एससी: 9वीं के छात्रों की तीन-भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र बोला- लागू करने पर काम जारी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन-भाषा नीति लागू करने के तरीकों पर काम किया जा रहा है। नीति के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल हैं।
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केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह CBSE की तीन-भाषा नीति को लागू करने के तरीके पर काम कर रही है। इस नीति के तहत 9वीं कक्षा के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को बताया कि CBSE नीति को लागू करने की प्रक्रिया तैयार कर रहा है और इसके लिए कुछ और समय चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया और मामले की सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दी। यह देखते हुए कि बच्चों पर दबाव नहीं पड़ना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए CBSE की तीन-भाषा वाली पॉलिसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान खोजने पर जोर दिया था।
भाषा विकल्पों के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने की जरूरत
कोर्ट ने कहा कि पॉलिसी शुरू करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन याचिकाकर्ताओं की चिंता सिर्फ़ इसे लागू करने के तरीके को लेकर थी।
बेंच ने कहा था, "आप इनमें से कुछ समस्याओं पर फिर से विचार कर सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि देर-सबेर इसे लागू करना ही होगा; इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन इसे कैसे सुव्यवस्थित किया जाए ताकि जो भी रुकावटें या बाधाएं आ रही हैं, उनका समाधान निकाला जा सके?"
बेंच ने कहा था कि एक पहलू जिस पर विचार किया जाना चाहिए, वह यह है कि उपलब्ध भाषा विकल्पों के लिए पर्याप्त मानव संसाधन बुनियादी ढांचा कैसे तैयार किया जाए।
CBSE की तीन-भाषा नीति में क्या बदला?
- 27 मई सुप्रीम कोर्ट ने तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी और केंद्र, CBSE व NCERT को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
- 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य की गई है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी।
- नीति का उद्देश्य CBSE की पढ़ाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 के अनुरूप बनाना है।
- विदेशी भाषा का विकल्प छात्र विदेशी भाषा को तीसरी भाषा के रूप में तभी चुन सकते हैं, जब वे दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हों। इसे चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में भी चुना जा सकता है।
CBSE की तीन-भाषा नीति के तहत 9वीं में R3 भाषा अनिवार्य
सर्कुलर में कहा गया है, "1 जुलाई 2026 से, क्लास 9 के लिए तीन भाषाओं (R1, R2, R3) की पढ़ाई अनिवार्य होगी, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।"
बोर्ड ने कहा कि जब तक R3 के लिए खास तौर पर बनी किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक क्लास 9 के छात्र चुनी हुई भाषा की क्लास 6 की R3 किताबों (2026-27 एडिशन) का इस्तेमाल करेंगे।
CBSE ने कहा कि सीखने पर ध्यान देने और छात्रों पर बेवजह का दबाव कम करने के लिए, क्लास 10 लेवल पर R3 के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं कराई जाएगी।
इसने स्कूलों से यह भी कहा कि वे 30 जून तक OASIS पोर्टल पर क्लास 6 से 9 के लिए अपनी R3 भाषाओं की जानकारी अपडेट करें।
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