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Gurugram News: वारंट की तामील न कराने पर दो हेड कांस्टेबल को नोटिस
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अदालत से
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- अदालत में बताना होगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए
- 23 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आपराधिक मामले में दो गवाहों के गैर-जमानती वारंट की तामील न कराने पर जिला अदालत ने दो हेड कांस्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों से पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें 23 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा। आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मनोज कौर की अदालत ने दिया है।
अदालत वर्ष 2015 में डीएलएफ फेज-2 थाने में दर्ज फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले की सुनवाई कर रही थी। मामले में अभिषेक शर्मा आरोपी है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्राइसवाटरहाउसकूपर्स इंडिया के नाम का दुरुपयोग कर युवाओं को नौकरी के फर्जी ऑफर दिए और उनसे रुपये वसूले।
सात अगस्त की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के गवाह सुमित कुमार, मौर्य और मोहम्मद मजीद को पुलिस की ओर से अदालत में पेश किया जाना था। हेड कांस्टेबल शिव कुमार ने बताया कि समय की कमी के कारण सुमित कुमार के वारंट की तामील नहीं हो सकी। वहीं, हेड कांस्टेबल रोहताश ने कानून-व्यवस्था में व्यस्त होने की बात कही। अदालत ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों के पास करीब 22 दिन का समय था, फिर भी वारंट की तामील नहीं कराई गई। इसके चलते दोनों को नोटिस जारी किया गया।
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अदालत ने थाना प्रभारी को गवाह गोविंद राम का पता लगाकर अगली सुनवाई में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। ऐसा नहीं होने पर थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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- अदालत में बताना होगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए
- 23 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आपराधिक मामले में दो गवाहों के गैर-जमानती वारंट की तामील न कराने पर जिला अदालत ने दो हेड कांस्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों से पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें 23 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा। आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मनोज कौर की अदालत ने दिया है।
अदालत वर्ष 2015 में डीएलएफ फेज-2 थाने में दर्ज फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले की सुनवाई कर रही थी। मामले में अभिषेक शर्मा आरोपी है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्राइसवाटरहाउसकूपर्स इंडिया के नाम का दुरुपयोग कर युवाओं को नौकरी के फर्जी ऑफर दिए और उनसे रुपये वसूले।
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सात अगस्त की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के गवाह सुमित कुमार, मौर्य और मोहम्मद मजीद को पुलिस की ओर से अदालत में पेश किया जाना था। हेड कांस्टेबल शिव कुमार ने बताया कि समय की कमी के कारण सुमित कुमार के वारंट की तामील नहीं हो सकी। वहीं, हेड कांस्टेबल रोहताश ने कानून-व्यवस्था में व्यस्त होने की बात कही। अदालत ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों के पास करीब 22 दिन का समय था, फिर भी वारंट की तामील नहीं कराई गई। इसके चलते दोनों को नोटिस जारी किया गया।
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अदालत ने थाना प्रभारी को गवाह गोविंद राम का पता लगाकर अगली सुनवाई में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। ऐसा नहीं होने पर थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।