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Gurugram News: जेल लोक अदालत में तीन बंदी हुए रिहा
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सचिव राकेश कादियान ने किया निरीक्षण, बंदियों को मुफ्त विधिक सहायता की जानकारी दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार किया गया। कारागार का निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने बताया कि जेल लोक अदालत का एकमात्र उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा करना है, ताकि बंदियों को राहत मिल सके। इस दौरान तीन विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
सचिव राकेश कादियान ने जेल का निरीक्षण कर बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। जेल में संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया और बताया गया कि बंदी प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मुफ्त अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बंदियों की मुलाकात व्यवस्था, महिला बंदियों की समस्याएं, चिकित्सीय सुविधा, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान व अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु जेल प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए।
अब आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता व विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार किया गया। कारागार का निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने बताया कि जेल लोक अदालत का एकमात्र उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा करना है, ताकि बंदियों को राहत मिल सके। इस दौरान तीन विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
सचिव राकेश कादियान ने जेल का निरीक्षण कर बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। जेल में संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया और बताया गया कि बंदी प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मुफ्त अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बंदियों की मुलाकात व्यवस्था, महिला बंदियों की समस्याएं, चिकित्सीय सुविधा, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान व अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु जेल प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए।
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अब आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता व विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।