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Gurugram News: अभ्यास के बाद भी बारिश की परीक्षा में प्रशासन फेल
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करोड़ों की प्री-मानसून तैयारियां बारिश में डूबीं
जिले में झमाझम बारिश ने बढ़ाई परेशानी, हाईवे पर रेंगते रहे वाहन
नंबर गेम -32 एमएम बारिश से विभागों की हुई फजीहत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले में मानसून की बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुई 32 एमएम की झमाझम बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया, जिससे लगातार दूसरे दिन भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। प्रशासन द्वारा प्री-मानसून व्यवस्थाओं और नालों की सफाई पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये पानी में बहते नजर आए। बारिश के बाद अग्रसेन चौक, बस स्टैंड, सेक्टर-82 वाटिका सोसाइटी, ट्यूलिप चौक, ट्यूलिप मंदिर, ट्यूलिप आइवरी, सेक्टर-102ए अंडरपास और पुलिस लाइन के पास भारी जलभराव हो गया। कई जगहों पर घुटनों तक कीचड़ जमा होने और मोर चौक से पुलिस लाइन मार्ग पर सड़क धंसने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। उधर, दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर धंसी सड़क की मरम्मत कर उसे यातायात के लिए खोल तो दिया गया, लेकिन मरम्मत वाले हिस्से पर बैरिकेडिंग होने के कारण वाहन दिनभर रेंगते रहे।
गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर जलभराव
बारिश के कारण गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर कई स्थानों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। लोगों का कहना है कि हाईवे पर जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने से हर बारिश में जलभराव हो जाता है। इससे आसपास की सोसाइटियों और कॉरपोरेट कार्यालयों में आने-जाने वाले कर्मचारियों को भी दिक्कत हुई। सुभाष चौक अंडरपास में मंगलवार रात जलभराव हो गया था, जिसे बुधवार को पंपों की मदद से खाली कराया गया। दूसरी ओर दिल्ली रोड पर पॉस्को चौक के पास भी जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
हाईवे खुला, बैरिकेडिंग से यातायात प्रभावित
दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर नरसिंहपुर के पास धंसी सड़क को रात में ही एनएचएआई और जीएमडीए ने दुरुस्त कर दिया। इसके बाद हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। जहां सड़क धंसी थी, वहां मरम्मत के बाद भी एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग की गई। ऐसे में हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। बैरिकेडिंग के कारण एक ही लेन से वाहनों की आवाजाही होती रही। हालांकि, हाईवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए पुलिस की टीम तैनात रही। बुधवार दोपहर सड़क पर यातायात बेहतर करने के लिए लोहे की प्लेटें भी बिछाई गईं।
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जलभराव की 346 शिकायतें आईं
बारिश के दौरान नगर निगम गुरुग्राम के नए फ्लड डेप्थ कंट्रोल ऑनलाइन फीचर पर पहले ही दिन 346 शिकायतें प्राप्त हुईं। निगम अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश शिकायतों पर तत्काल टीमों को मौके पर भेजकर जलनिकासी और राहत कार्य कराया गया। निगम की साइट पर जलभराव संबंधी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से वाहन चालक अपने क्षेत्र में जलभराव की सूचना देने के साथ-साथ पानी की अनुमानित गहराई भी दर्ज कर सकते हैं। संवाद
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42 संवेदनशील स्थानों पर जलभराव से मिली राहत
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में किए गए बाढ़ राहत एवं वर्षा जल निकासी प्रबंध प्रभावी साबित हुए। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि इंजीनियरिंग विंग ने पूर्व में सेक्टर 1 से 80 के बीच ऐसे 42 संवेदनशील स्थलों की पहचान की थी, जहां प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान न केवल भारी मात्रा में पानी भरता था। मंगलवार की भारी वर्षा के दौरान इन सभी स्थानों की लगातार निगरानी की गई। ब्यूरो
तहसील/उप-तहसीलवार वर्षा (मिमी)
8 जुलाई (सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक)
गुरुग्राम – 32
कादीपुर – 33
हरसरू – 33
वजीराबाद – 16
बादशाहपुर – 20
सोहना – 10
मानेसर – 7.5
पटौदी – 4
फर्रुखनगर – 18
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जिले में झमाझम बारिश ने बढ़ाई परेशानी, हाईवे पर रेंगते रहे वाहन
नंबर गेम -32 एमएम बारिश से विभागों की हुई फजीहत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले में मानसून की बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुई 32 एमएम की झमाझम बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया, जिससे लगातार दूसरे दिन भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। प्रशासन द्वारा प्री-मानसून व्यवस्थाओं और नालों की सफाई पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये पानी में बहते नजर आए। बारिश के बाद अग्रसेन चौक, बस स्टैंड, सेक्टर-82 वाटिका सोसाइटी, ट्यूलिप चौक, ट्यूलिप मंदिर, ट्यूलिप आइवरी, सेक्टर-102ए अंडरपास और पुलिस लाइन के पास भारी जलभराव हो गया। कई जगहों पर घुटनों तक कीचड़ जमा होने और मोर चौक से पुलिस लाइन मार्ग पर सड़क धंसने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। उधर, दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर धंसी सड़क की मरम्मत कर उसे यातायात के लिए खोल तो दिया गया, लेकिन मरम्मत वाले हिस्से पर बैरिकेडिंग होने के कारण वाहन दिनभर रेंगते रहे।
गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर जलभराव
बारिश के कारण गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर कई स्थानों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। लोगों का कहना है कि हाईवे पर जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने से हर बारिश में जलभराव हो जाता है। इससे आसपास की सोसाइटियों और कॉरपोरेट कार्यालयों में आने-जाने वाले कर्मचारियों को भी दिक्कत हुई। सुभाष चौक अंडरपास में मंगलवार रात जलभराव हो गया था, जिसे बुधवार को पंपों की मदद से खाली कराया गया। दूसरी ओर दिल्ली रोड पर पॉस्को चौक के पास भी जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
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हाईवे खुला, बैरिकेडिंग से यातायात प्रभावित
दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर नरसिंहपुर के पास धंसी सड़क को रात में ही एनएचएआई और जीएमडीए ने दुरुस्त कर दिया। इसके बाद हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। जहां सड़क धंसी थी, वहां मरम्मत के बाद भी एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग की गई। ऐसे में हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। बैरिकेडिंग के कारण एक ही लेन से वाहनों की आवाजाही होती रही। हालांकि, हाईवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए पुलिस की टीम तैनात रही। बुधवार दोपहर सड़क पर यातायात बेहतर करने के लिए लोहे की प्लेटें भी बिछाई गईं।
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जलभराव की 346 शिकायतें आईं
बारिश के दौरान नगर निगम गुरुग्राम के नए फ्लड डेप्थ कंट्रोल ऑनलाइन फीचर पर पहले ही दिन 346 शिकायतें प्राप्त हुईं। निगम अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश शिकायतों पर तत्काल टीमों को मौके पर भेजकर जलनिकासी और राहत कार्य कराया गया। निगम की साइट पर जलभराव संबंधी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से वाहन चालक अपने क्षेत्र में जलभराव की सूचना देने के साथ-साथ पानी की अनुमानित गहराई भी दर्ज कर सकते हैं। संवाद
42 संवेदनशील स्थानों पर जलभराव से मिली राहत
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में किए गए बाढ़ राहत एवं वर्षा जल निकासी प्रबंध प्रभावी साबित हुए। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि इंजीनियरिंग विंग ने पूर्व में सेक्टर 1 से 80 के बीच ऐसे 42 संवेदनशील स्थलों की पहचान की थी, जहां प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान न केवल भारी मात्रा में पानी भरता था। मंगलवार की भारी वर्षा के दौरान इन सभी स्थानों की लगातार निगरानी की गई। ब्यूरो
तहसील/उप-तहसीलवार वर्षा (मिमी)
8 जुलाई (सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक)
गुरुग्राम – 32
कादीपुर – 33
हरसरू – 33
वजीराबाद – 16
बादशाहपुर – 20
सोहना – 10
मानेसर – 7.5
पटौदी – 4
फर्रुखनगर – 18