UPSC रिजल्ट में उलझन: 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह का दावा, असली उम्मीदवार कौन?
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के बाद 301वीं रैंक को लेकर विवाद सामने आया है। वाराणसी और बिहार की दो युवतियों ने इस रैंक का दावा किया है, दोनों का नाम आकांक्षा सिंह। सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। मामले पर यूपीएससी के स्पष्टीकरण का इंतजार है।
विस्तार
Akanksha Singh UPSC: संघ लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार, 6 फरवरी को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया। रिजल्ट घोषित होते ही मेरिट में जगह बनाने वाले अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। हालांकि, परिणाम जारी होने के बाद एक हैरान करने वाला विवाद सामने आया है। परीक्षा में प्राप्त 301वीं रैंक को लेकर दो अलग-अलग युवतियों ने दावा किया है कि यह रैंक उन्हें मिली है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों का नाम आकांक्षा सिंह बताया जा रहा है, जिससे मामला और अधिक उलझ गया है और सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी की निवासी बताई जा रही हैं, जबकि दूसरी बिहार के आरा की रहने वाली हैं। दोनों ही युवतियों ने सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक प्राप्त करने का दावा किया है। एक ही नाम और एक ही रैंक को लेकर किए गए इन दावों ने पूरे मामले को विवाद का रूप दे दिया है।
वाराणसी की आकांक्षा का क्या पक्ष?
विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स का दावा है कि वाराणसी की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने अपने दावे को सही साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। दावे के मुताबिक, उन्होंने अपना एडमिट कार्ड और इंटरव्यू लेटर साझा करते हुए कहा है कि इन दस्तावेजों में दर्ज रोल नंबर वही है जो परिणाम में दिखाई दे रहा है।
यह भी पढ़ें: यूपीएससी सीएसई 2025 के टॉपर्स के चेहरे, पढ़ें इन आने वाले कल के अफसरों की दास्तां
बिहार की आकांक्षा भी कर रही दावा
दूसरी ओर बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह ने भी कहा है कि सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक उन्हीं को प्राप्त हुई है। उनका कहना है कि उन्हें पहले से ही अपने चयन को लेकर भरोसा था। उन्होंने यह भी बताया कि अब उनका लक्ष्य भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जाने का है।
यह भी पढ़ें: मां पढ़कर सुनाती थी, दृष्टिबाधित बेटे ने यूपीएससी में 20वीं रैंक लाकर दिया मेहनत का फल
आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर संघ लोक सेवा आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर 301वीं रैंक की वास्तविक उम्मीदवार कौन है। अब सभी की नजर यूपीएससी के संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी है, जिससे इस विवाद की सच्चाई स्पष्ट हो सके।
कमेंट
कमेंट X