कलकत्ता: स्कूल में पहुंचा पार्सल और पत्र, इस्लाम की पढ़ाई कराने की मांग; पार्सल में क्या था? पढ़ें पूरा मामला
Kolkata: कलकत्ता के एक सरकारी स्कूल में एक पार्सल पहुंचने से मामला पुलिस तक पहुंच गया। पार्सल के साथ स्कूल के पाठ्यक्रम में इस्लाम की शिक्षा और धार्मिक ग्रंथों की पढ़ाई शामिल करने की मांग वाला पत्र भी भेजा गया था। जानें पार्सल में क्या था...
विस्तार
Kolkata: कलकत्ता के जादवपुर विद्यापीठ में 24 सितंबर को कुछ पार्सल पहुंचे। इनमें इस्लाम से जुड़ी धार्मिक किताबें और कुरान की एक प्रति भी थी। पार्सल के साथ एक पत्र भी भेजा गया था। इसमें स्कूल के पाठ्यक्रम में इस्लाम की शिक्षा और धार्मिक ग्रंथों की पढ़ाई शामिल करने का अनुरोध किया गया था।
स्कूल के प्रधानाचार्य पार्थप्रतिम बैद्य ने सोमवार को पीटीआई को बताया कि पार्सल उनके पास पहुंचा था। इसके बाद स्कूल की ओर से जादवपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने 25 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की।
प्रधानाचार्य ने क्या कहा?
प्रधानाचार्य पार्थप्रतिम बैद्य ने कहा, "हम एक जाना-माना सरकारी स्कूल हैं और हमने अपने छात्रों के बीच कभी भी धार्मिक कट्टर विचार नहीं डाले हैं। हम भारत की समावेशिता में विश्वास करते हैं, जहां छात्रों को किसी एक धर्म के सिद्धांत नहीं सिखाए जा सकते। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, मेरा मानना है कि कुछ तत्वों ने परेशानी खड़ी करने के लिए यह पत्र और पार्सल भेजा हो सकता है।"
उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाना पुलिस का काम है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल की इमारत जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के पास है, जहां छात्रों के दो समूहों के बीच पहले टकराव हो चुके हैं। ऐसे में स्कूल किसी तरह की परेशानी नहीं चाहता, क्योंकि यहां हजारों बच्चे पढ़ते हैं।
पुलिस अब क्या पता लगा रही है?
- पुलिस ने पार्सल भेजने वाले का पता लगाने और उसकी पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
- एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता स्कूल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रहे हैं।
- पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पार्सल और पत्र पर जिस व्यक्ति का नाम भेजने वाले के तौर पर लिखा है, उसने वास्तव में यह पार्सल भेजा था या किसी और ने उसके नाम का इस्तेमाल करके इसे भेजा है।
- जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्सल और पत्र के पीछे कौन था और उसे भेजने का उद्देश्य क्या था।
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