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Gurugram News: दमदमा लेक की रोइंग खेल नर्सरी बंद, निरीक्षण में नहीं मिले खिलाड़ी और प्रशिक्षक
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दो बार किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने लिया फैसला
अब सभी केंद्रों की होगी नियमित समीक्षा
तीन खेल नर्सरियों पर अब तक हो चुकी है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में खेल नर्सरियों को लेकर खेल विभाग ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। खेल विभाग ने जिले की दमदमा लेक में संचालित रोइंग खेल नर्सरी को बंद कर दिया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा दो बार किए गए निरीक्षण के बाद यह फैसला लिया गया है। निरीक्षण के दौरान इस खेल नर्सरी में निरीक्षण के दौरान न तो प्रशिक्षक मौके पर मौजूद मिला और न ही कोई खिलाड़ी अभ्यास करता दिखाई दिया। इस कारण रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने नर्सरी का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।
इस कार्रवाई के साथ ही मौजूदा सत्र में बंद की गई खेल नर्सरियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। जिले में वर्तमान में कुल 59 खेल नर्सरियां संचालित हैं। इनमें 22 नर्सरियां जिला खेल विभाग के प्रशिक्षकों के माध्यम से चलाई जा रही हैं, जबकि 37 नर्सरियां पंचायतों और सरकारी संस्थानों को आवंटित की गई हैं। इस वर्ष विभाग ने निजी संस्थानों को खेल नर्सरी आवंटित नहीं की है। विभाग अब चरणबद्ध तरीके से सभी पंचायत एवं सरकारी संस्थानों में संचालित नर्सरियों का निरीक्षण कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान केवल भवन या रिकॉर्ड नहीं, बल्कि वास्तविक प्रशिक्षण व्यवस्था की जांच की जा रही है। अधिकारी यह देख रहे हैं कि प्रशिक्षक तय समय पर मौजूद है या नहीं, खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं या नहीं, प्रशिक्षण निर्धारित समयानुसार हो रहा है तथा उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक उपस्थिति में कोई अंतर तो नहीं है। खेल विभाग की प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। आठ से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके अलावा प्रशिक्षकों का मानदेय भी खेल विभाग द्वारा वहन किया जाता है। विभागीय नियमों के अनुसार खिलाड़ियों की प्रत्येक माह कम से कम 22 दिन उपस्थिति अनिवार्य है। निर्धारित उपस्थिति पूरी होने के बाद ही उन्हें आर्थिक सहायता जारी की जाती है।
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दमदमा लेक स्थित रोइंग खेल नर्सरी का दो बार निरीक्षण किया गया। दोनों बार प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौके पर नहीं मिले। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर नर्सरी को बंद करने का निर्णय लिया गया है। जिले की सभी खेल नर्सरियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां भी प्रशिक्षण व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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अब सभी केंद्रों की होगी नियमित समीक्षा
तीन खेल नर्सरियों पर अब तक हो चुकी है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में खेल नर्सरियों को लेकर खेल विभाग ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। खेल विभाग ने जिले की दमदमा लेक में संचालित रोइंग खेल नर्सरी को बंद कर दिया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा दो बार किए गए निरीक्षण के बाद यह फैसला लिया गया है। निरीक्षण के दौरान इस खेल नर्सरी में निरीक्षण के दौरान न तो प्रशिक्षक मौके पर मौजूद मिला और न ही कोई खिलाड़ी अभ्यास करता दिखाई दिया। इस कारण रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने नर्सरी का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।
इस कार्रवाई के साथ ही मौजूदा सत्र में बंद की गई खेल नर्सरियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। जिले में वर्तमान में कुल 59 खेल नर्सरियां संचालित हैं। इनमें 22 नर्सरियां जिला खेल विभाग के प्रशिक्षकों के माध्यम से चलाई जा रही हैं, जबकि 37 नर्सरियां पंचायतों और सरकारी संस्थानों को आवंटित की गई हैं। इस वर्ष विभाग ने निजी संस्थानों को खेल नर्सरी आवंटित नहीं की है। विभाग अब चरणबद्ध तरीके से सभी पंचायत एवं सरकारी संस्थानों में संचालित नर्सरियों का निरीक्षण कर रहा है।
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निरीक्षण के दौरान केवल भवन या रिकॉर्ड नहीं, बल्कि वास्तविक प्रशिक्षण व्यवस्था की जांच की जा रही है। अधिकारी यह देख रहे हैं कि प्रशिक्षक तय समय पर मौजूद है या नहीं, खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं या नहीं, प्रशिक्षण निर्धारित समयानुसार हो रहा है तथा उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक उपस्थिति में कोई अंतर तो नहीं है। खेल विभाग की प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। आठ से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके अलावा प्रशिक्षकों का मानदेय भी खेल विभाग द्वारा वहन किया जाता है। विभागीय नियमों के अनुसार खिलाड़ियों की प्रत्येक माह कम से कम 22 दिन उपस्थिति अनिवार्य है। निर्धारित उपस्थिति पूरी होने के बाद ही उन्हें आर्थिक सहायता जारी की जाती है।
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दमदमा लेक स्थित रोइंग खेल नर्सरी का दो बार निरीक्षण किया गया। दोनों बार प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौके पर नहीं मिले। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर नर्सरी को बंद करने का निर्णय लिया गया है। जिले की सभी खेल नर्सरियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां भी प्रशिक्षण व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी