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एनईईटी-एसएस 2026: कटऑफ 50 से घटाकर 30 करने पर सहमत केंद्र, सुप्रीम कोर्ट में कहा- खाली हैं 1,857 सीटें

Fri, 18 Sep 2026 10:17 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 18 Sep 2026 10:17 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह नीट-सुपर स्पेशियलिटी कोर्स 2026 के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 30 करने पर सहमत है। सरकार ने कहा कि काउंसलिंग के दूसरे दौर के बाद भी 1,857 सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली हैं।

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NEET-SS 2026: Centre Agrees to Lower Qualifying Percentile from 50 to 30
NEET-SS 2026 - फोटो : AI

विस्तार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह नीट-सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में क्वालिफाइंग परसेंटाइल को 50 से घटाकर 30 करने के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि इससे अधिक उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और खाली सीटों को भरने में मदद मिलेगी।

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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नोट के अनुसार, नीट-सुपर स्पेशियलिटी कोर्स काउंसलिंग के दूसरे दौर के बाद भी 1,857 सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली हैं। इनमें कई सीटें ऐसे मेडिकल और सर्जिकल कोर्सों की हैं, जिनमें दाखिला लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या कम रही है। इसलिए कटऑफ कम करने का प्रस्ताव दिया गया है।

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30 परसेंटाइल करने से 6,000 और उम्मीदवार होंगे पात्र

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, "इस मामले पर संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करके फिर से विचार किया गया है। यह पक्का करने के लिए कि उपलब्ध सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली न रहें और उपलब्ध ट्रेनिंग क्षमता का सही इस्तेमाल हो, यह तय किया गया है कि प्रस्तावित 'स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड' के लिए  नीट-एसएस का क्वालिफाइंग परसेंटाइल मौजूदा 50वें परसेंटाइल से घटाकर 30वां परसेंटाइल कर दिया जाए।"

केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि क्वालिफाइंग परसेंटाइल कम करने से लगभग 6,000 और उम्मीदवार इसमें शामिल होने के लिए योग्य हो जाएंगे।

"इससे अभी खाली सीटों की संख्या के मुकाबले लगभग तीन गुना उम्मीदवार मिल जाएंगे, यानी 1,857 खाली सीटों के मुकाबले लगभग 6,000 योग्य उम्मीदवार होंगे।

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तमिलनाडु की 40 इन-सर्विस सीटें राज्य को लौटेंगी

सरकार ने कहा, "इसके अलावा यह भी तय किया गया कि तमिलनाडु राज्य के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए और खास हालात को देखते हुए, तमिलनाडु की 'इन-सर्विस' (सेवा में कार्यरत डॉक्टरों के लिए) खाली 40 सीटों को राज्य सरकार को वापस सौंप दिया जाएगा, ताकि राज्य एक हफ्ते के लिए अपना खुद का 'स्ट्रे वैकेंसी राउंड' आयोजित करके उसे पूरा कर सके।"

सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि राज्य के 'स्ट्रे वैकेंसी राउंड' के पूरा होने के बाद भी अगर कोई सीट खाली रह जाती है, तो उन्हें मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के पास मौजूद खाली सीटों के पूल में शामिल कर दिया जाएगा। इसके बाद, MCC इन सीटों और अन्य खाली सुपर-स्पेशियलिटी सीटों के लिए 'स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड' आयोजित करके उसे दो हफ्ते में पूरा करेगी। 

इससे पहले, हर साल बड़ी संख्या में सीटों के खाली रह जाने पर चिंता जताते हुए, शीर्ष अदालत ने केंद्र से नीट-सुपर स्पेशियलिटी सीटों के लिए कट-ऑफ परसेंटाइल न घटाने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा था। 

यह बात एक याचिका के जवाब में कही गई थी, जिसमें तमिलनाडु में सरकारी डॉक्टरों (इन-सर्विस) के लिए आरक्षित 152 खाली सुपर-स्पेशियलिटी सीटों को 'ऑल-इंडिया कोटा' में समय से पहले ट्रांसफर करने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

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