{"_id":"6ab4c430d2e193f9fd09a4bc","slug":"nine-bus-accidents-on-yamuna-expressway-in-five-years-claimed-13-lives-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"'मौत' का यमुना एक्सप्रेसवे: पांच साल में हुए नौ बस हादसे, 13 की जानें गईं; यहां देखें 2021 से अबतक के आंकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'मौत' का यमुना एक्सप्रेसवे: पांच साल में हुए नौ बस हादसे, 13 की जानें गईं; यहां देखें 2021 से अबतक के आंकड़े
Thu, 24 Sep 2026 12:03 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:03 PM IST
सार
यमुना एक्सप्रेसवे पर बसों की सुरक्षित आवाजाही पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। गौतमबुद्धनगर जिले की सीमा में पिछले पांच वर्षों में बसों से जुड़े नौ प्रमुख हादसे हुए हैं। इन हादसों में 13 लोगों की मौत हुई और 99 लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद जली हुई बस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यमुना एक्सप्रेसवे पर बसों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। गौतमबुद्धनगर जिले की सीमा में पिछले करीब पांच वर्षों में बसों से जुड़े कम से कम नौ प्रमुख हादसे सामने आए हैं। इन हादसों में अब 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 99 लोग घायल हुए हैं। 24 सितंबर 2026 को जेवर क्षेत्र के दयानतपुर के पास स्लीपर बस में आग लगने की घटना में नौ यात्रियों की मौत हुई है। इस हादसे में घायलों की अंतिम संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मृतकों और घायलों का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है।
उपलब्ध घटनाओं की क्रोनोलॉजी देखने पर सामने आता है कि बस हादसों की वजह केवल तेज गति नहीं रही है। अलग-अलग घटनाओं में खड़े वाहन से टक्कर, घना कोहरा, ट्रैक्टर-ट्रॉली और कंटेनर से भिड़ंत, बस का पलटना और क्षमता से अधिक यात्रियों की स्थिति सामने आई है। कई हादसों में डबल डेकर और स्लीपर बसें भी शामिल रही हैं।
2021 में दो हादसे, गई थी छह लोगों की जान
13 फरवरी 2021 को दनकौर क्षेत्र में निजी बस खड़े ट्रक से टकरा गई थी। इसके बाद पीछे से दूसरी बस और कारें भी भिड़ गई थीं। हादसे में 12 लोग घायल हुए थे। 24 अक्तूबर 2021 को जीरो प्वाइंट से करीब पांच किलोमीटर दूर दनकौर क्षेत्र में खराब मिनी बस खड़ी थी। पीछे से कार टकराने के बाद बस से उतर चुके यात्री भी चपेट में आ गए थे। हादसे में दो लोगों की मौत और चार लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
2022 में डबल डेकर बस कंटेनर से टकराई
20 दिसंबर 2022 को गलगोटिया विश्वविद्यालय के पास दनकौर क्षेत्र में डबल डेकर बस कंटेनर से टकराने के बाद एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और 24 लोग घायल हुए थे।
2023 में ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी बस
13 जुलाई 2023 को यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से आगरा जा रही बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में आठ लोग घायल हुए थे। हालांकि इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई थी।
2024 में कोहरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली बने वजह
27 जनवरी 2024 को जेवर क्षेत्र में घने कोहरे के बीच बस, कैंटर और दो कारों की भिड़ंत हो गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और नौ लोग घायल हुए थे। इसके बाद 4 जुलाई को दनकौर क्षेत्र में बीआईसी के पास स्लीपर/डबल डेकर बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई थी। इसमें 13 लोग घायल हुए थे।
2025 में दो बस हादसे
19 जून 2025 को जेवर टोल प्लाजा के पास इटावा से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस कैंटर में पीछे से घुस गई थी। हादसे में 15 यात्री घायल हुए थे। नवंबर 2025 में दनकौर क्षेत्र में दिल्ली से वाराणसी जा रही बस पलट गई थी। हादसे में 14 यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने आई थी। इस घटना में बस में क्षमता से अधिक यात्रियों की बात भी सामने आई थी।
सिर्फ तेज गति नहीं, कई वजहें सामने आईं
पिछले पांच वर्षों की इन घटनाओं को देखें तो बस हादसों के पीछे अलग-अलग परिस्थितियां सामने आई हैं। कहीं बस खड़े वाहन से टकराई तो कहीं कोहरे के कारण कई वाहन आपस में भिड़ गए। कुछ मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और कंटेनर से टक्कर हुई, जबकि एक हादसे में बस पलट गई। स्लीपर और डबल डेकर बसों की दुर्घटनाएं भी इस अवधि में सामने आई हैं। इससे बसों की फिटनेस, चालक की सतर्कता, यात्री क्षमता और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर सवाल उठते हैं।
आंकड़ों में पांच साल
प्रमुख बस हादसे : 9
मृतक : 13
घायल : 99
सबसे अधिक घायल : दिसंबर 2022 में 24
सबसे अधिक मौत : सितंबर 2026 में 9
2021 में : 2 हादसे, 2 मृतक, 16 घायल
2022 में : 1 हादसा, 1 मृतक, 24 घायल
2023 में : 1 हादसा, 0 मृतक, 8 घायल
2024 में : 2 हादसे, 1 मृतक, 22 घायल
2025 में : 2 हादसे, 0 मृतक, 29 घायल
2026 में : 1 हादसा, 9 मृतक, 20 घायल
विज्ञापन
उपलब्ध घटनाओं की क्रोनोलॉजी देखने पर सामने आता है कि बस हादसों की वजह केवल तेज गति नहीं रही है। अलग-अलग घटनाओं में खड़े वाहन से टक्कर, घना कोहरा, ट्रैक्टर-ट्रॉली और कंटेनर से भिड़ंत, बस का पलटना और क्षमता से अधिक यात्रियों की स्थिति सामने आई है। कई हादसों में डबल डेकर और स्लीपर बसें भी शामिल रही हैं।
विज्ञापन
2021 में दो हादसे, गई थी छह लोगों की जान
13 फरवरी 2021 को दनकौर क्षेत्र में निजी बस खड़े ट्रक से टकरा गई थी। इसके बाद पीछे से दूसरी बस और कारें भी भिड़ गई थीं। हादसे में 12 लोग घायल हुए थे। 24 अक्तूबर 2021 को जीरो प्वाइंट से करीब पांच किलोमीटर दूर दनकौर क्षेत्र में खराब मिनी बस खड़ी थी। पीछे से कार टकराने के बाद बस से उतर चुके यात्री भी चपेट में आ गए थे। हादसे में दो लोगों की मौत और चार लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
2022 में डबल डेकर बस कंटेनर से टकराई
20 दिसंबर 2022 को गलगोटिया विश्वविद्यालय के पास दनकौर क्षेत्र में डबल डेकर बस कंटेनर से टकराने के बाद एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और 24 लोग घायल हुए थे।
2023 में ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी बस
13 जुलाई 2023 को यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से आगरा जा रही बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में आठ लोग घायल हुए थे। हालांकि इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई थी।
2024 में कोहरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली बने वजह
27 जनवरी 2024 को जेवर क्षेत्र में घने कोहरे के बीच बस, कैंटर और दो कारों की भिड़ंत हो गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और नौ लोग घायल हुए थे। इसके बाद 4 जुलाई को दनकौर क्षेत्र में बीआईसी के पास स्लीपर/डबल डेकर बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई थी। इसमें 13 लोग घायल हुए थे।
2025 में दो बस हादसे
19 जून 2025 को जेवर टोल प्लाजा के पास इटावा से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस कैंटर में पीछे से घुस गई थी। हादसे में 15 यात्री घायल हुए थे। नवंबर 2025 में दनकौर क्षेत्र में दिल्ली से वाराणसी जा रही बस पलट गई थी। हादसे में 14 यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने आई थी। इस घटना में बस में क्षमता से अधिक यात्रियों की बात भी सामने आई थी।
सिर्फ तेज गति नहीं, कई वजहें सामने आईं
पिछले पांच वर्षों की इन घटनाओं को देखें तो बस हादसों के पीछे अलग-अलग परिस्थितियां सामने आई हैं। कहीं बस खड़े वाहन से टकराई तो कहीं कोहरे के कारण कई वाहन आपस में भिड़ गए। कुछ मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और कंटेनर से टक्कर हुई, जबकि एक हादसे में बस पलट गई। स्लीपर और डबल डेकर बसों की दुर्घटनाएं भी इस अवधि में सामने आई हैं। इससे बसों की फिटनेस, चालक की सतर्कता, यात्री क्षमता और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर सवाल उठते हैं।
आंकड़ों में पांच साल
प्रमुख बस हादसे : 9
मृतक : 13
घायल : 99
सबसे अधिक घायल : दिसंबर 2022 में 24
सबसे अधिक मौत : सितंबर 2026 में 9
2021 में : 2 हादसे, 2 मृतक, 16 घायल
2022 में : 1 हादसा, 1 मृतक, 24 घायल
2023 में : 1 हादसा, 0 मृतक, 8 घायल
2024 में : 2 हादसे, 1 मृतक, 22 घायल
2025 में : 2 हादसे, 0 मृतक, 29 घायल
2026 में : 1 हादसा, 9 मृतक, 20 घायल