अभिनेत्री से सामाजिक कार्यकर्ता बनीं सोमी अली ने घरेलू हिंसा, मानव तस्करी और शोषण से पीड़ित लोगों की मदद में कई साल बिताए हैं। वह एक एनजीओ भी चलाती हैं। 'तीसरा कौन', 'चुप', 'यार गद्दार', 'आंदोलन', 'माफिया' और 'आओ प्यार करें' जैसी फिल्मों के लिए जानी जाने वाली अली बाद में लाइमलाइट से दूर हो गईं। उन्होंने सामाजिक काम करने के लिए फिल्मों से दूरी बनाई।
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सोमी अली
- फोटो : इंस्टाग्राम@realsomyali
हर रोज आती हैं 30 कॉल
अक्तूबर 'घरेलू हिंसा जागरूकता माह' होता है, लेकिन अली का कहना है कि इस मुद्दे को सिर्फ एक महीने के कैंपेन की तरह नहीं देखा जा सकता। वह कहती हैं कि उनके एनजीओ को रोजाना लगभग 30 कॉल आते हैं और यह पूरे साल काम करता है। सोमी कहती हैं, 'हमारे लिए अक्तूबर किसी कैंपेन की तरह नहीं आता। यह उस महीने के तौर पर आता है जब बाकी दुनिया आखिरकार जोर से वह बात कहती है, जो हमारी हेल्पलाइन पर हर दिन सुनी जाती है।'
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सोमी अली
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सिर्फ जागरुकता काफी नहीं है
सोमी अली आगे कहती हैं, 'घरेलू हिंसा जागरूकता माह वह समय होता है जब अजनबी लोग वह सवाल पूछते हैं जिसे हम हर पल जीते हैं। शोषण कभी छुट्टी नहीं लेता। कॉल भी कभी नहीं रुकते।' अभिनेत्री का मानना है कि सिर्फ जागरूकता से पीड़ित की जिंदगी नहीं बदल सकती। वह कहती हैं, 'पर्पल रिबन लगाना ही असली काम नहीं है। असली काम रिबन वाले दिन के बाद की रात में होता है, जब पीड़ित को आखिरकार यकीन हो जाता है कि वह घर छोड़ सकती है। सिर्फ जागरूकता काफी नहीं है।'
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अभिनेत्री ने क्यों शुरू किया एनजीओ?
अली कहती हैं 'मैंने यह एनजीओ इसलिए शुरू किया क्योंकि मैंने उस खामोशी को खुद महसूस किया था। अपने बचपन में और उन महिलाओं की जिंदगी में जो दूसरे देशों से आकर यहां बसी थीं और जिनके पास ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां उनकी भाषा, उनके वीजा और वापस भेजे जाने के उनके डर को समझा जा सके।'
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सोमी अली
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अभिनेत्री की अपील
वह समाज से यह भी अपील करती हैं कि वे पीड़ितों की बात पर यकीन करें और युवाओं को अच्छे रिश्तों के बारे में सिखाएं। वह कहती हैं, 'पहली रिपोर्ट पर यकीन करें। ज्यादातर महिलाएं बात को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बतातीं, बल्कि वे उसे कम करके बताती हैं। बचाव का काम तो बस पहले घंटे का होता है। ठीक होने में अगला पूरा साल लग जाता है।' वह आगे कहती हैं, 'अक्तूबर वह महीना है जब हम आपसे कहते हैं कि आप मुंह न मोड़ें।'