तैयारी पर भी असर
स्टेडियम परियोजना की बाधाएं दूर होने के बाद जीडीए हरनंदीपुरम फेज-एक और एयरोसिटी के लिए लैंड पूलिंग के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा था। किसानों को योजना की जानकारी देने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की जानी है, जिसके लिए आरएफपी पहले ही जारी की जा चुकी है। हालांकि, नए सर्वे के चलते पूरी प्रक्रिया में कुछ देरी होने की संभावना है।