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दिल्ली एसओएल को मिलेगा नया कैंपस: ताहिरपुर में बनेगा नया परिसर, 50 एकड़ जमीन आवंटित; जानें क्या होगा खास
Wed, 21 Oct 2026 10:18 AM IST
शिवम तिवारी
रश्मि शर्मा
रश्मि शर्मा
Published by: शिवम तिवारी
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:18 AM IST
सार
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्रों के लिए ताहिरपुर में नया परिसर बनाया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इसके लिए 50 एकड़ जमीन आवंटित की है। दो साल में तैयार होने वाले इस परिसर में बड़े हॉल बनाए जाएंगे, जहां एक साथ कक्षाएं और परीक्षाएं आयोजित होंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी और मौजूदा केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।
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Delhi SOL New Campus
- फोटो : AI Generated
विस्तार
दिल्ली में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों के लिए एक और नया परिसर बनने जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ताहिरपुर में इसके लिए 50 एकड़ जमीन आवंटित की है। इस नए परिसर से छात्रों के लिए कक्षाओं और परीक्षाओं की सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे नियमित कॉलेजों पर निर्भरता कम होगी।
यह नया परिसर दो साल में तैयार करने की योजना है। इसके निर्माण का बजट केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से तैयार कराया जाएगा। यहां बड़े हॉल बनाए जाएंगे। इससे अधिक संख्या में छात्रों की कक्षाएं और परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा सकेंगी। इस विस्तार से पूर्वी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के छात्रों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें कक्षाएं लेने के लिए मुख्य या अन्य केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एसओएल के अभी पश्चिमी, दक्षिणी, उत्तरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली में भी केंद्र हैं। यह नया केंद्र पूर्वी दिल्ली में एसओएल का दूसरा केंद्र होगा।
छात्रों को लाभ और क्षमता वृद्धि : कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक पायल मागो ने बताया कि हर साल स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 1.30 लाख से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं। उन्होंने कहा कि नए केंद्र के बनने से दिल्ली-एनसीआर के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इससे संस्थान की कक्षाएं और परीक्षाएं संचालित करने की क्षमता बढ़ेगी। मागो ने कहा, "हम यहां बड़े हॉल बनाने की योजना बना रहे हैं, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में कक्षाएं व परीक्षाएं आयोजित की जा सकें।" यह केंद्र पूर्वी दिल्ली, उत्तरपूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, वैशाली, गाजियाबाद व साहिबाबाद से दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए होगा।
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यह नया परिसर दो साल में तैयार करने की योजना है। इसके निर्माण का बजट केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से तैयार कराया जाएगा। यहां बड़े हॉल बनाए जाएंगे। इससे अधिक संख्या में छात्रों की कक्षाएं और परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा सकेंगी। इस विस्तार से पूर्वी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के छात्रों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें कक्षाएं लेने के लिए मुख्य या अन्य केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एसओएल के अभी पश्चिमी, दक्षिणी, उत्तरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली में भी केंद्र हैं। यह नया केंद्र पूर्वी दिल्ली में एसओएल का दूसरा केंद्र होगा।
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छात्रों को लाभ और क्षमता वृद्धि : कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक पायल मागो ने बताया कि हर साल स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 1.30 लाख से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं। उन्होंने कहा कि नए केंद्र के बनने से दिल्ली-एनसीआर के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इससे संस्थान की कक्षाएं और परीक्षाएं संचालित करने की क्षमता बढ़ेगी। मागो ने कहा, "हम यहां बड़े हॉल बनाने की योजना बना रहे हैं, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में कक्षाएं व परीक्षाएं आयोजित की जा सकें।" यह केंद्र पूर्वी दिल्ली, उत्तरपूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, वैशाली, गाजियाबाद व साहिबाबाद से दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए होगा।
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