RBSE: राजस्थान में 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं सात मार्च से, 5वीं-8वीं में ऑटोमैटिक प्रमोशन खत्म
RBSE Class 9th, 11th Exam 2026: राजस्थान बोर्ड ने कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 7 से 19 मार्च 2026 तक कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही बोर्ड ने परिणाम जारी करने की तारीख भी बता दी है। विस्तृत विवरण नीचे पढ़ सकते हैं।
विस्तार
RBSE Class 9th, 11th Exam 2026: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने साल 2026 की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर अहम अपडेट जारी किया है। बोर्ड की ओर से कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षा तिथियों के साथ-साथ परिणाम की संभावित तारीख भी घोषित कर दी गई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी और 19 मार्च तक चलेंगी, जबकि रिजल्ट 25 मार्च को जारी किया जाएगा।
1 अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव इसलिए किया गया है ताकि नया शैक्षणिक सत्र 2026-2027 समय पर शुरू किया जा सके। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नया अकादमिक सेशन 1 अप्रैल से शुरू होगा, जिसके चलते परीक्षा कैलेंडर में संशोधन किया गया है।
कक्षा 5 और 8 की परीक्षा से जुड़ा बदलाव
इसी बीच राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 5 और 8 की परीक्षाओं के टाइम टेबल में भी आंशिक संशोधन किया है। नए कार्यक्रम के मुताबिक गणित विषय की परीक्षा अब 6 मार्च को आयोजित की जाएगी। कक्षा 5 की गणित परीक्षा दोपहर 1:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।
समग्र परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 8 की परीक्षाएं 19 फरवरी से 4 मार्च तक आयोजित होंगी, जबकि कक्षा 5 की परीक्षाएं 20 फरवरी से 6 मार्च के बीच संपन्न कराई जाएंगी। विभाग ने यह भी बताया है कि मूक-बधिर छात्रों को परीक्षा के दौरान अतिरिक्त 50 मिनट का समय दिया जाएगा।
ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम खत्म
राजस्थान बोर्ड ने शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कक्षा 5 और 8 के लिए ऑटोमैटिक प्रमोशन प्रणाली समाप्त कर दी है। नए नियम के तहत अब छात्रों को अगली कक्षा में जाने के लिए न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र निर्धारित पासिंग मार्क्स प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा।
बोर्ड के अनुसार यह फैसला छात्रों की पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने और स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से छात्रों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो रही थी, जिससे आगे की कक्षाओं में कठिनाइयां बढ़ रही थीं।
संशोधित दिशानिर्देशों में यह भी प्रावधान किया गया है कि न्यूनतम अंक हासिल न करने वाले छात्रों को 45 दिनों के भीतर सुधार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही ऐसे छात्रों के लिए विशेष रिमेडियल कक्षाएं भी चलाई जाएंगी। बोर्ड का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा पढ़ाई की निगरानी बेहतर होगी, जिससे बच्चों का शैक्षणिक स्तर मजबूत होगा।