दिल्ली के हर जिले में बढ़ी चौकसी: पार्क से लेकर जंगल तक पहुंची पुलिस की गश्त, ब्रिक्स समिट को लेकर अलर्ट
भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली जिले और आयोजन स्थल के आसपास तो सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया ही गया है, राजधानी के दूसरे जिले की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।
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भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली जिले और आयोजन स्थल के आसपास तो सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया ही गया है, राजधानी के दूसरे जिले की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सिर्फ वीवीआईपी रूट और कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रखा है। सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अचानक सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पुलिस के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। कई इलाकों में वरिष्ठ अधिकारी पैदल गश्त कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा उनकी सतर्कता को जांच रहे हैं। खासतौर पर ऐसे पार्क, जंगल, खाली मैदान, नाले के आसपास के इलाके और दूसरे सुनसान स्थानों में गश्त बढ़ाई गई है, जहां आम दिनों में पुलिस की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रहती है। मकसद किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने चाणक्यपुरी स्थित रिज क्षेत्र का निरीक्षण किया, वहीं पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी और उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने जिले के संवेदनशील जगहों पर गश्त कर स्थिति का जायजा लिया।
वाहनों की चेकिंग और संदिग्धों पर नजर
समिट के दौरान पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। प्रमुख सड़कों के अलावा कॉलोनियों के प्रवेश-निकास मार्गों पर भी वाहनों की जांच बढ़ाई गई है। बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध नंबर प्लेट, लंबे समय से खड़े वाहनों और संदिग्ध तरीके से घूम रहे वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिसकर्मियों को स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों, हाल में जेल से बाहर आए आरोपियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस की अन्य राज्यों की पुलिस के साथ बैठक भी हो चुकी है। जिसमें दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के बीच सीमा क्षेत्रों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच तथा खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया है।
पार्क से लेकर बाजार तक पुलिस की मौजूदगी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी जिला पुलिस सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही नहीं, बल्कि भीड़भाड़ वाले बाजारों, मेट्रो के आसपास के क्षेत्रों, होटल और गेस्ट हाउस वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी कर रही है। स्थानीय पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने और बीट स्टाफ के जरिए सूचना तंत्र मजबूत रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि छोटी से छोटी संदिग्ध गतिविधि को भी नजरअंदाज न किया जाए।
सीसीटीवी और खुफिया इनपुट पर भी फोकस
जिला पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के लिए कैमरे लगाए हैं। जिसके जरिए पुलिस संदिग्ध गाड़ियों और लोगों पर निगरानी रख रही है। इसके साथ ही पुलिस इलाके में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तु पर भी नजर रख रही है।