Exclusive: ‘तीन गुना लगान...’ वाले कैप्टन रसेल कैसे बने थे पॉल ब्लैकथॉर्न? 25 साल बाद सुनाए अनसुने किस्से
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Lagaan Actor Paul Blackthorne Exclusive Interview: आज फिल्म ‘लगान’ को 25 साल पूरे हो चुके हैं। इस फिल्म में एक ब्रिटिश एक्टर पॉल ब्लैकथॉर्न भी नजर आए थे, उन्होंने कैप्टन रसेल का रोल किया था। अमर उजाला से फिल्म ‘लगान’ से जुड़े किस्से पॉल ब्लैकथॉर्न ने साझा किए हैं।
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विस्तार
आज फिल्म लगान को पूरे 25 साल हो गए। साल 2001 में आई इस फिल्म ने सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल नहीं की थी बल्कि भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई थी। गांव की कहानी, क्रिकेट का मुकाबला और अंग्रेजों के खिलाफ एक संघर्ष और जिद की कहानी 'लगान' ने कही थी।
इस फिल्म में अंग्रेज अफसर कैप्टन रसेल बने पॉल ब्लैकथॉर्न का एक डायलॉग आज भी लोगों के जेहन में ताजा है- ‘अगर तुम लोग यह मुकाबला हार गए तो तुम्हें देना होगा तीन गुना लगान।’ 25 साल बाद पॉल ब्लैकथॉर्न आज भी उस दौर को बड़े प्यार से याद करते हैं। अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में उन्होंने ‘लगान’ के सेट से जुड़े कई ऐसे किस्से सुनाए। जो इतने साल बाद भी उनके जेहन में बिल्कुल ताजा हैं। सुनिए वो किस्से पॉल ब्लैकथॉर्न की जुबानी-
बहुत खास थी आमिर खान से पहली मुलाकात
मुझे पता था कि आमिर खान बहुत बड़े स्टार हैं। लेकिन मैं हमेशा मानता हूं कि किसी इंसान की असली पहचान उसका स्टार होना नहीं है। बात यह मायने रखती है कि वह इंसान कैसा है? मैं लंदन के एक होटल के कमरे में उनसे मिला था। जब आमिर को देखा तो बस देखता रह गया। उनकी पर्सनैलिटी में एक अलग ठहराव था। जिस तरह वह वहां मौजूद लोगों से बात कर रहे थे, उसी वक्त मैंने सोचा कि यह आदमी अलग है। मैंने मन में सोच लिया कि इनके साथ काम करना है। शायद उसी पहली मुलाकात में मुझे समझ आ गया था कि मैं किसी साधारण फिल्म का हिस्सा नहीं बनने वाला हूं।
स्क्रिप्ट पढ़ते ही लगा था कि कहानी में कुछ अलग बात है
जब पहली बार मैंने ‘लगान’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे तुरंत लगा कि यह बाकी फिल्मों जैसी नहीं है। कहानी लंबी थी। बहुत सारे किरदार थे। लेकिन उसमें कुछ अलग बात थी। मुझे लगा था कि कुछ अच्छा बनने वाला है। लेकिन अगर उस वक्त कोई कहता कि 25 साल बाद भी लोग इसे इतने प्यार से याद करेंगे, तो शायद मैं यकीन नहीं करता।
शूटिंग शुरू होने के बाद उन्हें धीरे-धीरे चीजें समझ आने लगी थीं। जब आप इतने बड़े सेट देखते हैं, इतने सारे कलाकारों को साथ काम करते देखते हैं, कैमरे का काम देखते हैं, तब महसूस होने लगता है कि यहां कुछ बड़ा बन रहा है। लेकिन सच कहूं, तब भी अंदाजा नहीं था कि यह फिल्म आगे चलकर इतिहास बनाएगी।
रेगिस्तान के बीच एआर रहमान का संगीत गूंज रहा था
मुझे याद है कि आमिर खान एक दिन आए और बोले कि आज एआर रहमान हमें फिल्म का संगीत सुनाने आने वाले हैं। हम क्रिकेट मैदान में थे। बड़े-बड़े स्पीकर लगाए गए थे और पूरी टीम वहीं थी। फिर जैसे ही म्यूजिक बजना शुरू हुआ, मेरे लिए सब कुछ बदल गया। रेगिस्तान के बीच वह संगीत गूंज रहा था और मैं बस सुन रहा था। उसी पल लगा कि यह फिल्म धीरे-धीरे वैसी बन रही है, जैसा हम सोच भी नहीं सकते थे। उस वक्त लगने लगा था कि हम कुछ खास बना रहे हैं। तभी पहली बार लगा कि हम कुछ बहुत बड़ा बना रहे हैं।’
‘तीन गुना लगान’ वाला सीन करना आसान नहीं था
‘तीन गुना लगान’ वाले सीन की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले आमिर मेरे पास आए थे। उन्होंने कहा था कि यह फिल्म का बहुत अहम पल है, क्योंकि पूरी कहानी यहीं से बदलने वाली है। जैसे ही मैंने उनकी बात सुनी, मुझे अचानक उस सीन का वजन महसूस होने लगा। मैं कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल शांत हो गया था। मुझे लगा कि अब यह बिल्कुल सही करना होगा। क्योंकि सेट पर हर कोई जानता था कि हम फिल्म के सबसे अहम दृश्यों में से एक को शूट कर रहे हैं।
जब पहला पोस्टर देखा तो हम सब बस एक-दूसरे को देखते रह गए
हम सबने मिलकर ‘लगान’ का पोस्टर खोला था। धीरे-धीरे पूरा डिजाइन सामने आ रहा था। फिर आखिर में आमिर का चेहरा दिखा। मुझे याद है, कुछ पल तो कमरे में कोई कुछ नहीं बोला। हम बस पोस्टर देखते रहे। फिर हमने एक-दूसरे की तरफ देखा। उसी वक्त लगा कि यह फिल्म सच में बहुत बड़ी होने वाली है।’
दोस्त फिल्म देखकर हैरान रह गए थे
मैं अपने दोस्तों को फिल्म ‘लगान’ दिखाने लेकर गया था। मैंने पहले ही उनसे कह दिया था कि देखो, फिल्म लंबी है। बॉलीवुड फिल्म है। बीच में इंटरवल भी आएगा। लेकिन फिल्म खत्म होने के बाद सबका रिएक्शन देखकर मैं खुद हैरान रह गए थे। मेरे दोस्त बाहर आए। वे बस मुझे देखते रहे। फिर उन्होंने कहा कि आखिर तुम लोगों ने बनाया क्या है? यह तो कमाल है। उसी दिन मुझे लगा कि यह फिल्म सिर्फ भारत के लिए नहीं बनी। यह हर जगह लोगों के दिलों को छू सकती है।
मुझे ‘लगान’ पर बहुत गर्व होता है
मैंने अपने करियर में बहुत काम किया है। कई प्रोजेक्ट किए हैं। लेकिन अगर कोई मुझसे पूछे कि किस काम पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है, तो मेरा जवाब हमेशा एक ही रहेगा- ‘लगान’। आज भी मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस फिल्म का हिस्सा था।
भारत आना मेरे लिए खास अनुभव था
90 के दशक में इंग्लैंड में मेरे बहुत सारे दोस्त भारत घूमने आते थे। मैं हमेशा सोचता था कि एक दिन मैं भी यहां आऊंगा। फिर ‘लगान’ मिली और मैंने सोचा इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा। मैंने तय किया कि पहले फिल्म करूंगा और फिर भारत को करीब से देखूंगा। शूटिंग खत्म होने के बाद मैं दक्षिण भारत गया, घूमता रहा और लोगों से मिला। सच कहूं तो मेरे लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, यह मेरी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी थी।