मंटो’ की स्क्रिप्ट बदलना चाहते थे जावेद अख्तर, निर्देशक नंदिता बोलीं, ‘आप फिल्म में एक्टर हैं न की इसके लेखक'
Nandita das on Javed Akhtar: निर्देशक नंदिता दास की फिल्म मंटो को शानदार जीवनी फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म का हिस्सा रहे जावेद अख्तर को लेकर ने नंदिता ने उनकी एक्टिंग के बारे में काफी कुछ बताया।
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अभिनेत्री और निर्देशक नंदिता दास की मंटो दर्शकों को बेहद पसंद आई थी। सआदत हसन मंटों की जीवनी पर बनी यह फिल्म कुछ यादगार जीवनी फिल्मों में गिनी जाती है। लेखक जावेद अख्तर भी इस फिल्म का हिस्सा रहे हैं। इस पर नंदिता ने उनके कैमरे के सामने दिए रिएक्शन पर बात की।
कैमरे के सामने ऐसा था लेखक का हाल
नंदिता दास की 'मंटो' को क्रिटिक्स ने काफी सराहा था। इसी फिल्म में जावेद अख्तर भी शामिल थे। स्क्रीन को दिए अपने इंटरव्यू में नंदिता ने बताया कि पहली बार भी जावेद कैमरे के सामने बिल्कुल भी असहज नहीं थे। वह बिल्कुल स्वाभाविक अभिनय पर रहे थे। फिल्म में जावेद कुछ मिनटों के लिए ही आए मगर उनका किरदार दर्शकों को याद है।
जावेद ने की थी स्क्रिपट बदलने की मांग
फिल्म मंटो के बारे में अपनी बातचीत में नंदिता ने कई बातें साझा की। लंबी स्टार कास्ट वाली इस फिल्म में स्क्रीन राइटर जावेद अख्तर भी शामिल थे। मंटो से वो अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत कर रहे थे। उन्होंने वो पल भी याद किये जब वह फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर जावेद के पास गई थीं। नंदिता ने कहा, ‘मैं फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर जावेद अख्तर से मिलने गई। उन्होंने उसे पढ़ा और सबकुछ बदलने के लिए बोले मगर मैंने उनसे कहा 'जावेद साहब, आप इसमें अभिनेता हैं, आप लेखक नहीं हैं।'
फिल्म मंटो में मशहूर लेखक सआदत हसन मंटों के जीवन के हर पहलू को दिखाया गया। उनके साहित्य के भीतर छुपे हुए आम आदमी के भावों को फिल्म मे बड़े ही करीने से प्रस्तुत किया गया था। बटवारे के दुख और बदहाली से तंग जिंदगियां लिखने के पाछे उनका उद्देश्य फिल्म का प्रमुख चित्रण था। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी, परेश रावल, ऋषि कपूर, नीरज काबी, तिलोत्तमा शोम, रणवीर शौरी और दिव्या दत्ता जैसे कलाकार शामिल थे।